तीन रोज का वर्ल्ड कल्चरल फेस्टिवल खत्म हुआ. 155 देशों के लोग आए थे. माहौल छुटकेके कनछेदन वाला था. तीन दिन में सब पहुंचे. प्रधानमंत्री भी, लोकसभा स्पीकर भी.महेश शर्मा पहुंचे, हर्षवर्धन, अमित शाह, वेंकैया नायडू, रविशंकर प्रसाद और सुरेशप्रभु पहुंचे. राजनाथ और सुषमा स्वराज भी. इतने नेता थे कि चाहते तो सदन के एकाधसत्र वहीं हो सकते थे. विपक्ष की चिंता न कीजिए, केजरीवाल भी थे.रविशंकर का होल स्क्वायरकार्यक्रम के पहले NGT ने अड़ंगा लगाया था. 100 करोड़ के जुर्माने की बात चली थी, फिर5 करोड़ हुआ, फिर 25 लाख पर बात आई. मुझे तो लग रहा था, अंत में रविशंकर NGT के गालखींचेंगे, 5 रुपिया का कलदार और संतरा वाला बिस्कुट देके चले जाएंगे. लेकिन अबक्या? अब तो कार्यक्रम खत्म हो गया है. अब पीछे क्या रह गया?तो रह गई हैं 70 FIR, ढेर सा कूड़ा और अकहाय बयानखूब चोट्टे आए थे भगवान तक को नहीं छोड़ा लैपटॉप, पैसे, मोबाइल यहां तक कि भगवान गणेश जी की मूर्ति तक चोरी हो गई, तीन दिनमें 70 से ज्यादा FIR दर्ज हुई हैं. 30 लोगों को धरा भी गया है, जमुना तीरे से , चोरकटई करते हुए. किसी का ग्रीन रूम से मोबाइल चोरी हो गया, किसी के जेब सेपैसे.कूड़ा हम इंसान हैं, चांद पर भी जाते हैं तो कूड़ा छोड़ आते हैं, फिर ये तो दिल्ली थी.लाखों लोग आए थे, गए तो पीछे यही रह गया. 15 गाड़ियां और 60 जने लगे हैं, साफ़ कर रहेहैं. बात ये कि आए थे यमुना की सफाई के नाम पर, यमुना जो साफ़ हुई हो दिख ही रही है.अब अपना फैलाया कूड़ा बटोर रहे हैं.पंचायतएक हैं जगतगुरु, द्वारका शारदापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती. वहीवाले जिनने एक रिपोर्टर को लपाड़ा मार दिया था. ये पूछने पर कि मोदी पीएम बनेंगे यानहीं. तो उनने कहा. दिखावा है रविशंकर का कार्यक्रम. तीन दिन में यमुना को इतनागंदा किया है कि सालों में साफ़ न होगी. आर्ट कह देने से थोड़े न कुछ होता है.प्रधानमंत्री पता नहीं काहे उसके कार्यक्रम में गए, वहां जाने से कुछ नहीं होगा. वोबाल रंगते हैं . लंबा कुर्ता पहनते हैं, लोग उन पर फूल बरसाते हैं. ये जीने की कलानहीं है.