रोहित शेट्टी ने बॉलीवुड का वो सीक्रेट बता दिया, जिसे शाहरुख-सलमान तक छुपाकर रखते थे
रोहित शेट्टी की बात कई एक्टर्स-डायरेक्टर्स को बुरी लग सकती है.

डायरेक्टर रोहित शेट्टी हाल ही में नेहा धूपिया के शो 'नो फिल्टर विद नेहा' पर पहुंचे थे. बातचीत चल रही थी. तभी अवॉर्ड्स को लेकर बात निकली. इसपर रोहित शेट्टी ने जो कहा उससे इंडस्ट्री का एक बड़ा सीक्रेट खुल गया है. उन्होंने कहा-
अगर वो (अवॉर्ड शो ऑर्गनाइजर) मुझे पैसा देते हैं, तो मैं जाता हूं. वास्तव में. अगर वो मुझे पे करते हैं कि आकर होस्ट कर लो या अवॉर्ड देते हैं, तब मैं जाता हूं. वरना नहीं. क्योंकि ये सब नकली ही है न. ये सब बस टीवी शो है. अवॉर्ड शो स्टार्स के लिए पैसे कमाने का मौका होते हैं. जब हम कोई हिट गाना बनाते हैं, तो अपने एक्टर्स से कहते हैं, अब तुम इस गाने के साथ टीवी पर बहुत सारे पैसे कमा सकते हो. हमने जब 'आंख मारे' गाना बनाया था, तो रणवीर सिंह और सारा अली खान से भी यही बात कही थी.
राष्ट्रीय पुरस्कार के अलावा फिल्म इंडस्ट्री में कई अवॉर्ड फंक्शन होते हैं. जैसे आईफा अवॉर्ड, जी सिने अवॉर्ड, लक्स अवॉर्ड, निरमा अवॉर्ड, फिल्म फेयर अवॉर्ड वगैरह. रोहित शेट्टी का कहना है कि इन अवॉर्ड में कमर्शियल फिल्मों को गंभीरता से नहीं लिया जाता है.
कमर्शियल फिल्में बनाना ज्यादा मुश्किल है. इस फैक्ट के बाद भी कमर्शियल फिल्मों को अवॉर्ड्स में वो दर्जा नहीं मिलता, जिसकी वो हकदार हैं. हम भी कड़ी मेहनत करते हैं यार. ऐसा नहीं है. हम एक फिल्म बनाने के लिए 18-18 घंटे काम करते हैं. कमर्शियल फिल्म बनाना, 48 डिग्री तापमान में एक्शन सीन शूट करना, कमरे में बैठकर कोई नॉर्मल सी फिल्म बनाने से ज्यादा मुश्किल है. लेकिन आप कमर्शियल फिल्मों को कंसिडर भी नहीं करते. मैं उनसे कहता हूं, अगर आप मुझे कोई अवॉर्ड देना चाहते हैं, तो मैं आ रहा हूं. या फिर आप मुझे होस्ट सेगमेंट के रूप में पे कर सकते हैं, तो मैं आ जाऊंगा.

शो 'नो फिल्टर विद नेहा' सीजन-4 पर रोहित शेट्टी और नेहा धूपिया.
इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में अवॉर्ड्स की प्रमाणिकता पर कई बार सवाल उठते रहे हैं. कई 'ऐ ग्रेड' सेलेब्स के बारे में कहा जाता है कि वो अवॉर्ड्स खरीदते हैं. कई एक्टर्स और डायरेक्टर्स कह चुके हैं कि किसको किस कैटेगिरी में अवॉर्ड मिलना है, ये पहले से तय होता है. नोमिनेशन सिर्फ दिखावा होता है.
खैर, ये कितना सच है, ये तो नहीं पता. लेकिन आमिर खान बॉलीवुड अवॉर्ड फक्शन को बायकॉट कर चुके हैं. कहा जाता है कि 1999 के फिल्म फेयर अवॉर्ड में उन्हें फिल्म 'रंगीला' के लिए 'बेस्ट एक्टर कैटेगिरी' में नोमिनेट किया गया था. लेकिन अवॉर्ड नहीं मिला. अवॉर्ड घर ले गए शाहरुख खान. फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' के लिए. तब से आजतक आमिर किसी अवॉर्ड इवेंट में नजर नहीं आए. पहले तो उनके नाम की खाली कुर्सी फ्रंट रो में दिख जाती थी. अब तो ऑर्गनाइजर ने कुर्सी भी रखनी बंद कर दी है.
एक्ट्रेस कंगना रनौत भी अवॉर्ड्स की विश्वसनियता पर सवाल उठा चुकी हैं. वो 2014 से इन अवॉर्ड शोज को बॉयकॉट कर चुकी हैं. उन्होंने 2017 में एक इंटरव्यू में बताया था.

एक अवॉर्ड फंक्शन में थैंक्यू स्पीच देती हुईं कंगना रनौत और उनके साथ में अमृता राव और अरशद वारसी.
2014 में फिल्मफेयर की तरफ से कॉल आया. तब मैं अमेरिका में थी और स्क्रीन राइटिंग का कोर्स कर रही थी. उन्होंने मुझसे कहा कि वो मुझे 'कृष 3' के लिए 'बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस' का अवॉर्ड देना चाहते हैं. इसलिए मैं सिर्फ एक दिन के लिए ही आ जाऊं. ताकि अवॉर्ड फंक्शन अटैंड कर लूं. मैंने उन्हें बताया कि मैं कोर्स कर रही हूं. जाने और आने में मुझे 10 लाख रुपए खर्च करने पड़ेंगे, क्योंकि मेरी क्लास छूटेगी. मैंने उनसे कहा कि मेरा इंडिया आना संभव नहीं है. उन्होंने 'बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस' का अवॉर्ड सुप्रिया पाठक को फिल्म 'राम लीला' के लिए दे दिया.
दूसरा वाकया इंडस्ट्री में शुरुआती दिनों का है. मैं एक अवॉर्ड फक्शन के लिए तैयार हो चुकी थी. मुझे उस अवॉर्ड का नाम तो याद नहीं, लेकिन वो मुझे बेस्ट सपोर्टिंग कास्ट की कैटेगिरी में मिलना था. मैं ट्रैफिक में फंस गई. मेरे पास कॉल्स आने शुरू हो गए कि कहां हो तुम. उस दिन जो पैनिक और हिस्टिरिया मैंने झेला है न, बस. मैं टाइम से नहीं पहुंच सकी, तो उन्होंने वो अवॉर्ड उठाकर सोहा अली खान को फिल्म 'रंग दे बसंती' के लिए दे दिया.
अजय देवगन, अक्षय कुमार, जॉन अब्राहम, इमरान हाशमी, नसीरुद्दीन शाह, परेश रावल जैसे एक्टर्स और राम गोपाल वर्मा, विशाल भारद्वाज जैसे डायरेक्टर्स भी अवॉर्ड्स इवेंट में शामिल नहीं होते हैं. रोहित शेट्टी ने भी बता दिया कि वो क्यों अवॉर्ड फंक्शन में कब और क्यों जाते हैं.
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