आज़म खान पर एक और मुकदमा, जेल से बहुत जल्दी बाहर आने वाले थे?
सपा नेता आजम खान को रामपुर पुलिस ने एक और मामले में आरोपी बनाया है. मतलब एक और केस. मामला साल 2020 से जुड़ा है.

सपा नेता आजम खान (Azam Khan) को रामपुर पुलिस ने एक और मामले में आरोपी बनाया है. मतलब एक और केस. मामला साल 2020 से जुड़ा है. जिसकी दोबारा जांच कराई गई. ये कार्रवाई भाजपा नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर की गई. आरोप है कि आजम खान ने रामपुर पब्लिक स्कूल की बिल्डिंग का सर्टिफिकेट फर्जी बनवाकर मान्यता प्राप्त की थी. अब इस मामले में सुनवाई 19 मई को होगी.
इस नए आरोप के बाद आजम खान का जल्द जेल से बाहर आना मुश्किल हो गया है. दरअसल आजम खान पर 87 मामले दर्ज थे जिनमें से उन्हें 86 मामलों में जमानत मिल चुकी थी. सिर्फ एक मामले में जमानत मिलना बाकी था. लेकिन अब एक और नया मामला इस फेहरिस्त शामिल हो गया है.
Uttar Pradesh | Case registered against SP leader Azam Khan in connection with a 2020 alleged fraud case over recognition of a school in Kotwali: Rampur Police
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) May 6, 2022
आजम खान का जेल से बाहर आना मुश्किल
बता दें कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान (Azam Khan) पर वक्फ बोर्ड की संपत्ति गलत तरीके से कब्जा करने का आरोप था. इस मामले की जमानत याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) में सुनवाई चल रही थी. आखिरी बार चार दिसंबर 2021 को सुनवाई हुई थी. तब से लेकर अब तक कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. ऐसे में आजम खान के समर्थकों ने उम्मीद जताई कि वे तकरीबन सवा दो साल के बाद जेल से बाहर आ सकेंगे लेकिन शुक्रवार को उनकी मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ गईं.
जब मामला लटका तो आजम खान की ओर से जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी गई. सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई को सुनवाई की. नाराजगी जताई. सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में देरी को ‘न्याय का मखौल’ उड़ाना बताया है. सुप्रीम कोर्ट की तरफ से कहा गया कि आजम खान 87 में से 86 मामलों में जमानत पा चुके हैं. एक मामले का फैसला रिजर्व हुए 137 दिन बीत गए हैं. अब इसे और रिजर्व नहीं रखा जाना चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बीआर गवई की बेंच ने ये टिप्पणी की. बेंच ने कहा कि अगर इलाहाबाद हाईकोर्ट आजम खान की जमानत याचिका पर फैसला नहीं करता है, तो सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में दखल देना पड़ेगा. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट अब 11 मई को अगली सुनवाई करेगा. वक्फ बोर्ड से जुड़े इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले साल 4 दिसंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 5 मई को भी इस मामले में सुनवाई की थी. करीब ढाई घंटे तक चली इस सुनवाई के बाद इस मामले का फैसला सुरक्षित रख लिया गया था.
सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद यूपी में चर्चा आम थी कि आजम खान किसी भी मौके पर जेल से बाहर आ सकते हैं. लेकिन अब उनके ऊपर एक और मुकदमा चढ़ गया है. देर लगेगी.
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