नवंबर-दिसंबर. शादी के लिए चौकस सीजन. न मेकअप के बहने का डर और न ही उसे सुखाने केलिए एसी-कूलर में बैठने का झंझट. इस दफा तो मोदी जी के नोटबंदी के फैसले ने शादीवाले घरों में एक अलग ही परेशानी दे रखी है. नकद की परेशानी. पुराने नोट को बदलवानेका झंझट. और बैंक का चक्कर. खैर गुरुवार को सरकार ने शादी वाले घरों को थोड़ी राहतदी है. जिनके घर में शादी है, वो लोग कार्ड दिखा कर ढाई लाख रुपये बैंक से निकालसकते हैं. नोटबंदी के फैसले पर लगभग-लगभग सब लोगों ने अपनी राय रखी. किसी ने मोदीजी के फैसले को सपोर्ट किया तो किसी ने इसे गलत बताया. पर योग गुरु रामदेव ने जोकहा वो शानदार था. गुरुवार को एक इवेंट के दौरान उन्होंने कहा, 'बीजेपी में बहुतसारे लोग बैचलर हैं. नोटबंदी का फैसला लेते वक्त उनको ध्यान नहीं आया होगा किनवंबर-दिसंबर शादी का सीजन होता है. और ये उनकी गलती है. सरकार अगर ये फैसला 15 दिनया महीने दिन बाद लेती तो लोगों को इतनी दिक्कतें नहीं होती.' बाबा ने हंसते हुएकहा कि नोटबंदी से एक चीज बहुत सही हुई है. लोग दहेज के लिए मुंह नहीं खोलेंगे.गुरुवार को इकॉनमी अफेयर्स के सेक्रेटरी शक्तिकांत दास ने कहा है कि जिसकी शादीहोनी है वो या फिर उसके पेरेंट्स ही बैंक से पैसे निकाल सकते हैं. बता दें किशादियों को ध्यान में रखकर जिन लोगों ने पैसे निकाले थे, वो आज पुराने नोंटों केसाथ बैंक के चक्कर काट रहे हैं. एक दूल्हा तो अपनी शादी के एक दिन पहले पूरी रातबैंक के बाहर कैश के लिए खड़ा रहा. नोटबंदी के इस माहौल में जनार्धन रेड्डी कीबिटिया की ग्रैंड शादी सबका अटेंशन अपनी तरफ करती है. जो बुधवार को निपटाया गया है.एक तरफ लोगों की लाइफ एटीएम और बैंक के चक्कर काटने में कट रही है. और दूसरी तरफइतनी ग्रैंड शादी.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़िये..सरकार खूब सारे नोट छपवा के गरीबों में बांट क्यों नहीं देती?मैं एक मशीन हूं और 'नोटबंदी' के बाद मेरे अच्छे दिन आ गए हैंपाकिस्तान की जमीं, पानी, हवा सबके लिए बुरी खबरक्या प्रधानमंत्री का रोना लोगों की चीखों पर भारी पड़ गया है?'मैं बैंक मैनेजर हूं, अपने ही नोट नहीं बदलवा पाई हूं'यहां पोस्ट-ऑफिस के लोग अस्पतालों में पहुंच पैसे बांट रहे हैं!बैंक की कतार में लगे लोगों की परेशानी होगी कम'बीजेपी नेता बताएं, बेटी की शादी के लिए 500 करोड़ रुपये कहां से आए'