न्यूज़ चैनल के ऑफिस में दो भाइयों की गोली मारकर हत्या
वारदात रांची की है.
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हेमंत अग्रवाल (बाएं) और महेंद्र अग्रवाल की न्यूज़ चैनल के दफ्तर में गोली मारकर हत्या कर दी गई है.
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झारखंड की राजधानी रांची में एक न्यूज़ चैनल के दफ्तर में दो भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. वारदात 6 मार्च, 2019 की रात की है. पुलिस के मुताबिक हत्या चैनल के हेड लोकेश चौधरी और उसके साथियों ने की है.
हुआ क्या था?
पवन एयर कार्गो के मालिक थे महेंद्र अग्रवाल और उनके छोटे भाई हेमंत अग्रवाल. रहने वाले झरिया के थे. रांची में लालपुर के मुक्तिशरण लेन में भी उनका घर था. घरवालों के मुताबिक महेंद्र अग्रवाल और हेमंत अग्रवाल का साधना न्यूज़ के हेड लोकेश चौधरी पर पांच लाख रुपये बकाया था. इसी पैसे की वसूली के लिए दोनों भाई 6 मार्च, 2019 की शाम को करीब चार बजे घर से निकले थे. इसके बाद से ही उनका पता नहीं चल पा रहा था. देर रात तक जब दोनों भाई वापस नहीं लौटे, तो घरवालों ने लालपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज करवा दी. पुलिस को घरवालों से दोनों भाइयों के नंबर मिले. जब तफ्तीश शुरू हुई तो महेंद्र अग्रवाल के मोबाइल की अंतिम लोकेशन डिबडीह में और हेमंत अग्रवाल के मोबाइल की अंतिम लोकेशन अशोक नगर में मिली. इसके बाद पुलिस दोनों इलाकों की खाक छानती रही.
पुलिस ने जब फोन किया तो महेंद्र का फोन बंद था. हेमंत का फोन बज रहा था और उसकी लोकेशन न्यूज़ चैनल के दफ्तर की थी. महेंद्र अग्रवाल की पत्नी बरखा अग्रवाल और हेमंत अग्रवाल की पत्नी प्रीति अग्रवाल ने जब पुलिस को बताया कि दोनों भाई साधना न्यूज़ चैनल में लोकेश के पास गए थे, तो पुलिस चैनल के ऑफिस पहुंची. वहां ताला बंद था, तो पुलिस सीढ़ियों के जरिए बालकनी में पहुंची. दरवाजा तोड़ा तो दोनों भाइयों के शव वहां पड़े हुए थे. न्यूज़ चैनल के दफ्तर में दो भाइयों का शव देखने के बाद एसएसपी को सूचना दी गई.
राइफल से मारीं पांच गोलियां
सूचना मिलते ही एसएसपी अनीश गुप्ता, सिटी एसपी सुजाता वीणापाणी और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई. फिंगर प्रिंट की जांच के लिए एफएसएल की टीम भी पहुंची. न्यूज़ चैनल में सीसीटीवी था, लेकिन उसका डीवीआर निकला हुआ था. ऐसे में पुलिस को फुटेज नहीं मिल पाई. पुलिस ने अपनी तफ्तीश में पाया है कि दोनों भाइयों को राइफल से गोली मारी गई है. सिटी एसपी सुजाता वीणापाणी ने बताया है कि गोली सिर, कनपट्टी और शरीर के कई और हिस्से में मारी गई है. घटना स्थल से पांच खोखे भी मिले हैं. एसपी सिटी के मुताबिक दोनों भाई स्कूटी से आए थे. इस हत्याकांड में लोकेश चौधरी, उसका निजी बॉडीगार्ड और दो और लोग शामिल हैं. पुलिस ने बताया है कि ऑफिस के नीचे खड़े गार्ड ने बताया है कि उसने 6 मार्च की शाम करीब 6 बजे चार-पांच फायर की आवाज सुनी थी. इसके बाद लोकेश और तीन और लोग नीचे आए और गाड़ी में बैठकर चले गए.
कौन है दो भाइयों की हत्या का आरोपी लोकेश?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लोकेश बिहार के दरभंगा जिले के बेनीपुर का रहने वाला है. उसने खुद का एक न्यूज़ चैनल शुरू किया था, जिसका नाम था साधना प्लस. डेढ़ साल तक चलने के बाद ये चैनल बंद हो गया था. इसके बाद लोकेश ने इसको रिलॉन्च करने की प्लानिंग की. इसका नाम रखा था साधना न्यूज़. इसके लिए उसने भर्तियां भी शुरू कर दी थीं और 12 मार्च, 2019 को वो चैनल ऑन एयर करने वाला था. लोकेश की बिहार के सत्ता के गलियारों में अच्छी पहुंच है. वह अपने लोगों से कहता था कि वो दरभंगा के बेनीपुर से राजद के टिकट पर चुनाव लड़ेगा. भले ही पार्टी की ओर से उसके नाम पर कुछ नहीं कहा गया था, लेकिन वो अपने लोगों से कहता था वही चुनाव लड़ेगा.
कहां गया लोकेश?
पुलिस के मुताबिक लोकेश का मोबाइल बंद है, जिसकी वजह से उसकी लोकेशन नहीं मिल पा रही है. वहीं मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि दोनों भाइयों की हत्या करने के बाद लोकेश पहले तो रांची के सिंहमोड़ के वसुंधरा ऑर्किड अपार्टमेंट में फर्स्ट फ्लोर पर पहुंचा, जहां उसका परिवार था. लोकेश ने अपने परिवार को कार में बिठाया और फिर हजारीबाग-कोडरमा होते हुए पटना भाग गया. रांची के एसएसपी अनीश गुप्ता ने इस हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने के लिए एसआईटी बना दी है. साथ ही लोकेश की गिरफ्तारी के लिए पटना एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और नेपाल बॉर्डर से सटे जिलों की पुलिस को एलर्ट कर दिया है. इस एसआईटी का नेतृत्व सिटी एसपी सुजाता वीणापाणी करेंगी.
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