अमेरिका सत्ता बदल रहा, लेकिन ईरान में नहीं, ट्रंप के वाइट हाउस में!
डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमला करते समय इस्लामिक रिपब्लिक में रिजीम चेंज की बात कही थी. महीने भर बाद उनके मंसूबे पूरे होते नहीं दिख रहे. लेकिन घरेलू मोर्चे पर चौतरफा घिरे ट्रंप प्रशासन में ही रिजीम चेंज शुरू हो गया है. एक एक करके कई अधिकारियों की वॉइट हाउस से विदाई हो रही है.

ईरान में रिजीम चेंज. यानी इस्लामिक रिपब्लिक का तख्तापलट. ट्रंप प्रशासन ने इसी इरादे से ईरान पर अटैक किया था. अब युद्ध को महीना भर से ज्यादा समय हो गया है. लेकिन ट्रंप अपने मंसूबे में कामयाब होते नहीं दिख रहे हैं. इसके उलट ट्रंप प्रशासन से ही लोगों की विदाई होने लगी है. युद्ध के बाद से तीन शीर्ष अधिकारी हटाए जा चुके हैं. और कइयों पर बर्खास्तगी की तलवार लटकी हुई है.
वाइट हाउस का ये ‘शुद्धि’ अभियान ईरान युद्ध, एपस्टीन फाइल्स और मिड टर्म इलेक्शन की आहट के बीच हो रहा है. नवंबर में मिड टर्म इलेक्शन होने हैं. इस चुनाव में अमेरिकी कांग्रेस (संसद) पर नियंत्रण के लिए ट्रंप की रिपबल्किन पार्टी को डेमोक्रेट्स से कड़ी टक्कर मिलने वाली है.
इस बदलाव की जद में आम प्रशासन से जुड़े अधिकारी ही नहीं सैन्य अधिकारी भी हैं. रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है. ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से इस प्रक्रिया में काफी तेजी आई है. राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान युद्ध की जिम्मेदारी हेगसेथ के माथे ही मढ़ने की कोशिश की थी.
डॉनल्ड ट्रंप अपने विश्वासपात्रों को किनारे लगाने में माहिर हैं. पहले कार्यकाल में उन्होंने अपने सबसे करीबी रणनीतिकार स्टीव बैनन और अटॉर्नी जनरल जेफ सेशंस समेत कई अधिकारियों को चलता किया था. दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में उन्होंने नो स्कैल्प्स नीति अपनाई, ताकि अपने भरोसेमंद सहयोगियों को साथ बनाए रख सकें.
द अटलांटिक की मानें तो दूसरी पारी में ट्रंप अपने सहयोगियों की बलि लेने के इच्छुक नहीं थे. उन्हें ये डेमोक्रेट और मीडिया को वॉकओवर देने जैसा लगता था. लेकिन इमिग्रेशन, एपस्टीन फाइल्स और अब ईरान युद्ध के मुद्दे को लेकर बुरी तरह से घिरे ट्रंप इस मुद्दे पर यू-टर्न लेने को मजबूर हुए हैं. यही नहीं, ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति की लोकप्रियता में भारी गिरावट आई है. द इकोनॉमिस्ट की इस हफ्ते की रिपोर्ट में उनकी लोकप्रियता गिरकर 20-23 अंक रह गई है.
क्रिस्टी नोएम और पॉम बॉन्डी की विदाई
दूसरी पारी में ट्रंप का सबसे पहला शिकार बनी होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटी किस्टी नोएम. नोएम को उनकी सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी के चलते 'आइस बॉर्बी' का उपनाम मिला था. उन्होंने बड़े शहरों में आक्रमक तरीके से हथियारबंद ICE एजेंट्स की तैनाती की. इन एजेंट्स पर नागरिकों की हत्या का आरोप लगा. इसके अलावा भी उनके साथ कई विवाद चस्पा हुए. इनमें टेक्सास में आई बाढ़ और हेलेन तूफान से निपटने के उनके तरीकों पर सवाल. या फिर ट्रंप की मंजूरी के बिना सहयोगियों को 220 मिलियन डॉलर का विज्ञापन देने जैसे विवाद शामिल रहे. 5 मार्च को ट्रंप प्रशासन से उनकी रुख्सती हुई.
