'मुझे कोई नहीं मार सकता. न आगे से, न पीछे से...न दाएं से, न बाएं से...न आदमी, नजानवर...न अस्त्र, न शस्त्र' फिल्म - नरसिम्हा'खून जब खौलता है तो मौत का तांडव होता है' फिल्म - मरते दम तक'मज़हब इंसानों के लिए बनता है, मज़हब के लिए इंसान नहीं बनते' फिल्म - ओह माई गॉड'समाज की गंदगी साफ करने का कीड़ा है मेरे अंदर' फिल्म - गुप्त'अगर अपने आप पर भरोसा हो तो दोस्ती और भी कामयाब बना देती है...और, अपने पर शक होबर्बाद भी कर सकती है' फिल्म - लंदन ड्रीम्सफरहद ने ट्विटर पर लिखा, 'ओम पुरी, एक दिग्गज अदाकार और एक ऐसी शख्सियत जो अपनेविनम्र और प्रेम भरे व्यवहार से सरहदों के पार भी दिल जीत लेते हैं. अल्लाह उनकीरूह को जन्नत में जगह दे.'https://twitter.com/fahadmustafa26/status/817269347894890496?ref_src=twsrc%5Etfwमीरा नायर की फिल्म ' द रिलकटेंट फंडामेंटलिस्ट' में भी ओम पुरी ने काम किया.इसमें उनके साथ शबाना आजमी भी थीं. और कई पाकिस्तानी कलाकारों ने भी काम किया. इसफिल्म का हिस्सा रही पाकिस्तानी आर्टिस्ट मीशा शफी ने ट्विटर पर लिखा, 'मुझेयकीन नहीं हो रहा कि वह चले गए हैं. उनकी आत्मा को शांति मिले. मैं शुक्रगुजार हूंमीरा नायर की, जिन्होंने इस दिग्गज अदाकार के साथ मुझे काम करने का मौका दिया.'https://twitter.com/itsmeeshashafi/status/817235871275610113?ref_src=twsrc%5Etfwपाकिस्तानी अदाकारा माहिरा खान ने ट्वीट किया, ' दुनिया ने एक महान कलाकार खो दिया,इंडियन सिनेमा के एक शानदार एक्टर. आत्मा को शांति मिले.' माहिरा खान बॉलीवुड मेंशाहरुख खान की फिल्म 'रईस' से डेब्यू करने जा रही हैं.https://twitter.com/TheMahiraKhan/status/817262166759743488?ref_src=twsrc%5Etfwहुमायूं सईद ने लिखा, ' एक शानदार अदाकार और एक साहसी आदमी, ओम पुरी, जिन्होंनेअमन-ओ-सुकून के लिए सबसे मुश्किल वक्त में जमीनी काम किए.' हुमायूं सईद एक्टर होनेके साथ साथ प्रोडूसर भी हैं. जब पाकिस्तान में बॉलीवुड की फिल्मों पर पाबंदी लगाईगई, तो उन्होंने इसका खुलकर विरोध किया था. कहा था, अगर इंडियन फिल्मों के दिखाएजाने पर पाबंदी लगती है तो पाकिस्तानी सिनेमा घरों के पास दिखाने के लिए फ़िल्मेंनहीं होंगी, जिससे बहुत नुकसान होगा.' और ऐसा हुआ भी.https://twitter.com/iamhumayunsaeed/status/817266966700453888?ref_src=twsrc%5Etfwये डायलॉग वो हैं, जिनकी अदायगी फिल्मों में ओम पुरी ने की. और ये डायलॉग बार-बारदोहराए जाएंगे. क्योंकि कला मरती नहीं. न कहीं कैद रह पाती है. वो सरहदों को पार करजाने की हैसियत रखती है. ओम पुरी सिर्फ बॉलीवुड के अदाकार नहीं रहे, बल्किपाकिस्तानी, ब्रिटिश और हॉलीवुड फिल्मों में भी अपनी बेमिसाल अदाकारी की. इंडियामें पद्मश्री से सम्मानित किये गए. 'आरोहण' और 'अर्धसत्य' उनकी वो फ़िल्में हैं,जिनके लिए बेस्ट एक्टर का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया. ओम पुरी को दिल का दौरापड़ा. और 66 साल की उम्र में दुनिया से रुखसत हो गए. ओम पुरी उन इंसानों में हैजिन्होंने कभी भारत-पाकिस्तान को दो मुल्क नहीं समझा. उन्होंने हमेशा राजनीति औरहिंसा से परे इंसान देखे और शांति की बात की. तभी तो उनकी मौत की खबर से पाकिस्तानमें भी मायूसी पसर गई. ओम पुरी ने पिछले साल ही पाकिस्तानी फिल्म 'एक्टर इन लॉ'में काम किया था. यह ओम पुरी की पहली पाकिस्तानी फिल्म थी. इस फिल्म में ओम पुरीके साथ पाकिस्तानी एक्टर फहाद मुस्तफा ने भी काम किया. चाहे इंग्लैंड के सिनेमाकी बात करें या अमरीकी फिल्मों की, ओम पुरी ने अपनी मौजूदगी तक़रीबन हर सिनेमा मेंदर्ज कराई. ओम पुरी ने 'माई सन द फैनेटिक' (1997) और 'ईस्ट इज ईस्ट' (1999) जैसेब्रिटिश फिल्मों में काम किया. इसके अलावा हॉलीवुड फिल्म 'सिटी ऑफ जॉय', 'दघोस्ट एंड द डार्कनेस' में भी काम कर चुके हैं. हॉलीवुड कॉमेडी ड्रामा 'चार्लीविल्सन्स वॉर' (2007) में ओम पुरी ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल ज़िया-उल-हक़ कारोल किया था. जो पहले पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष हुआ करते थे लेकिन बाद में डिक्टेटरबन गए.-------------------------------------------------------------------------------- पाकिस्तान पर 12 साल राज करने वाला हिंदुस्तानीमाफ़ी मांगकर शहीद की फैमिली का हिस्सा बन गए थे ओम पुरी