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संभल में पहले मंदिर, अब खुदाई के दौरान मिली रानी की बावड़ी, और क्या ढूंढ रहे अधिकारी?

Chandausi: शनिवार, 21 दिसंबर को राजस्व विभाग को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. दरअसल संभल में खुदाई के दौरान उन्हें जमीन के नीचे एक विशालकाय बावड़ी मिली है. जिसमें कई कमरेनुमा आकृतियां दिख रही हैं. अधिकारियों ने क्या-क्या बताया है?

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22 दिसंबर 2024 (पब्लिश्ड: 04:12 PM IST)
sambhal Rani stepwell found during digging well with jcb in Chandausi
संभल के चंदौसी में जमीन के अंदर एक विशाल बावड़ी मिली है (फोटो: आजतक)
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उत्तर प्रदेश के संंभल (Sambhal) जिले पर इन दिनों पूरे देश की नजर है. आए दिन यहां कोई ना कोई नया खुलासा हो रहा है. पिछले एक हफ्ते में यहां बंद पड़े दो मंदिरों के ताले खोले गए हैं. इसी बीच संभल के चंदौसी (Chandausi) में शनिवार, 21 दिसंबर को राजस्व विभाग को खुदाई के दौरान जमीन के नीचे एक विशालकाय बावड़ी मिली है. जिसमें कई कमरेनुमा आकृतियां दिख रही हैं. चंदौसी का लक्ष्मणगंज क्षेत्र 1857 से पहले हिंदू बाहुल्य क्षेत्र था और यहां सैनी समाज के लोग रहते थे. हालांकि अब यह मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है.

DM से की थी शिकायत

आजतक के रिपोर्टर अतुल कुमार के मुताबिक, संभल में 46 साल पुराना मंदिर मिलने के बाद कुछ लोगों ने संभल के डीएम को एक शिकायती पत्र लिखा था. पत्र में कहा गया था कि मंदिर से कुछ दूरी पर लक्ष्मणगंज में एक बावड़ी थी. जिसे बिलारी की रानी की बावड़ी के नाम से जाना जाता था. शिकायत में कहा गया कि कुएं पर कब्जा कर उसे बंद कर दिया गया है. पत्र के जरिए कब्जा हटवाकर कुएं को खुदवाने की मांग उठाई गई थी. इसके बाद डीएम ने जांच के आदेश दिए थे. शनिवार को राजस्व विभाग से नायब तहसीलदार धीरेन्द्र सिंह इलाके के नक्शे के साथ वहां पहुंचे थे. 

ये भी पढ़ें: 46 साल पुराने मंदिर, कुओं और तीर्थों का हुआ सर्वे... संभल पर बन रही अब ASI की बड़ी रिपोर्ट

क्या मिला और आगे क्या मिल सकता है?

चंदौसी में एक बस्ती के बीचों-बीच जब कुएं की JCB से खुदाई की गई तो कमरेनुमा आकृतियों से बनी एक इमारत मिली. खुदाई अभी भी जारी है. मौके पर पुलिस भी मौजूद है. खुदाई की जगह पर लोगों का जमावड़ा लगा है. आजतक से बात करते हुए नायब तहसीलदार ने बताया कि खुदाई के दौरान दो मंजिला इमारत दिखाई दे रही है. बावड़ी का कुआं और तालाब भी अभिलेखों में दर्ज है. यहां सुरंग भी निकल सकती है. अधिकारी ने बताया कि यह बावड़ी काफी विशालकाय दिख रही है, जो मिट्टी के ढेर में दब गई थी. अब मिट्टी हटाकर इसकी जांच की जा रही है. आगे भी नक्शे के आधार पर जांच की जाएगी. इससे पहले शुक्रवार, 20 दिसंबर को ASI की टीम ने संभल के पांच तीर्थों और 19 कुओं का सर्वे किया था.

वीडियो: संभल में ASI की टीम, 19 कुओं का भी सर्वे हुआ

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