डॉनल्ड ट्रंप की अगली शिकार बनी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी. इनकी गिनती भी ट्रंप के वफादारों में की जाती है. दो अप्रैल को ट्रंप ने इनको बर्खास्त कर दिया. बॉन्डी ने ट्रंप के कथित विरोधियों को निशाना बनाने के लिए जस्टिस डिपार्टमेंट में कई बदलाव किए. लेकिन ट्रंप के विरोधी माने जाने वाले पूर्व FBI डायरेक्टर जेम्स कोमी और न्यूयॉक के अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स पर मुकदमा चलाने में असफल रहना उन पर भारी पड़ गया.
अमेरिकी अदालतों ने इन दोनों पर मुकदमा चलाने से इनकार कर दिया. इसके अलावा एपस्टीन फाइल जारी होने के बाद की स्थिति से निपटने में असफल रहना भी उनकी विदाई का बड़ा कारण रहा. बॉन्डी महीने भर में बर्खास्त होने वाली दूसरी कैबिनेट सदस्य बनीं.
पीट हेगसेथ सेना के टॉप अधिकारियों को निपटाने में जुटे
डॉनल्ड ट्रंप की तर्ज पर पीट हेगसेथ भी अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारियों को निपटाने में जुटे हैं. उन्होंने सेना में 'वारियर एथोस' (हार न मानने का जज्बा) स्थापित करने के नाम पर कई शीर्ष अधिकारियों को बाहर किया है. जिनमें जॉइंट चीफ्स चेयरपर्सन जनरल सीक्यू ब्राउन, नौसेना प्रमुख एडमिरल लिसा फ्रैंचेट्टी, एयर फोर्स वाइस चीफ ऑफ स्टाफ जनरल जेम्स स्लाइफ और डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी के चीफ जनरल जेफरी क्रूस शामिल हैं.
अमेरिकी सेना ईरान में युद्ध लड़ रही है. लेकिन अमेरिका युद्ध में तय किए गए अपने टारगेट से काफी दूर दिख रहा है. ऐसे में हेगसेथ ने ट्रंप के शुद्धिकरण अभियान को जारी रखा है. 3 अप्रैल को उन्होंने सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज, चीफ ऑफ स्टाफ जनरल डेविड होडने और मेजर जनरल विलियम ग्रीन जूनियर को बर्खास्त कर दिया. पीट हेगसेथ की इस सफाई का मकसद सेना में ऐसे लोगों की नियुक्ति है जो पूरी तरह से ट्रंप और हेगसेथ के एजेंडे को आगे बढ़ाने का काम कर सकें.
वाइट हाउस से अधिकारियों की रुख्सती का सिलसिला जारी रहेगा!
क्रिस्टी नोएम और पाम बोंडी की विदाई के बाद वाशिंगटन डीसी में अभी और भी लोगों का नंबर आने वाला है. एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया,
राष्ट्रपति ट्रंप बेहद गुस्से में हैं. वे अभी और लोगों को हटाने वाले हैं.
जिन लोगों की रुख्सती का परवाना निकलने वाला है, उनमें FBI डायरेक्टर काश पटेल, लेबर सेक्रे्टी लोरी चावेज डेरेमर, वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक, मिलिट्री सेक्रेटी डैनियल ड्रिस्कॉल और राष्ट्रीय खुफिया विभाग की निदेशक तुलसी गब्बार्ड का नाम शामिल है. इसके अलावा राष्ट्रपति ट्रंप ने वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटी कैरोलिन लीविट को भी निशाने पर लिया है. वहीं मजाक-मजाक में ईरान को मेज पर लाने में देरी के लिए जेडी वेंस को जिम्मेदार ठहराया है.
अमेरिका में मिड टर्म इलेक्शन करीब है. वहीं ईरान युद्ध भी खिंचता जा रहा है. ऐसे में वाइट हाउस से अधिकारियों की विदाई का सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है. अगर थोड़ी छूट लें तो कह सकते हैं कि ईरान में तो रिजीम चेंज दूर की कौड़ी नजर आ रही है. लेकिन ट्रंप प्रशासन में रिजीम चेंज होता दिख रहा है.
वीडियो: दुनियादारी: क्या ईरान ट्रंप को होर्मुज के जरिए हरा देगा?

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