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'सपनों का घर' कह अब बुद्धू नहीं बना पाएंगे बिल्डर्स

रियल स्टेट बिल राज्यसभा में पास. जानिए इस बिल के आने से होने वाले 5 बदलाव.

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विकास टिनटिन
10 मार्च 2016 (Updated: 10 मार्च 2016, 01:18 PM IST)
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राज्यसभा में रियल स्टेट रेगुलेशन बिल गुरुवार को पास हो गया है.  इस बिल के पास होने से नया घर खरीदने वालों के हितों को प्रोटेक्ट करने की कोशिश की जाएगी. बिल के आने से घर खरीदने वालों और प्रमोटर्स के बीच होने वाली ट्रांजेक्शन पर नजर रखी जाएगी. ये बिल 2013 में यूपीए शासन के दौरान राज्यसभा में पहली बार पेश हुआ था. तब से लेकर अब तक कई बार अड़ंगा डल चुका था, पर फाइनली गुरुवार को सफलता  मिली. 2014 में एनडीए की सरकार बनने के बाद बिल को स्टैंडिंग कमेटी के पास फिर से भेजा गया. https://twitter.com/ANI_news/status/707894272519905280 जानिए बिल के आने से क्या होगा चेंज?1. बिल कमर्शियल और रिहायशी प्रोजेक्टस को रेगुलेट करेगा. बिल के आने से रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) के बनने का भी रास्ता साफ हो जाएगा. ये अथॉरिटी सभी राज्यों में बनाई जाएगी. 2. इस अथॉरिटी में रियल एस्टेट प्रोजेक्टस और रियल एस्टेट एजेंट को रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. बिल में बिल्डर्स को रजिस्टर्ड प्रोजेक्टस की डिटेल्स भी बतानी होंगी. ये सारी डिटेल्स RERA की वेबसाइट पर अपलोड की जाएंगी. 3. बिल के मुताबिक, खरीददारों से बिल्डर्स की ली रकम का 70 फीसदी हिस्सा एक सेपरेट बैंक अकाउंट में जमा कराना जरूरी है. ये रकम सिर्फ प्रोजेक्ट की कंस्ट्रक्शन पर खर्च की जाएगी. बिल्डर्स को तय वक्त में देना होगा फ्लैट. 4. बिल के मुताबिक, 500 स्क्वायर मीटर एरिया या आठ फ्लैट वाले प्रोजेक्ट को भी रेगुलेटरी अथॉरिटी में रजिस्टर कराना होगा. पहले 1000 स्क्वायर मीटर वाले प्रोजेक्ट के लिए ही ये नियम था. 5. अब बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी प्रोजेक्ट लॉन्च नहीं हो सकेगा. न ही बिल्डर उसका विज्ञापन निकाल सकेंगे. फर्जी तरह के ऐड पर सजा का भी नियम लागू करने की बिल में सिफारिश की गई है. यानी रेडियो एफएम पर जो ऐड पकाते रहते हैं, कुछ हद तक उनसे भी राहत मिलेगी.

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