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जम्मू-कश्मीर के LG को 25 लाख लोन दिया , PMO के नाम पर ठगता था, संजय का एक और किस्सा

संजय प्रकाश राय पर दिग्गज नेताओं से कनेक्शन बताकर ठगी करने का आरोप है.

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29 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 29 अप्रैल 2023, 01:06 PM IST)
Sanjay Prakash Rai, who has been arrested by the UP STF on the charges of cheating, had lent Rs 25 lakh to BJP Manoj Sinha.
मनोज सिन्हा (दाएं) के चुनावी हलफनामे में संजय राय (बाएं) का नाम है, जिसे UP STF ने गिरफ्तार किया है. (फोटो: आजतक)
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उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने हाल ही में संजय प्रकाश राय 'शेरपुरिया' नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि संजय प्रकाश राय दिग्गज नेताओं से कनेक्शन बताकर जालसाजी को अंजाम देता था. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक वो कहता था कि उसकी प्रधानमंत्री कार्यालय में जान-पहचान है. खबर के मुताबिक पकड़े गए संजय राय ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले मनोज सिन्हा को 25 लाख रुपये उधार दिए थे. मनोज सिन्हा ने अपने चुनावी हलफनामे में इसे “असुरक्षित” लोन बताया था. 

मनोज सिन्हा के हलफनामे में 'शेरपुरिया' का नाम

मनोज सिन्हा 2014 में यूपी के गाजीपुर से लोकसभा चुनाव जीते थे. लेकिन 2019 में वह बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उम्मीदवार अफजाल अंसारी से हार गए थे. मनोज सिन्हा को साल 2020 में जम्मू-कश्मीर का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया था. मनोज सिन्हा के 2019 के लोकसभा चुनाव हलफनामे में 57 लाख रुपये तक के पांच "असुरक्षित" लोन का जिक्र है. इसमें संजय राय की ओर से दिया गया लोन सबसे अधिक (25 लाख रुपये) है. इसके अलावा चार अन्य लोगों की ओर से 3 लाख रुपये, 6 लाख रुपये, 8 लाख रुपये और 15 लाख रुपये के कर्ज हैं.

मनोज सिन्हा, जो 1996 और 1999 में गाजीपुर से सांसद चुने गए थे, 2019 में लोकसभा चुनाव हारने के बाद भी इस क्षेत्र में राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय थे. लेकिन जम्मू-कश्मीर का उपराज्यपाल बनने के बाद, अपनी संवैधानिक स्थिति को देखते हुए, वे पार्टी की गतिविधियों से दूर रहे हैं.

BJP से प्रकाश राय का क्या कनेक्शन है?

इंडियन एक्सप्रेस की ओर से मनोज सिन्हा को प्रकाश राय से कर्ज लेने के मामले में सवाल भेजा गया था. हालांकि, वे टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे. रिपोर्ट के मुताबिक मनोज सिन्हा के एक करीबी सूत्र ने दावा किया कि सिन्हा का 2015-16 से प्रकाश राय के साथ कोई संपर्क नहीं है.

सूत्र ने बताया कि LG की ओर से प्रकाश राय को पैसा वापस करने की कोशिश की गई थी, लेकिन उससे संपर्क नहीं हो सका. वहीं गाजीपुर में BJP के जिला अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने बताया,

"(प्रकाश) राय न तो BJP के सदस्य हैं और न ही कोई पदाधिकारी. वह गाजीपुर आते थे और हमसे मिलते थे, लेकिन उनका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है."

वहीं रिपोर्ट के मुताबिक वाराणसी के एक BJP नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रकाश राय को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से निकटता के लिए जाना जाता था. BJP नेता के मुताबिक जब भी प्रकाश राय वाराणसी आता, स्थानीय पार्टी नेता उससे मिलते थे.

वीडियो: ED से बचाने के नाम पर संजय शेरपुरिया पर जालसाजी का आरोप, BJP के बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें वायरल

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