शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं की एंट्री को लेकर नया घटिया ज्ञान ठेला गया है.ज्ञान ठेलने का काम किया है शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने. शंकराचार्य नेसोमवार को कहा, 'महिलाओं ने अभी जो शनि का दर्शन किया. और बड़ी खुशियां मना रहीहैं. डंका पीट रही हैं. शनि की दृष्टि महिलाओं पर जब पड़ेगी तो जो रेप की घटनाएं होरही हैं. ये और बढ़ेंगी.' शंकराचार्य स्वरूपानंद बिल्लाकर बोले, 'महिलाओं परअत्याचार तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक महिलाएं शनि की पूजा करना बंद न कर दें. शनिग्रह है, भगवान नहीं. ग्रह की शांति करवाई जाती है. उसकी पूजा नहीं की जाती है.'सूखे का शंकराचार्य लॉजिक महाराष्ट्र में सूखा है. पानी की ट्रेन भेजी जा रही हैं.लोग परेशान हैं. लेकिन शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती की अलग ही पिच्चर चल रही है.सूखे की वजह बताते अपने ही लॉजिक ठेले पड़े हैं. प्रॉपर्टी और धर्म विवाद सालों सालचलता है. इसका ताजा सैंपल मार्केट में आया है. स्वामी स्वरूपानंद ने कहा,'महाराष्ट्र और दूसरी जगहों पर सूखा सिर्फ इसलिए पड़ रहा है, क्योंकि लोग साईं बाबाकी पूजा करते हैं.' शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा, 'अगर सूखे से बचना है तोतुरंत साईं बाबा की पूजा बंद होनी चाहिए. महाराष्ट्र में गणेशजी बसते हैं. लेकिन सबपूजा कर रहे हैं साईं की. आराध्य भगवान गणेश हैं, इसलिए सिर्फ गणेश की पूजा होनीचाहिए. ऐसे डिसरिस्पेक्ट नहीं करना चाहिए.' तो अब शनि मंदिर में तेल चढ़ाने से औरतोंका भला हो जाएगा?