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नोटबंदी से शादियों में दिक्कत की बात पर बाबा रामदेव का अनोखा बयान!

महीने दिन बाद लेना चाहिए था फैसला. लोगों को इतनी दिक्कत नहीं होती.

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जागृतिक जग्गू
18 नवंबर 2016 (अपडेटेड: 18 नवंबर 2016, 09:17 AM IST)
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नवंबर-दिसंबर. शादी के लिए चौकस सीजन. न मेकअप के बहने का डर और न ही उसे सुखाने के लिए एसी-कूलर में बैठने का झंझट. इस दफा तो मोदी जी के नोटबंदी के फैसले ने शादी वाले घरों में एक अलग ही परेशानी दे रखी है. नकद की परेशानी. पुराने नोट को बदलवाने का झंझट. और बैंक का चक्कर. खैर गुरुवार को सरकार ने शादी वाले घरों को थोड़ी राहत दी है. जिनके घर में शादी है, वो लोग कार्ड दिखा कर ढाई लाख रुपये बैंक से निकाल सकते हैं. नोटबंदी के फैसले पर लगभग-लगभग सब लोगों ने अपनी राय रखी. किसी ने मोदी जी के फैसले को सपोर्ट किया तो किसी ने इसे गलत बताया. पर योग गुरु रामदेव ने जो कहा वो शानदार था. गुरुवार को एक इवेंट के दौरान उन्होंने कहा, 'बीजेपी में बहुत सारे लोग बैचलर हैं. नोटबंदी का फैसला लेते वक्त उनको ध्यान नहीं आया होगा कि नवंबर-दिसंबर शादी का सीजन होता है. और ये उनकी गलती है. सरकार अगर ये फैसला 15 दिन या महीने दिन बाद लेती तो लोगों को इतनी दिक्कतें नहीं होती.' बाबा ने हंसते हुए कहा कि नोटबंदी से एक चीज बहुत सही हुई है. लोग दहेज के लिए मुंह नहीं खोलेंगे. गुरुवार को इकॉनमी अफेयर्स के सेक्रेटरी शक्तिकांत दास ने कहा है कि जिसकी शादी होनी है वो या फिर उसके पेरेंट्स ही बैंक से पैसे निकाल सकते हैं. बता दें कि शादियों को ध्यान में रखकर जिन लोगों ने पैसे निकाले थे, वो आज पुराने नोंटों के साथ बैंक के चक्कर काट रहे हैं. एक दूल्हा तो अपनी शादी के एक दिन पहले पूरी रात बैंक के बाहर कैश के लिए खड़ा रहा. नोटबंदी के इस माहौल में जनार्धन रेड्डी की बिटिया की ग्रैंड शादी सबका अटेंशन अपनी तरफ करती है. जो बुधवार को निपटाया गया है. एक तरफ लोगों की लाइफ एटीएम और बैंक के चक्कर काटने में कट रही है. और दूसरी तरफ इतनी ग्रैंड शादी.
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