तो मेहरबान-कदरदान-साहिबान... सबसे पहले तो 2 मिनट का साइलेंस TikTok के लिए.--------------------------------------------------------------------------------गूगल और एपल ने अपने प्लैटफॉर्म से TikTok को डिलीट कर दिया है. मतलब अब इन दोनोंप्लैटफॉर्म से कोई भी TikTok डाउनलोड नहीं कर सकता. दोनों कंपनियों ने हाईकोर्ट औरभारत सरकार के आदेशों को मानते हुए ये कदम उठाया है. मंगलवार देर रात तक तो दोनोंप्लैटफॉर्म पर ये एप्लिकेशन मौजूद था लेकिन बुधवार सुबह हटा लिया गया. यानी कि फुलस्टॉप.अब कंपनी ने पहले इस पर क्या कहा, भारत सरकार का क्या टेक था, मद्रास हाईकोर्ट नेइस पर क्या टिप्पणी की थी. ये सारी बातें तो हो गई.अब आते हैं उन लोगों पर जो TikTok पर वीडियो बनाते थे. बताइये, सरकार ने तो उनबेचारों का करियर ही खत्म कर दिया. शुरू होने से पहले ही. तो दोस्तों आज हम बातकरेंगे कि TikTok के बैन होने से भारत को 5 बड़े नुकसान क्या-क्या होने वाले हैं -1# सरकार का बुर्जुआ कदम - ये सरकार का एक बुर्जुआ कदम ही तो ठहरा. क्यूंकि इसफैसले ने उन उभरते हुए सितारों का करियर समाप्त कर दिया, जो दिन भर टिक-टॉक परवीडियो बनाते. पहले वहां पर लाइक्स पाते फिर वहां पर बने वीडियोज़ को व्हाट्स अप,फेसबुक और इंस्टाग्राम पर एक्सपोर्ट कर विदेशी मुद्रा लाइक्स भी अर्जित करते. यूंएक टिक-टॉक ही तो था सेलिब्रिटीज़ के पिरामिड में सर्वहाराओं वाली रैंक के लिए.2# प्रतिभा पलायन - TikTok के भारत में 12 करोड़ यूज़र्स हैं. संभावना है कि वोचीन की तरफ चले जाए. मोदी जी के मेड इन इंडिया को एक बड़ा झटका. 3# जॉबलेस इकॉनमी - बेरोजगारों की संख्या में भारी इज़ाफा हो जाएगा. क्यूंकि जब पकौड़े तलना रोज़गार हैतो टिक-टॉकियाना भी तो सेलिब्रिटी बनने की इंटर्नशिप है. भारत सरकार कीअर्थव्यवस्था बिगड़ जाएगी, एक तो वित्त मंत्री अरुण जेटली पहले ही बेरोजगारी भत्तानहीं दे पा रहे थे. अब बेरोजगारी और बढ़ने से सरकार पर और भत्ता देने का नैतिक दबावबढ़ जाएगा. 4# डीमॉनेटाईज़ेशन 2.0 - नोटबंदी से भी बड़ा नुकसान है ये. अब सोचिएनोटबंदी ने तो कभी 12 करोड़ लोगों को बेरोज़गार नहीं किया, लेकिन TikTok ने करदिया. अब चुनाव का समय है तो सरकार को इसकी नैतिक ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए. बताइये,लेनी चइये कि नहीं! 5# धरना-प्रदर्शनों में बढ़ोतरी देश में चुनाव चल रहे हैं, लोगपहले से ही रैली और भाषणों से परेशान है. वैसे में 12 करोड़ लोगों के एक झटके मेंबेरोज़गार होने की वजह से धरना प्रदर्शनों की भी संख्या में बढ़ोतरी की आशंका बढ़गई है. ये पुलिस प्रशासन के लिए चिंता की बात है, क्योंकि दोनों चीजें उन्हें हीमैनेज करना होता है. इस नुकसान को भी बड़े नुकसान में रख सकते हैं.ये तो हुई नुकसान की बात, अब TikTok यूज़र्स की भी बात कर लेते हैं, जो इस फैसले केबाद दीवार पर सिर मार रहे हैं. बुधवार की सुबह खबर मिलने के बाद एक भाई ने TikTokयूजर्स से पूछा कि कईसन हो भईया, तो जवाब कुछ ऐसा मिला:देखिए कैसे भड़के हुए हैं टिकटॉक यूजर्स.अब इस फैसले के बाद एक बच्चा बड़ा चुप-चुप मासूम सा इधर-उधक भटक रहा था. बच्चे काउतरा हुआ चेहरा देखकर मां खुद को रोक नहीं पाई, फिर उन्होंने कुछ ऐसा पूछा लिया:बच्चे क चुपचाप देखकर मां को कुछ ऐसी चिंता हुई.बुधवार सुबह-सुबह इतनी बड़ी घटना घटने के बाद TikTok यूज़र्स कुछ इस तरह हरचौक-चौराहे पर दिख रहे हैं.हर चौक-चौराहे पर TikTok यूजर्स कुछ ऐसे ही दिख रहे हैं.कई घरों के छत पर कुछ TikTok यूजर्स इस तरह भी दिख रहे हैं. उन लोगों में भारीनाराज़गी है.मतलब ठीक चुनाव के बीच में सरकार को ऐसा नहीं करना चाहिए था.ज़िंदगी बरबाद हो गिया.TikTok यूजर्स में भारी गुस्सा है. अब कुछ खबरें ऐसी भी आ रही है कि कुछ यूजर्सधरना प्रदर्शन करने जा रहे हैं. बैन के फैसले पर सवाल भी उठाने जा रहे हैं.बैन के फैसले पर सवाल भी उठा रहे हैं यूज़र्सअगर सीरियस होकर देखें तो कुछ टिकटॉक यूजर्स इस फैसले से वाकई बहुत नाराज़ है. उनकाकहना है कि जब आप योग्य हों और लोग आपकी योग्यता ना पहचाने तो दुख पहुंचता है. अबक्या बताए इस फैसले से हमें भी भी दुख पहुंचा है. कैसे साबित करें समझ में नहीं आरहा है, सीना चीर के दिखाए का?बाकी ये तो आपको पता ही है कि मद्रास हाईकोर्ट की मदुरई बेंच ने 3 अप्रैल कोTikTok पर रोक लगाने का आदेश दिया था. कोर्ट का कहना था कि इस एप से पोर्नोग्राफीको बढ़ावा मिल रहा है, इसीलिए इसे जल्द से जल्द बंद किया जाए. फिर TikTok वाले इसमामले को सुप्रीम कोर्ट लेकर गए. सुप्रीम कोर्ट ने भी ये कहते हुए मामला खारिज करदिया कि अभी ये कोर्ट में सुनवाई चल ही रही है, इसलिए वो इस पर फैसला नहीं दे सकते.मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होनी है. दूसरी तरफ भारत सरकार ने भी गूगल औरएपल को लेटर भेजकर इसे प्लेस्टोर से हटाने के लिए कहा था. जिसके बाद बुधवार को दोनों प्लैटफॉर्म से इस एप को हटा लिया गया.बाकी इतना तो आप समझदार हैं ही कि मजाक को समझते होंगे. कोर्ट की बातें हटाकर सारीबातें सिर्फ सटायर और मज़ाक के उद्देश्य से लिखी गई है, तस्वीरें भी सोशल मीडिया सेली गई हैं, ताकि आप भी मुस्कुरा सकें और इस खबर को शेयर करके दूसरों को भीमुस्कुराने का मौका दे सकें.--------------------------------------------------------------------------------