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यूक्रेन संकट: UNSC में भारत के फैसले से खुश हुआ रूस, अमेरिका ने कही ये बात

अमेरिका ने UNSC में रूस के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया था.

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26 फ़रवरी 2022 (अपडेटेड: 26 फ़रवरी 2022, 03:34 PM IST)
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मोदी और पुतिन (सांकेतिक फोटो: इंडिया टुडे)
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यूक्रेन-रूस तनाव भारत के लिए एक दुविधा और संयम का समय है. साउथ ब्लॉक में वॉर रूम लगातार पूरे विश्व की प्रतिक्रियाओं पर नज़र बनाए हुए है. किसी भी पक्ष का समर्थन करना, दूसरे पक्ष को नाराज़ करने जैसी स्थिति पैदा कर सकता है. और यही वजह है जब 25 फरवरी को अमेरिका ने सयुंक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया, तो भारत ने उससे दूरी बना ली. यानी भारत ने ना उस प्रस्ताव का समर्थन किया और ना ही विरोध. UNSC में भारत के इस कदम की रूस ने अब जमकर तारीफ की है. भारत में रूस के दूतावास ने ट्वीट करते हुए कहा,
"हम UNSC मतदान में भारत की स्वतंत्र और संतुलित स्थिति की सराहना करते हैं. भारत के साथ विशेष दोस्ती और रणनीतिक दोस्ती को देखते हुए रूस, यूक्रेन की स्थिति पर लगातार भारत चर्चा कर रहा है."
  ये बात साफ है कि रूस, भारत का पुराना पार्टनर रहा है. चाहे 1971 का युद्ध हो या आधुनिक फाइटर प्लेन और हथियारों की जरूरत, रूस ने हमेशा भारत की आगे आकर मदद की है. दोनों ही देश दशकों से एक दूसरे की गिनती घनिष्ठ मित्रों में करते आए हैं. लेकिन वैश्विक मंच पर दिल्ली को जितनी जरूरत मॉस्को की है, उतनी ही वॉशिंगटन डीसी की भी और यही वजह है कि भारत ने अगर रूस का विरोध नहीं किया तो उसका समर्थन भी नहीं किया. हालांकि UNSC में भारत का साथ नहीं मिलने से अमेरिका अगर नाराज़ नहीं है, तो खुश भी नहीं नज़र आ रहा. इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, अमेरिका ने कहा है कि भारत के रूस के विशेष संबंध है, वैसे संबंध हमारे साथ नहीं है. खबर के मुताबिक अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा,
"हमारे भारत के साथ महत्वपूर्ण संबंध हैं. हम महत्वपूर्ण मूल्यों को साझा करते हैं. और हम ये भी जानते हैं कि रूस से भारत के विशेष संबंध हैं. वैसे संबंध हमारे साथ नहीं हैं. ये जाहिर है, लेकिन कोई बात नहीं."
दरअसल अमेरिका ने UNSC में रूस के खिलाफ एक प्रस्ताव पेश किया था. उस प्रस्ताव में कहा गया कि रूस को यूक्रेन की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं से अपनी सेना को बिना देर किए, बिना किसी शर्त के पूरी तरह से वापस बुलाना चाहिए. प्रस्ताव में ये भी कहा गया कि रूस अपना वो फैसला भी वापस ले, जिसमें उसने डोनेस्क और लोहान्स्क को अलग स्वतंत्र राष्ट्र घोषित कर दिया है. साथ ही आगे से संयुक्त राष्ट्र के किसी भी सदस्य के साथ दोबारा ऐसी हरकत ना करे. अमेरिका के इस प्रस्ताव से भारत, चीन और संयुक्त अरब अमीरात ने दूरी बना ली थी.

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