ब्राज़ील. साउथ अमेरिका का एक बड़ा देश.उसका एक स्टेट है अमेजन. जहां देश का एक बड़ाशहर मनाउस है जो नीग्रो रीवर के किनारे खूबसूरती के साथ बसा है. मनाउस की जेल. पूरीसिक्योरिटी मगर दो गिरोहों आमने सामने. महज ड्रग्स को लेकर. जंग छिड़ी और दंगा होगया. भले ही ब्राज़ील की जेलों के लिए दंगा एक आम बात हो, मगर ये बेहद चौंकाने वालादंगा है. क्योंकि इसमें लाशें ही लाशें बिखरी थी. ऐसा कत्ले आम की कुछ लाशों को जेलकी दीवारों के ऊपर से फ़ेंक दिया गया. सर कटी लाशें. खबर लिखते हुए साउथ फिल्मों केसीन दिमाग में कौंध रहे हैं.अब तक दंगा कॉलोनियों, शहरों में ही सुना था. वो भी भड़काने पर. ये दंगा आम नही था.बेहद खौफनाक मंजर. साउ पाउलो के फर्स्ट कैपिटल कमांड (पीसीसी) और लोकल क्रिमिनल्सके बीच ड्रग्स को लेकर लड़ाई छिड़ी और फिर ये लड़ाई गैंगवॉर में तब्दील हो गई. जेल केअंदर छुपाकर रखे गए हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई. लाशें गिरने लगीं.गैंगवॉर की खबर मिली. एडिश्नल फोर्स को भेजा गया, लेकिन वह कैदियों को काबू करनेमें नाकामयाब रही.इसके बाद स्पेशल ग्रुप ने जेल के हालात को काबू में किया. पुलिसके मुताबिक गैंगवार के दौरान 72 कैदियों और कुछ पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया गयाथा.ड्रग्स को लेकर हुए दंगे में 60 लोग मारे गए.सिक्योरिटी अफसर सर्जियो फोन्टस ने बताया, 'जेल में हुई इस हिंसा का मंजर बेहदभयानक था. कई कैदियों के सिर धड़ से अलग कर दिए गए थे. लाशों को बुरी हालत कर दीगई. गुस्सा इतना जेल में आग लगा दी गई.' जेल की गिरजाघर के एक पादरी ने बताया, 'दोगुटों के बीच मारपीट हुई और फिर दंगा शुरू हो गया. लाशें बिखरी थीं. कई क़ैदी मौक़ेका फ़ायदा उठाकर जेल से भाग निकले.' फोन्टस ने कहा, 'एक तरफ लाशें बिछी हुई थी.एफडीएन ने पीसीसी के संदिग्ध सदस्यों मार डाला. इसके साथ ही कुछ और कैदियों की भीक़त्ल कर दिया.' वहां के सुरक्षा सचिवालय के मुताबिक, अमाजोनास की यह घटना अब तक कासबसे बड़ा कत्लेआम है. जज लुईस कार्लोस वलोईस ने फेसबुक पर लिखा, 'ऐसा मैंने अपनीजिंदगी में नहीं देखा. दर्जनों लोगों को क़त्ल कर दिया गया. लाशें ऐसे पड़ी थीं उनकोकाउंट कर पाना मुश्किल था.'6 दिन पहले ही एक दूसरी जेल में हुआ था दंगाइससे पहले कांगो की राजधानी ब्राजाविले के कारागार में दंगा होने से तीन लोग मारेगए थे. और चार जख्मी हो गए थे. ये जेल सिटी अदालत के करीब है. यहां 29 दिसंबर कोकैदियों ने जेल वार्डनों की बंदूकें छीन लीं. जिसके बाद यह दंगा शुरू हो गया. जेलवार्डनों की बंदूकें छीनने के बाद कैदियों ने अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं.भाग रहे एक कैदी की गोली से एक अफसर की मौत हो गई. इस गोलीबारी में एक दंगाई और एकआम नागरिक भी मारा गया. यह दंगा करीब आधा घंटे तक चला था. भागने का प्रयास कर रहेसभी कैदियों को पकड़ लिया गया है और उन्हें उनके कोठरी में बंद कर दिया गया था.खतरनाक जेलों में होता है शुमारब्राजील की जेलों को दुनिया में सबसे खराब जेलों में गिना जाता है. यहां की जेलोंमें दंगे होना आम बात होती है. 1992 में साउ पाउलो की जेल में भी दंगा हुआ था,जिसमें 111 कैदी मारे गए थे. दरअसल यहां की हर जेल में क्षमता से कई गुना अधिक कैदीरखे जाते हैं. जेलों में बंद ज्यादातर कैदी ड्रग माफिया और ड्रग एडिक्ट होते हैं.और ज्यादातर लड़ाईयां ड्रग्स के लिए ही होती हैं.