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मुंबई के नितिन के साथ जो हुआ, उसे पढ़ आप किसी को लिफ्ट देने में 100 बार सोचेंगे

बेचारे...मदद करने चले थे.

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23 जून 2018 (अपडेटेड: 8 फ़रवरी 2019, 08:44 AM IST)
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गाड़ी में किसी अंजान को लिफ्ट देना भारी पड़ सकता है. (Representational Image)
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अगर आपने किसी अंजान को अपनी गाड़ी में लिफ्ट दी है तो यह नेक काम आपका चालान करवा सकता है. वो इसलिए कि किसी भी अंजान आदमी को अपनी प्राइवेट गाड़ी में लिफ्ट देना गैर-कानूनी है.
ताजा मामला मुंबई में रहने वाले नितिन का है. वो एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करते हैं. कार से ऑफिस जाते हैं. रास्ते में कई बार उसी ओर जा रहे लोगों को लिफ्ट दे देते हैं. 18 जून को सुबह वो अपने ऑफिस जा रहे थे. बारिश भी हो रही थी. रास्ते में खड़े दो लोगों ने हाथ दिया तो उन्होंने गाड़ी रोक उन्हें बिठा लिया. थोड़ा आगे बढ़े तो ट्रैफिक पुलिस ने रोक लिया और लाइसेंस मांगा. पूछा कि जो लोग बैठे हैं वो कौन हैं? नितिन ने बताया कि ऐसे ही लिफ्ट दी है. तो पुलिसवाले ने कहा चालान होगा. कारण पूछने पर बताया कि अंजान आदमी को अपनी गाड़ी में लिफ्ट देना गैर-कानूनी है. उनका मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66/192 के तहत 2000 रुपए का चालान किया गया.
नितिन के चालान की रसीद.
नितिन के चालान की रसीद.

धारा 66/192 के तहत हुए चालान में लाइसेंस कोर्ट से ही वापस मिलता है. ऐसे में नितिन को भी कोर्ट का चक्कर लगाना पड़ा. और पांच दिन बाद अपना लाइसेंस वापस मिला. उन्होंने अपने फाइन की रसीद फेसबुक पर डाली और अपनी कहानी बताई. उनकी यह पोस्ट खूब शेयर हो रही है.
इस नियम और इस चालान की सच्चाई पता करने के लिए हमने नवी मुंबई ट्रैफिक पुलिस से बात की. यह चालान नवी मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने ही किया था. इसके बारे में जानकारी देते हुए ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ए. सावंत ने बताया कि अपने प्राइवेट व्हीकल में किसी भी अंजान को लिफ्ट देना एक व्यवसायिक गतिविधि (Commercial Activity) माना जाता है. जिसमें पैसे का लेन-देन होना माना जाता है. व्यवसायिक गतिविधि के लिए सरकार परमिट देती है जो टैक्सी वगैरह के लिए होता है. ऐसे में निजी गाड़ी में अंजान सवारी बैठाने पर जुर्माना लग सकता है. कुछ कंडीशंस में इसमें छूट दी गई है. इसमें किसी अंजान को मेडिकल सहायता के लिए मदद करना शामिल है.
नवी मुंबई पुलिस.
नवी मुंबई पुलिस.

दो बातें हैरान करने वाली हैं
पहली- सरकार एक तरफ तो प्रदूषण रोकने के लिए कारपूलिंग को बढ़ावा देने की बात करती है. दूसरी तरफ ऐसा कानून है जो कार पूलिंग पर जुर्माना लगवा सकता है.
दूसरी- आजकल बहुत सारी ऐप आ रही हैं जिनसे कारपूलिंग होती है. इन ऐप्स में कोई प्राइवेट व्हीकल भी रजिस्टर कर सकता है. कार पूल के पैसे भी मिलते हैं. इस कानून से निजी गाड़ियों की इस तरह कार पूलिंग गैर-कानूनी हो जाती है. तो क्या सरकार अब इस नियम को बदलेगी या फिर ऐसी ऐप पर रोक लगाएगी.


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