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लखनऊ में 17 साल की संस्कृति राय मार दी गई, यूपी पुलिस पांच दिन से अंधेरे में

लखनऊ जैसे शहर में घर से तीन किलोमीटर दूर स्टेशन भी नहीं पहुंच सकी संस्कृति.

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26 जून 2018 (अपडेटेड: 26 जून 2018, 08:23 AM IST)
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संस्कृति राय की हत्या के पांच दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं.
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यूपी की राजधानी लखनऊ और उसके आस-पास के जिलों के लोगों की ओर से सोशल मीडिया पर एक कैंपेन चलाया जा रहा है जस्टिस फॉर संस्कृति राय. #Justice _for _sanskriti _rai हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर लोग यूपी सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पुलिस पर सवालिया निशान लगा रहे हैं और इसकी वजह राजधानी लखनऊ में 22 जून 2018 को हुई 17 साल की एक लड़की की हत्या है, जिसका नाम था संस्कृति राय. उसे अपने घर से मात्र तीन किलोमीटर दूर स्टेशन पर जाना था, लेकिन वो वहां नहीं पहुंच सकी. अगले दिन झाड़ियों में उसकी लाश मिली, जिसके बाद यूपी पुलिस और योगी आदित्यनाथ पर लोगों का गुस्सा भड़क गया.
क्या हुआ था कि लोग सड़कों पर आ गए?

यूपी में योगीराज को जंगलराज बताते हुए लोग सड़कों पर उतरे हैं और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.

पू्र्वी उत्तर प्रदेश का एक जिला है बलिया. वहां पर एक जगह है फेफना. फेफना के भगवानपुर गांव के रहने वाले वकील उमेश कुमार राय की 17 साल की छोटी बेटी संस्कृति राय लखनऊ में पॉलिटेक्निक कॉलेज में सेकेंड ईयर में पढ़ती थी. फर्स्ट ईयर में वो हॉस्टल में रही थी, लेकिन सेकेंड ईयर में उसे हॉस्टल नहीं मिला. इसके बाद वो इंदिरानगर में सेक्टर 19 में राजेंद्र अरोड़ा के मकान में किराए पर रहने लगी. पांच जून को संस्कृति भावनगर अपने घर गई थी. सात जून को उसका प्रैक्टिकल होना था, लेकिन वो छह जून को ही लखनऊ पहुंच गई थी. परीक्षाएं खत्म होने के बाद संस्कृति 21 जून रात अपने घर जाने वाली थी. उसने अपनी मां नीलम को फोन करके कहा था कि वो घर आ रही है. इसके लिए उसे बादशाहनगर से ट्रेन पकड़नी थी. उसके साथ उसकी चंदौली की रहने वाली दोस्त पुष्पांजलि को भी जाना था. लेकिन संस्कृति स्टेशन पर नहीं पहुंची. इसके पुष्पांजलि ने संस्कृति को फोन किया तो उसका फोन बंद था. इसके बाद पुष्पांजलि ने एक और सहेली को फोन कर बताया कि संस्कृति स्टेशन पर भी नहीं आई है और उसका फोन भी बंद है. इसके बाद उस सहेली ने संस्कृति के पिता उमेश कुमार को रात के 9 बजकर 52 मिनट पर फोन किया. परेशान पिता ने लखनऊ में रहने वाले एक रिश्तेदार को फोन किया और पूरी बात बताई. इसके बाद रात में ही वो रिश्तेदार गाजीपुर थाने के  इंस्पेक्टर सुजीत राय के पास पहुंचा. गाजीपुर थाने के इंस्पेक्टर ने संस्कृति के पिता उमेश से बात की और अनहोनी की आशंका जताई.
झाड़ियों में मिली थी संस्कृति

सोशल मीडिया पर जस्टिस फॉर संस्कृति राय नाम से कैंपेन चलाया जा रहा है, लेकिन अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है.

अगले दिन 22 जून की दोपहर करीब 12 बजे घैला गांव की रहने वाली एक महिला प्रेमा ने झाड़ियों में एक लड़की को गंभीर हालत में देखा. उसने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उसे ट्रॉमा सेंटर लेकर गई. ट्रॉमा सेंटर में पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. लड़की के पास मोबाइल, पर्स या कोई ऐसे कागजात नहीं थे, जिससे पुलिस उसकी पहचान कर पाती. इसके बाद पुलिस ने उसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी. गाजीपुर के इंस्पेक्टर सुजीत राय ने उस लड़की की शिनाख्त बलिया के फेफना के रहने वाले संस्कृति राय के तौर पर की. प्राथमिक जांच में इंस्पेक्टर मडियांव अमरनाथ वर्मा ने बताया कि लूट के इरादे से संस्कृति राय की हत्या की गई है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आस-पास खून के छीटें पड़े थे और ऐसा लग रहा था कि संस्कृति ने खुद के बचाव के लिए खूब हाथ-पैर मारे हैं.
सर्विलांस पर लिए गए हैं कई मोबाइल नंबर

संस्कृति को इंंसाफ दिलाने के लिए लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इनमें संस्कृति के पॉलिटेक्निक कॉलेज के साथी भी शामिल हैं, जो प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे हैं.

हत्या के चार दिन के बाद भी लखनऊ पुलिस के हाथ कुछ खास नहीं लगा है. पुलिस के मुताबिक कुछ मोबाइल नंबर हैं, जिन्हें सर्विलांस पर लगाकर जांच की जा रही है. एक नंबर पर संस्कृति की लंबी बातें होती थी. उसकी भी जांच की जा रही है. एसएसपी दीपक कुमार के मुताबिक पुलिस को संस्कृति राय आईआईएम रोड पर मिली थी, जबकि उसे बादशाह नगर रेलवे स्टेशन जाना था. इसकी जांच के लिए पुलिस पॉलिटेक्निक से मुंशीपुलिया, टेढ़ीपुलिया और आईआईएम रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज तलाश रही है और उसकी जांच कर रही है. एसएसपी दीपक कुमार के मुताबिक चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस को संस्कृति के किसी करीबी पर ही शक है, लेकिन अभी तक पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है.
सोशल मीडिया से सड़क तक पर इंसाफ की मांग
We want justice for Sanskriti Rai.. culprit should be behind the bars.
Posted by Government Polytechnic Lucknow
on Sunday, 24 June 2018
संस्कृति राय की हत्या के बाद सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक पर उसे इंसाफ दिलाए जाने की गुहार लगाई जा रही है. पुलिस के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है. लोग पुलिस और योगी सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं. इसके अलावा सियासी दलों ने भी संस्कृति राय को इंसाफ दिलाने के लिए योगी सरकार पर हमला बोला है. प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लेकर बलिया तक लोग सड़क पर कैंडल मार्च निकालकर उसके लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं.


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