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ट्रेनी डॉक्टर मर्डर केस: संजय रॉय को फांसी करानी है तो ममता सरकार और CBI इस पर लड़ क्यों रहे?

RG Kar Medical College Rape-Murder Case: निचली अदालत ने दोषी संजय रॉय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. ममता सरकार ने फांसी की मांग करते हुए हाई कोर्ट में अपील की थी. अब CBI का कहना है कि ममता सरकार को इस केस में अपील दायर करने का हक ही नहीं है.

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Mamata Banerjee
निचली अदालत ने दोषी संजय रॉय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. (फोटो- इंडिया टुडे)
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सौरभ
22 जनवरी 2025 (पब्लिश्ड: 08:59 PM IST)
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पश्चिम बंगाल सरकार और CBI इस बात पर लड़ रहे हैं कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज से जुड़े ट्रेनी डॉक्टर रेप-मर्डर केस में फांसी के लिए हाई कोर्ट में अपील कौन करेगा. निचली अदालत ने दोषी संजय रॉय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में अपील दायर की थी. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक CBI ने हाई कोर्ट में कहा है कि पश्चिम बंगाल सरकार इस केस में अपील करने की हकदार है ही नहीं. जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि इस मामले में केवल केंद्र सरकार या खुद CBI ही कम सजा के खिलाफ अपील कर सकती है.

रिपोर्ट के मुताबिक CBI ने कहा, “सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के मुताबिक जिन मामलों की जांच केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जाती है, उनमें अपील करने का अधिकार केवल केंद्र सरकार को होगा... राज्य को यह अधिकार नहीं होगा.”

एजेंसी ने ये भी कहा, "...इसके अलावा, लालू प्रसाद यादव मामले में यह माना गया कि केवल अभियोजक (CBI) ही अपील कर सकता है."

बंगाल सरकार ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई है. उसका कहना है, "हमारे मामले में FIR पुलिस द्वारा दर्ज की गई थी. जिसे बाद में उच्च न्यायालय द्वारा स्थानांतरित कर दिया गया था. यही अंतर है... कानून और व्यवस्था राज्य का विषय है. जांच के लिए मुख्य रूप से राज्य जिम्मेदार है. उन्हें मूकदर्शक नहीं माना जा सकता. केस शुरू में राज्य द्वारा दर्ज किया गया था. CBI द्वारा नहीं."

जिरह के बाद हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई 27 जनवरी तक टाल दी है. इससे पहले 20 जनवरी को निचली अदालत ने संजय रॉय को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. अभियोजन पक्ष की तरफ से फांसी की सजा की मांग की गई थी. लेकिन कोर्ट ने मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' की श्रेणी में नहीं रखा और आजीवन कारावास की सजा मुकर्रर की.

इस पर पीड़ित परिवार और ममता सरकार ने आपत्ति जताई. राज्य सरकार ने CBI की जांच में ‘ढीलापोही’ का आरोप लगाया और निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की.

21 जनवरी की शाम अदालत द्वारा रॉय को उम्रकैद देने पर पश्चिम बंगाल सरकार ने नाराज़गी जाहिर की. ममता बनर्जी ने कहा, "जब कोई राक्षस हो... तो क्या समाज मानवीय हो सकता है? कभी-कभी वे कुछ वर्षों के बाद बाहर आ जाते हैं. अगर कोई अपराध करता है, तो क्या हमें उसे माफ कर देना चाहिए? अगर कोई अपराध करता है और बच जाता है, तो वह फिर से ऐसा करेगा. हमारा काम उन्हें बचाना नहीं है."

इस मामले में ताज़ा जानकारी ये आई है कि CBI भी जल्द ही निचली अदालत के फैसले खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करेगी और संजय रॉय के लिए फांसी की मांग करेगी.

वीडियो: आरजी कर रेप-मर्डर केस: ममता सरकार ने दोषी को मौत की सजा देने के लिए याचिका दायर की, ट्रेनी डॉक्टर के पिता क्या बोल गए?

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