क्या आपको 'भूल जाने का अधिकार' है? सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार हो गया है
'Right To Be Forgotten' को आसान भाषा में ‘डिजिटल फुटप्रिंट’ को मिटाने की प्रक्रिया कह सकते हैं. मतलब कि इंटरनेट पर किसी मामले से अपना नाम हटवाना, जिससे किसी की छवि को नुकसान पहुंचता हो. इसे 'राइट टू प्राइवेसी' के अधिकार से जोड़ा जाता है. सुप्रीम कोर्ट ने 'राइट टू प्राइवेसी' को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दी है.
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भारत में 'Right To Be Forgotten' का मामला अनसुलझा है. (तस्वीर: AI/इंडिया टुडे)
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