यासीन मलिक की सजा पर 'द कश्मीर फाइल्स' के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री क्या बोले?
शहीद वायु सेना अधिकारी रवि खन्ना की पत्नी ने कोर्ट के फैसले पर नाखुशी जताई.

टेरर फंडिंग केस में यासीन मलिक (Yasin Malik) को NIA कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रियाएं भी लगातार आ रही हैं. राजनेताओं से लेकर फिल्म जगत से जुड़े लोग भी इस फैसले पर अपनी राय जाहिर कर रहे हैं. जम्मू-कश्मीर बीजेपी ने यासीन मलिक की सजा के ऐलान के बाद कहा कि उसने पाकिस्तान की मदद से घाटी को लहूलुहान कर दिया. वहीं ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने यासीन मलिक की सजा को ‘ग्रेट जजमेंट’ बताया है.
विवेक अग्निहोत्रीयासीन मलिक की सजा का ऐलान होते ही ‘द कश्मीर फाइल्स’ के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने ट्वीट किया. उन्होंने लिखा,
‘ग्रेट जजमेंट. यह सभी कश्मीरी हिंदुओं के लिए जख्म भरने वाला का पल है. न्याय के अधिकार के लिए हमारे अभियान में एक प्रमुख मील का पत्थर. जिस दिन का वादा था वो आज आ ही गया. हम देखेंगे.’
उधर मीडिया से बात करते हुए जम्मू-कश्मीर बीजेपी के अध्यक्ष रविंदर रैना ने कहा,
‘यासीन मलिक ने घाटी में आतंकवाद के प्रचार के लिए हवाला पैसे का इस्तेमाल करके ‘सबसे बड़ा क्राइम’ किया था. यासीन मलिक ने जम्मू-कश्मीर का खून बहाया है. यासीन मलिक ने पाकिस्तान की मदद से घाटी को लहूलुहान कर दिया.’
वहीं शहीद वायु सेना अधिकारी रवि खन्ना की पत्नी निर्मल खन्ना की भी प्रतिक्रिया आई. उन्होंने यासीन मलिक के लिए मौत की सजा की मांग की है. निर्मल खन्ना ने कहा है,
‘यह यासीन मलिक द्वारा किए गए आतंकी हमलों के पीड़ितों के साथ न्याय है. कुछ लोग संतुष्ट हो सकते हैं लेकिन मैं संतुष्ट नहीं हूं. क्योंकि मैं यासीन मलिक के लिए मौत की सजा चाहती हूं.’
रवि खन्ना 1990 में कश्मीर में हुई हिंसा में शहीद हो गए थे. इससे आज तक आहत उनकी पत्नी निर्मल खन्ना ने आगे कहा,
‘जजों ने जो भी सजा दी है, मैं उसका सम्मान करती हूं. वे बेहतर जानते हैं कि ऐसे मामले में क्या सजा दी जानी चाहिए. मुझे 100 फीसदी यकीन है कि मुझे न्याय मिलेगा.’
वहीं बॉलीवुड एक्टर परेश रावल ने तंज भरे लहजे में ट्वीट किया. उन्होंने लिखा,
‘मलिक दो तरह के होते हैं! एक हैं उमरान (क्रिकेटर उमरान मलिक) जो युवाओं को प्रेरित करते हैं और दूसरा है…!’
अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने फैसले को ‘अधूरा न्याय’ बताया. उन्होंने ट्वीट कर लिखा,
‘न्याय अभी अधूरा है. जब तक यासीन मलिक को फांसी नहीं होती तब तक कश्मीरी पंडितों को, मासूमों को, जिनकी हत्या यासीन मलिक के कारण हुई उनके परिवारों को पूरा न्याय नहीं मिलगा. एक दिन हत्यारे और आतंकवादी यासीन मलिक को फांसी जरूर होगी.’
जम्मू-कश्मीर से भी कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया आई. मीडिया रिपोर्टस के अनुसार जम्मू कश्मीर की क्षेत्रीय पार्टियों के गुपकार गठबंधन (PAGD) ने यासीन मलिक को मिली सजा को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. पीएजीडी का कहना है कि इससे घाटी में शांति के प्रयासों को झटका लगा है. साथ ही इससे अलगाववादी भावनाओं को और बढ़ावा मिलेगा.

