बहुत पुरानी बात नहीं है. आज ही यानी 9 जनवरी की सुबह लल्लन ने ये खबर लगाई थीजिसमें केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के ट्विटर हैंडल से डिजिटल इंडिया का सपोर्टकरते ट्वीट किया गया था. उसमें आंकड़े की एरर थी. वो खबर सबसे नीचे लगी है. फिलहालवो गलती सुधार ली गई है और नया ट्वीट किया गया है. देख लो नया ट्वीट. सुबह तक येट्वीट लगा था जिसके हिसाब से 54 हजार 247 रुपए प्रति किलो की दर से फसल बिक रही थी.इसकी पूरी गणित ये है. 31.13 लाख टन एक टन = एक हजार किलो 31.13 लाख = 31,13,00031.13 लाख टन= 3113000*1000 =31,13,000000 6130 करोड़ की फसल 61300000000 इस आंकड़ेको ऊपर वाले, मतलब 31,13,000000 से भाग कर देंगे टोटल निकला 19.69, यानी ये आंकड़ाभरोसे लायक है. इस पूरे मामले में सबसे अच्छी बात ये है बात जहां तक पहुंचनी थीवहां पहुंची. और गलती को दुरुस्त किया गया. इस कदम का स्वागत किया जाना चाहिए. इससेज्यादा हम कहेंगे तो आप कहोगे लल्लन फालतू में डिप्लोमेटिक बयान देकर पका रहा है.लेकिन गुरू, अच्छी बात की तारीफ करने में पीछे न रहिना.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: पिछली खबर: ये किस फसल का रेट 54247.78 रुपए प्रति किलो दे रही हैसरकार? अखिलेश, तुम्हारा एक पन्ने का विज्ञापन लिखने वाला तुम्हारा सबसे बड़ादुश्मन है