चूहों ने 3 महीने की बच्ची को कुतर डाला
नोएडा का मामला. बच्ची की हालत सीरियस नहीं.
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अपने नवजात बच्चों को जमीन पर लिटाकर कभी अकेला न छोड़ें. गाजियाबाद में चूहों ने एक तीन महीने की बच्ची को बुरी तरह कुतर डाला. लहूलुहान बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है.
'अमर उजाला' की खबर के मुताबिक, दीपक और उनकी पत्नी गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में रहते हैं. उनकी बच्ची अभी तीन महीने की है. बच्ची की मम्मी उसे ज़मीन पर लिटाकर बाहर निकलीं. वापस आईं तो देखा कि बच्ची को चूहे कुतर रहे थे. उसके शरीर से जगह-जगह से खून बह रहा था. जीभ भी कटी हुई थी.
चूहे की मौत नहीं मरा था चूहों की दुनिया का 'खली'
मम्मी-पापा उसे तुरंत लेकर अस्पताल भागे. शुरुआती इलाज के बाद बच्ची को चाइल्ड पीजीआई भेज दिया गया. लेकिन वहां सीरियस हालत में लाए गए बच्चों के इलाज की सुविधा नहीं थी. तो बच्ची को नोएडा सेक्टर 30 के जिला अस्पताल ले गए.
वोट तो उसी को मिलेगा जो चूहे मारेगा
चूहों का बच्ची पर ऐसा हमला डॉक्टरों के लिए भी शॉकिंग है. हालांकि ऐसी कई घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं. लंदन में तो चार साल पहले एक चूहे ने डेढ़ साल की बच्ची पर हमला कर दिया था. बच्ची की मां ने बताया था कि चूहा लगभग एक फुट का रहा होगा, जिसे उन्होंने झाड़ू लेकर घर से खदेड़ा.
2011 में साउथ अफ्रीका में चूहे दो बच्चों को खा गए थे. वाकया दो अलग-अलग घरों का है. उनमें से एक बच्चे की आंखें निकाल डाली थी चूहों ने.
वैसे यह एक मिथ माना जाता है कि चूहे बच्चों को अकेला पाकर उन पर हमला कर देते हैं. एक्सपर्ट मानते हैं कि चूहे खुद कभी किसी इंसान पर हमला नहीं करते. इंसान की तरफ वे तभी बढ़ते हैं जब उन्हें उकसाया जाए. बच्चों और सोते हुए लोगों पर ये तब हमला करते हैं, जब उनके हाथ या शरीर पर खाने की कोई चीज लगी रह जाती है.
लेकिन सबसे जरूरी ये है कि हम अपना घर साफ़-सुथरा रखें और बच्चों को जमीन पर न सुलाएं.

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