सोचिए आप को-एड कॉलेज में पढ़ते हैं. लड़के लड़कियां आपस में सब एक साथ खाते हैं,पढ़ते हैं, घूमते हैं. सब सहीं लग रहा है, न.लेकिन पाकिस्तान की स्वात यूनिवर्सिटी को नहीं लग रहा. जी हां, कैपंस में नोटिस लगाहै कि लड़के-लड़कियां न तो आपस में साथ बैठ सकते हैं और न ही घूम सकते हैं. ये भीकहा कि अगर ऐसा हुआ तो फाइन भी लगेगा. 50 रुपए से लेकर 5000 रुपए तक. और ये सिर्फकैपंस तक ही सीमित नहीं है. कैंपस के आस पास भी दिखे तो फाइन ठोक दिया जाएगा. है नाअजीबोगरीब फरमान.फोटो: dawn.comस्वात वैली में बसी हुई है ये यूनीवर्सिटी. सुंदर इतनी है कि इसे छोटा यूरोप कहाजाता है. पढ़ाई-लिखाई का लक्ष्य ये होता है कि स्टूडेंट्स की सोच खुल सके. वोपुरानी, रूढ़िवादी मान्यताओं से बाहर आ सकें. पढ़ना एक प्रोग्रेसिव काम है. अगर पढ़नेकी जगहों में ही स्टूडेंट्स की बेसिक फ्रीडम का गला घोंटा जाए तो पढ़ने का फायदा हीक्या?जब से नोटिस दुनिया भर की मीडिया की खबर बनने लगा, यूनिवर्सिटी के इस फैसले की खूबबुराई की गई है. जब थू-थू हुई, तो यूनीवर्सिटी के वाइस चांसलर ने भी गौर फरमाया.नोटिस लगाने वाले चीफ प्रॉक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है.