आर्मी, एयर फ़ोर्स और नेवी में धार्मिक पहचान वाले पहनावे पर बहस खूब होती है. सिर्फसेना में ही नहीं, रोज की जिंदगी में भी कई तरह का पहनावा चर्चा में रहता है. लेकिनसेनाओं के मसले में बात सेक्युलर स्टेट की हो जाती है. चूंकि सेना स्टेट का ही एकहिस्सा है, इसलिए ड्रेस कोड में धर्म का कितना दखल होना चाहिये, ये बड़ी बहस है. USAकी आर्मी ने ड्रेस कोड के मामले में बड़ा डिसीजन लिया है. सिख, मुस्लिम और दूसरेधार्मिक अल्पसंख्यकों को पहनावे में कई छूट दी गई हैं. नियमों में बदलाव किए गएहैं. यूएस आर्मी सेक्रेटरी एरिक फैनिंग ने एक मेमोरेंडम साइन किया. इसमें धार्मिकअल्पसंख्यकों को दाढ़ी, पगड़ी और हिजाब पहनने के नियमों में ढील दी गई है. इस बात कोइंडिया में सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के उलट भी देखा जा रहा है, जिसमें एयर फ़ोर्सके एक मुस्लिम एयरमैन को दाढ़ी रखने से मना कर दिया था और कहा था कि सेना के नियमअनुशासन के लिए हैं.क्या बातें कही गई हैं इस मेमोरेंडम मेंसिखों और मुस्लिमों के लिए अपने धार्मिक रिवाजों के हिसाब से पहनावों के नियम कोआसान बनाया गया है. सिखों को पगड़ी और पटका पहनने की छूट दी गई है. सिखों को हेलमेटऔर सेफगार्ड पहनने की इजाजत भी होगी. नए नियमों में कहा गया है कि दाढ़ी 2 इंच सेज्यादा लम्बी नहीं होनी चाहिए, अगर उन्हें मोड़कर बांधा नहीं जा रहा. मुस्लिममहिलाओं के लिए हिजाब पहनने की छूट दी गई है, लेकिन हिजाब यूनिफार्म के रंग के हीहोने चाहिए. वियतनाम युद्ध के बाद सिखों के लिए आर्मी में यूनिफार्म के नियम कड़े करदिए गए थे. ये नए नियम सोल्जर के पूरे करियर के दौरान लागू होंगे. आर्मी सेक्रेटरीकी इजाजत के बिना इन नियमों को हटाया या बदला नहीं जा सकता. लेफ्टिनेंट कर्नल रैंडीटेलर ने कहा, ''हमारा मकसद है कि हम सोल्जर की सुरक्षा, उसकी तैयारी के साथ उसकीआस्था का भी ख्याल रखें और नए निर्देशों से ये संभव हुआ है.'' सिख संगठन ने इननियमों का स्वागत किया है. संगठन की लीगल डायरेक्टर हरसिमरन कौर ने कहा कि हम इसपॉलिसी से खुश हैं. इससे धार्मिक विविधता और टॉलरेंस का पता चलता है.'' सिखों कायूएस आर्मी में लम्बा इतिहास है. पहले वर्ल्ड वॉर से वो इस मजबूत आर्मी का हिस्साहैं.यूएस और इंडिया इस मामले में अलग कैसे हैं?दोनों देश विश्व की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी हैं. सेक्युलर स्टेट हैं. ऐसा माना जाता थाकि भारत से बाहर धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए नियम आसान हैं, लेकिन दिसंबर में भारतमें सुप्रीम कोर्ट ने एयर फ़ोर्स में मुस्लिमों को दाढ़ी रखने से मना किया था.धार्मिक पहनावे के मामले में भारत में सिखों को दाढ़ी और पगड़ी की इजाजत है. उनकी अलगरेजिमेंट ही होती है. बाकी धर्म के लोगों को दाढ़ी रखने की इजाजत नहीं है लेकिन कुछख़ास ऑपरेशन में उन्हें दाढ़ी रखने के निर्देश दिए जा सकते हैं. एयर फ़ोर्स में दाढ़ीरखने के लिए एयरमैन अंसारी आफताब अहमद ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दी थी. जिसेदिसंबर में खारिज कर दिया गया था. कोर्ट ने कहा था कि एयर फ़ोर्स को अपने नियमों औरअनुशासन का पालन करना चाहिए. एयर फ़ोर्स ने भी कोर्ट से कहा था कि सभी मुस्लिम दाढ़ीनहीं रखते और इस्लाम में ऐसा यूनिवर्सल नहीं है. ये सिर्फ एक ऑप्शन भर है.--------------------------------------------------------------------------------ये स्टोरी निशांत ने की है. --------------------------------------------------------------------------------