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संन्यासियों का प्रवचन सुना जाएगा, गवाही नहीं

सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया है. कि कोर्ट में साधुओं की गवाही मानी नहीं जाएगी.

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26 जनवरी 2016 (अपडेटेड: 26 जनवरी 2016, 06:17 AM IST)
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घर बार छोड़ कर साधु बन गए लोगों की गवाही कानून नहीं मानेगा. ये बात हम नहीं कह रहे. सुप्रीम कोर्ट का आदेश है. मसला हरियाणा का है. वहां एक साधू बाबा की फैमिली के लोगों ने अर्जी दी. हरियाणा गवरमेंट से अपनी जमीन वापस लेने के लिए. जो पलवल में थी करीब 30 एकड़. 1961 में भल्ले राम ने सधुक्कड़ी भेस धरा और निकल गए भजन ध्यान पर. ये जमीन जायदाद छोड़ कर. अब फैमिली वालों ने जमीन वापस लेने के लिए अर्जी दी. साधू बाबा आए. गवाही के लिए. कोर्ट ने कहा कि आप बन गए हो बाबा. दुनिया की मोह माया और संसार सागर के लफड़ों से आपका क्या काम. साधु लोग को इसकी इच्छा नहीं रखनी चाहिए. आजकल के साधु लोग कार और प्लेन में घूमते हैं. खैर वो घूमें तो घूमें. कोर्ट में उनकी गवाही मानी नहीं जाएगी. जिनका दुनिया से कोई मतलब नहीं है.

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