लालकृष्ण आडवाणी की इस वायरल तस्वीर के पीछे किसकी साजिश है?
कुछ लोग ये भी क्लेम कर रहे हैं कि खुद आडवाणी जी ने ऐसा किया है.
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अमित शाह, पीएम नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण आडवाणी.
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कसम जियो अनलिमिटेड डेटा की, इतनी तेजी से सिर्फ प्रिया प्रकाश वरियर को वायरल होते देखा था. प्रिया ने सिर्फ आंख मारी थी, आडवाणी जी ने तो जान मार दी है कुछ लोगों की. जिसको देखो दनादन ये वाली फोटो शेयर कर रहा है. जिसमें सामने दीन हीन से आडवाणी हाथ जोड़े खड़े हैं. सामने मोदी जी तने खड़े हैं. उनके पीछे अमित शाह दिख रहे हैं. फोटो देखते ही आदमी गुस्सा हो जाए कि कैसा आदमी है, बुजुर्ग की इज्जत नहीं कर रहा. देखो फोटो और कैप्शनवा.

इत्ता वायरल हो गया इत्ता वायरल हो गया

बहुत वायरल
यहां तक कि एक अखबार ने भी इसी फोटो को अपने प्रिंट में जगह दी.

अखबार में भी आडवाणी जी
ये वाली फोटो जब वायरल हुई तो जितने भी सरकार और मोदी विरोधी खेमे के लोग थे उन्होंने आग की तरह फैला दिया. ज्यादातर लोग जोक्स लिख रहे हैं. वो जरूरी भी है क्योंकि मोदी जी ने खुद कहा है ह्यूमर खतम नहीं होना चाहिए. लेकिन हर कोई हंसने के लिए तो पैदा हुआ नहीं है. कुछ लोग हमेशा चिरौंजी जैसा मुंह बनाए रखने के लिए भी अवतरित होते हैं. उन्होंने तुरंत एक नई फोटो पेश की और कहा कि लोग कुछ सेकेंड के अंतर से खींची हुई फोटो गलत कैप्शन के साथ फैला रहे हैं. बात ये सही है, लेकिन उनको सोशल मीडिया पर ही जवाब भी मिल गया. उस खेमे ने भी आधी-आधी- क्लिप्स निकालकर बहुत ट्रोल किया है कांग्रेस को. "इधर से आलू डालो, उधर से सोना निकलेगा" वाला डायलॉग याद ही होगा. तो इनको इनके किए की सज़ा मिल रही है, ऐसी बातें भी कही गईं.

असलियत सामने आ ही जाती है
अब पब्लिक प्लेस में दोनों फोटोज अवैलेबल हैं. दोनों तरफ के लोग अपनी भड़ास निकाल रहे हैं. लेकिन इस एंगल की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा. हमारे घर के बुजुर्गों को ऐसे आग लगाकर तमाशा देखने में बहुत आनंद आता है. खास तौर से जब उनको किसी काम में न लगाकर मार्गदर्शक मंडल में बिठा दिया जाए. आडवाणी जी खाली बैठे थे तो सोचा चलो मजे लेते हैं. बस उन्होंने 10 सेकेंड एक्स्ट्रा हाथ जोड़ दिए. बाकी काम उनके दयनीय भाव लिये हुए फेसकट ने कर दिया. उनको पता था कि मोदी जी में अब इतनी एस टी आर ई ए एन एच यानी स्ट्रेंथ नहीं बची है कि वो उतनी देर तक हाथ जोड़ सकें. लोग मोदी जी पर पिल पड़े. अब कुछ लोग इसको आडवाणी जी की साजिश भी कह सकते हैं. वो पीएम इन वेटिंग बनने का बदला ले रहे हैं. खैर, वजह कुछ भी हो. सच तो ये है कि ज्वलनशील लोगों ने गलत फोटो फैलाई है. दैट्स ऑल मी लॉर्ड.
ये वीडियो देख लो ताकि पता रहे हनुमान जी सब देख रहे हैं:

इत्ता वायरल हो गया इत्ता वायरल हो गया

बहुत वायरल
यहां तक कि एक अखबार ने भी इसी फोटो को अपने प्रिंट में जगह दी.

अखबार में भी आडवाणी जी
ये वाली फोटो जब वायरल हुई तो जितने भी सरकार और मोदी विरोधी खेमे के लोग थे उन्होंने आग की तरह फैला दिया. ज्यादातर लोग जोक्स लिख रहे हैं. वो जरूरी भी है क्योंकि मोदी जी ने खुद कहा है ह्यूमर खतम नहीं होना चाहिए. लेकिन हर कोई हंसने के लिए तो पैदा हुआ नहीं है. कुछ लोग हमेशा चिरौंजी जैसा मुंह बनाए रखने के लिए भी अवतरित होते हैं. उन्होंने तुरंत एक नई फोटो पेश की और कहा कि लोग कुछ सेकेंड के अंतर से खींची हुई फोटो गलत कैप्शन के साथ फैला रहे हैं. बात ये सही है, लेकिन उनको सोशल मीडिया पर ही जवाब भी मिल गया. उस खेमे ने भी आधी-आधी- क्लिप्स निकालकर बहुत ट्रोल किया है कांग्रेस को. "इधर से आलू डालो, उधर से सोना निकलेगा" वाला डायलॉग याद ही होगा. तो इनको इनके किए की सज़ा मिल रही है, ऐसी बातें भी कही गईं.

असलियत सामने आ ही जाती है
अब पब्लिक प्लेस में दोनों फोटोज अवैलेबल हैं. दोनों तरफ के लोग अपनी भड़ास निकाल रहे हैं. लेकिन इस एंगल की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा. हमारे घर के बुजुर्गों को ऐसे आग लगाकर तमाशा देखने में बहुत आनंद आता है. खास तौर से जब उनको किसी काम में न लगाकर मार्गदर्शक मंडल में बिठा दिया जाए. आडवाणी जी खाली बैठे थे तो सोचा चलो मजे लेते हैं. बस उन्होंने 10 सेकेंड एक्स्ट्रा हाथ जोड़ दिए. बाकी काम उनके दयनीय भाव लिये हुए फेसकट ने कर दिया. उनको पता था कि मोदी जी में अब इतनी एस टी आर ई ए एन एच यानी स्ट्रेंथ नहीं बची है कि वो उतनी देर तक हाथ जोड़ सकें. लोग मोदी जी पर पिल पड़े. अब कुछ लोग इसको आडवाणी जी की साजिश भी कह सकते हैं. वो पीएम इन वेटिंग बनने का बदला ले रहे हैं. खैर, वजह कुछ भी हो. सच तो ये है कि ज्वलनशील लोगों ने गलत फोटो फैलाई है. दैट्स ऑल मी लॉर्ड.
ये वीडियो देख लो ताकि पता रहे हनुमान जी सब देख रहे हैं:

