चेन्नई में पुलिस ने सात आदम के बच्चे पकड़े हैं. जिनमें पांच बैंक कर्मी हैं. येलोग ढेर सारे काले पैसे का रंग बदलने जा रहे थे. माने ब्लैक को व्हाइट करने जा रहेथे. जब से पुराने हजार और पनसउवा नोट बंद हुए हैं. तब से पावर वाले लोग पूरी नाचकूद मचाए हैं. अपना पैसा बदलवाने के लिए. कुछ बैंक वाले भी उनकी हेल्प कर रहे हैं.जो बैंक वाले पकड़े गए वो ये हैं. स्टेट बैंक ऑफ मैसूर के मैनेजर लोकेश्वर राव.कैशियर एलंगोवन. नागनालूर ऐक्सिस बैंक के असिस्टेंट मैनेजर मुकेश और वेलाचेरी ऐक्ससबैंक के मैनेजर मनिकंदन. पूरा मामला ये है. बीते जुम्मे यानी शुक्रवार को लोकेश्वरराव हांपते कांपते पहुंचे पुलिस के पास. कंप्लेन की कि हमाए कैशियर साहब जो हैं.एलंगोवन. उनके साथ एक हादसा पेश हो गया है. पल्लवरम में. वो 25 लाख रुपए लेकर जारहे थे. दो लोगों ने चक्कू दिखाकर लूट लिया. फिर पुलिस ने इंक्वायरी दूसरे पॉइंट सेशुरू की. कि काहे एक कैशियर रात में इत्ती बड़ी रकम लेकर सरकारी बैंक से प्राइवेटबैंक में जा रहा था. मैनेजर साहब को थोड़ी सी धमकाइयां चमकाइयां लगाई गईं और साराखेल खुल गया. लोकेश्वर राव और एलंगोवन ने एकाध कारोबारियों से वादा किया था. किउनसे 'अपना हिस्सा' लेंगे और उनका ब्लैक मनी बदल देंगे. दो बिचौलिये भी थे इस खेलमें. जमीन पल्लवरम के पास जब रात में तय वक्त पर एलंगोवन क्लाइंट्स का इंतजार कररहा था. दो लोग आए. चाकू दिखाया. इनकी घिग्घी बंध गई. रुपया चला गया. बाद में डकैतीवाले भी पकड़े गए. पता चला कि ये वही बिचौलिये थे जिनसे नए नोट लेने थे और पुरानेदेने थे. अब सातों लोग झलरा रोटी खा रहे हैं थाने में. मोदी का मंसूबा टूट रहा है,बैंक खुद ब्लैक मनी को वाइट कर रहे हैं