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सूडान में फंसे भारतीयों के लिए 'कोई कदम नहीं उठाया', अब एस जयशंकर ने कांग्रेस को जवाब दिया है

सूडान में स्थित भारतीय दूतावास की नई एडवाइजरी- 'कुछ दिन यही हालात रहेंगे.'

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18 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 18 अप्रैल 2023, 10:17 PM IST)
Senior Congress leader Siddaramaiah and External Affairs Minister S Jaishankar
कांग्रेस नेता सिद्धारमैया के ट्वीट पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर का जवाब. (फाइल फोटो: PTI और AFP)
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गृह युद्ध से जूझ रहे सूडान में कई भारतीय नागरिक फंसे हैं. इनमें कर्नाटक राज्य के लोग भी हैं. कांग्रेस नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ट्विटर ये मसला उठाया. उन्होंने लिखा कि कर्नाटक की हक्की पिक्की जनजाति के 31 लोग सूडान में फंसे हैं और केंद्र सरकार ने उन्हें वापस लाने के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है. सिद्धारमैया के ट्वीट पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर का जवाब आया. उन्होंने कहा कि इस मामले में राजनीति ना की जाए. यहां राजनीति की बात इसलिए आ गई क्योंकि कर्नाटक में चुनाव होने वाले हैं.

सूडान में फंसे भारतीय

सूडान में हालात बेहद खराब हैं. राजधानी खार्तूम स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों से घरों के अंदर रहने की अपील की है. उनसे जरूरी सामान और दस्तावेज भी साथ में रखने को कहा गया है.

पिछले कई दिनों से सूडान में सेना के दो धड़े आपस में झगड़ रहे हैं. यहां हवाई हमले और भारी गोलाबारी चल रही है. इंटरनेशनल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी तक की हिंसा में 180 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है. घायलों की संख्या 1800 बताई जा रही है. 

इस बीच कर्नाटक सरकार की ओर से जानकारी दी गई है कि सूडान में राज्य के 181 लोग फंसे हैं. इंडिया टुडे के सगाय राज की रिपोर्ट के मुताबिक सूडान में फंसे कर्नाटक के 181 लोगों में से 31 आदिवासी समुदाय के हैं. कर्नाटक सरकार के अधिकारियों ने इस सिलसिले में भारत के विदेश मंत्रालयल से संपर्क किया है. 

सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार को घेरा

इसी सिलसिले में कर्नाटक में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने मंगलवार, 18 अप्रैल को एक के बाद कई ट्वीट किए. उन्होंने सूडान में एक भारतीय सहित मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताई. इसके बाद उन्होंने अपने ट्वीट में केंद्र सरकार, पीएम मोदी, विदेश मंत्रालय और कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई को टैग करते हुए हक्की पिक्की जनजाति के लोगों को सूडान से तुरंत निकालने की मांग की.

उन्होंने ट्वीट किया,

''पिछले कुछ दिनों से ये लोग सूडान में फंसे हुए हैं. इन लोगों के पास खाना भी नहीं है. लेकिन अभी तक भारत सरकार ने उन्हें वापस लाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है."

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी हक्की पिक्की जनजाति के 31 लोगों के सूडान में फंसे होने पर ट्वीट किया. उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा कि इन लोगों को उनके भाग्य पर छोड़ दिया गया है. 

सुरजेवाला ने कर्नाटक के CM बोम्मई पर भी हमला बोलते हुए लिखा,  ‘शेम ऑन यू मिस्टर। बोम्मई!’

जयशंकर बोले- 'राजनीति मत करिए'

विपक्ष के नेताओं की तरफ से आई इन प्रतिक्रियाओं के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पलटवार किया. सिद्धारमैया के ट्वीट्स पर जवाब देते हुए उन्होंने ट्वीट किया,

"आपके ट्वीट से स्तब्ध हूं! यहां जिंदगियां दांव पर लगी हैं; (इस पर) राजनीति मत करिए. 14 अप्रैल को लड़ाई शुरू होने के बाद से, खार्तूम में भारतीय दूतावास सूडान में ज्यादातर भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों के साथ लगातार संपर्क में है."

जयशंकर ने आगे बताया कि सुरक्षा कारणों से भारतीयों की डिटेल और लोकेशन सार्वजनिक नहीं की जा सकती है. उन्होंने सिद्धारमैया को जवाब दिया कि उनकी (सूडान में फंसे भारतीयों की) स्थिति का राजनीतिकरण करना घोर गैरजिम्मेदार रवैया है. 

'कुछ दिन यही हालात रहेंगे'

उधर सूडान में स्थित भारतीय दूतावास ने 18 अप्रैल को एक नई एडवाइजरी जारी की. इसमें उसने भारतीयों को अपने घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की. दूतावास की ओर से ट्वीट किया गया,

"लूटपाट की कई घटनाएं सामने आई हैं. सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि बाहर ना निकलें. अभी कुछ दिन और यह (हिंसक संघर्ष की) स्थिति बनी रह सकती है. अपने पड़ोसियों से मदद लेने की कोशिश करें. घर पर रहें और सुरक्षित रहें."

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची के मुताबिक सूडान में मौजूदा स्थिति के मद्देनजर जानकारी और मदद देने के लिए मंत्रालय ने एक 24X7 कंट्रोल बनाया है. जरूरतमंद लोगों को इस नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा गया है. ये हेल्पलाइन नंबर हैं 1800118797, +91-11-23012113, +91-11-23014104, +91-11-23017905, +91 9968291988

सूडान में जारी हिंसा सशस्त्र बलों के कमांडर अब्देल फतेह अल बुरहान (Abdel Fattah al-Burhan) और रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) के प्रमुख जनरल मोहम्मद हमदान दागलो (Mohamed Hamdan Daglo) के बीच सत्ता के लिए संघर्ष का हिस्सा है. दोनों ही जनरल पूर्व सहयोगी हैं, जिन्होंने अक्टूबर 2021 में सैन्य तख्तापलट किया था.

वीडियो: दुनियादारी: लादेन को शरण देने वाले सूडान में सैनिक आपस में क्यों लड़ रहे हैं?

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