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कोई और 'चेतन सिंह' बेकसूरों की जान ना ले, RPF जवानों को अब ये टेस्ट देना होगा!

ट्रेन में गोलीबारी की घटना के बाद RPF ने एक बड़ा फैसला लिया है

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14 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 14 अगस्त 2023, 04:19 PM IST)
RPF will conduct psychiatric tests and counselling session of all its personnel.
जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस में फायरिंग हुई थी, आरोप RPF के जवान चेतन सिंह पर लगा था (फोटो क्रेडिट - पीटीआई/ट्विटर)
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रेलवे सुरक्षा बल (RPF) अब अपने कर्मचारियों का मानसिक परीक्षण (साइकियाट्रिक टेस्ट) करवाएगा. इसके साथ ही उनके काउंसलिंग सेशन भी होंगे. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, RPF के वरिष्ठ अधिकारी इसे लेकर मानसिक स्वास्थ्य पर काम करने वाली एक गैर-सरकारी संस्था (NGO) से बात कर रहे हैं. ये बातचीत आखिरी दौर में पहुंच चुकी है. 

31 जुलाई की सुबह जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस में RPF के एक कॉन्स्टेबल चेतन सिंह ने कथित तौर पर 4 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी. ट्रेन में हुई गोलीबारी में ASI टीकाराम मीणा और 3 अन्य लोगों की मौत हो गई थी. आरोप है कि चेतन ने एक बूढ़े यात्री कदर भानूपुरवाला पर गोली चलाई. इसके बाद B2 कोच में जाकर सैय्यद सैफुद्दीन की गोली मारकर हत्या कर दी. उसने S6 कोच में असगर अब्बास शेख पर भी गोली चलाई. फिर ट्रेन से कूदकर भाग गया. हालांकि, बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

बताया जाता है कि इस घटना के चलते ही RPF ने जवानों का साइकियाट्रिक टेस्ट करवाने का फैसला किया है. 

RPF में कब होता है मेडिकल टेस्ट?

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि RPF हर 5 साल में एक बार सभी कर्मचारियों की पूरी मेडिकल जांच कराता है. आरोपी चेतन सिंह की जांच करीब डेढ़ साल पहले हुई थी. तब वो गुजरात के भावनगर में काम करता था. उसकी रिपोर्ट्स ठीक थीं. हालांकि, इस मेडिकल जांच में मानसिक स्वास्थ्य शामिल नहीं था. हालांकि, ट्रेन में गोलीबारी की घटना के बाद आरोपी कॉन्स्टेबल चेतन सिंह के परिवार ने बताया है कि उत्तर प्रदेश के मथुरा में चेतन का न्यूरोलॉजिकल ट्रीटमेंट चल रहा है. 

बताया जा रहा है कि अब NGO मुंबई RPF के लिए एक पूरा कार्यक्रम बनाएगा. जिससे फोर्स के कर्मचारियों को किन चीज़ों से तनाव हो रहा है, और उसको कैसे रोका जाए इस पर काम किया जाएगा. कर्मचारियों की जांच साइकियाट्रिस्ट करेंगे. उन्हें काउंसलिंग दी जाएगी. रिपोर्ट के मुताबिक RPF के जवानों की संख्या और उनके रहने वाले बैरकों की जानकारी NGO को दे दी गई है.

उधर, गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) ने भी इस मोर्चे पर काम करना शुरू कर दिया है. विभाग हथियार रखने वाले अपने सभी कर्मचारियों की फिटनेस की समीक्षा करने पर विचार कर रहा है. मानसिक स्वास्थ्य पर वर्कशॉप्स आयोजित करने की प्लानिंग भी चल रही है.

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