रामचंद्र गुहा ने क्यों कहा- केरल ने राहुल गांधी को जिताकर विनाशकारी काम किया है?
पीएम मोदी को 'सेल्फ मेड' लीडर बताया.
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केरल के कोझिकोड में आयोजित केरल साहित्य महोत्सव में रामचंद्र गुहा ने कांग्रेस, राहुल और सोनिया गांधी पर निशाना साधा है.
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रामचंद्र गुहा. जाने-माने इतिहासकार हैं. उन्होंने राहुल गांधी, सोनिया गांधी और कांग्रेस पार्टी को लेकर जो कहा है वो कांग्रेस को बिल्कुल अच्छा नहीं लगेगा. केरल के कोझिकोड में आयोजित केरल साहित्य महोत्सव में रामचंद्र गुहा ने 17 जनवरी 2020 को कहा कि अपनी मेहनत से आगे बढ़ने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने 'पांचवीं पीढ़ी के शासक' राहुल गांधी के लिए भारतीय राजनीति में कोई मौका नहीं है. गुहा ने कहा कि केरल की जनता ने राहुल गांधी को सांसद चुनकर विनाशकारी काम किया है. अगर केरल के लोग वर्ष 2024 में दोबारा गांधी को चुनते हैं तो इससे नरेंद्र मोदी को ही बढ़त मिलेगी.
रामचंद्र गुहा ने कहा,
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मैं व्यक्तिगत रूप से राहुल गांधी के खिलाफ नहीं हूं. वो सभ्य व्यक्ति हैं. शिष्ट हैं. लेकिन युवा भारत पांचवीं पीढ़ी के शासक को नहीं चाहता है. अगर आप मलयाली लोग 2024 में दोबारा राहुल गांधी को चुनने की गलती करते हैं तो इससे सिर्फ नरेंद्र मोदी को फायदा होगा. क्योंकि नरेंद्र मोदी के लिए एक बड़ा लाभ ये है कि वो राहुल गांधी नहीं हैं.भीड़ को संबोधित करते हुए गुहा ने कहा,
केरल, आपने भारत के लिए कई शानदार काम किए हैं, लेकिन आपने जो विनाशकारी काम किया, उसमें से एक राहुल गांधी को संसद के लिए चुना जाना था. नरेंद्र मोदी का बहुत बड़ा फायदा यह है कि वह राहुल गांधी नहीं हैं. वह सेल्फमेड हैं. उन्होंने 15 वर्षों तक एक राज्य चलाया है, उनके पास एक प्रशासनिक अनुभव है, वह अविश्वसनीय रूप से मेहनती हैं और कभी भी यूरोप में छुट्टियां नहीं मनाते हैं. आप मेरा यकीन करें यह सब गंभीरता से कह रहा हूं. हालांकि अगर राहुल गांधी अधिक मेहनती होते, कभी भी छुट्टी मनाने यूरोप नहीं जाते उसके बाद भी 'पांचवीं पीढ़ी के शासक' को सेल्फमेड मोदी के सामने नुकसान ही होता.राहुल ने 2019 में दो सीटों से लोकसभा चुनाव लड़ा. इनमें से एक सीट अमेठी पर हार मिली. हालांकि, वायनाड में वे बड़े अंतर से जीतकर संसद पहुंचे. रामचंद्र गुहा ने सोनिया गांधी को भी निशाने पर लिया. कहा कि सोनिया गांधी उन्हें 'खत्म हो चुके मुगल वंश' की याद दिलाती हैं जो अपने साम्राज्य के हालात से अंजान थे. गुहा ने कहा,
भारत लोकतांत्रिक बन रहा है. सामंतवाद कम हो रहा है. लेकिन गांधी परिवार इसे अभी समझ नहीं रहा है. सोनिया गांधी आप दिल्ली में हैं, आपका साम्राज्य लगातार सिकुड़ रहा है लेकिन आपके चमचे आपको अभी भी बता रहे हैं आप अभी भी बादशाह हैं.गुहा ने आगे कहा,
बाइबिल में कहा गया है कि पिता के पापों की सजा आने वाली सात पीढ़ियों को भुगतनी पड़ती है. लेकिन नेहरू के मामले में यह उल्टा हो रहा है. यह सात पीढ़ियों का पाप है जो घुम फिर कर नेहरू पर आ जा रहा है. आज के राष्ट्रीय बहस को देखें. नेहरू को हर बार क्यों लाया जा रहा है. मोदी ये क्यों कहते रहते हैं कि नेहरू ने कश्मीर में ये किया. चीन में ये किया. ट्रिपल तलाक में ये किया. क्योंकि राहुल गांधी वहां हैं. अगर राहुल गांधी राजनीति से गायब हो जाते हैं तो मोदी को अपनी नीतियों के बारे में बात करनी होगी. उन्हें बताना होगा कि वे असफल क्यों हुए.गुहा ने देश में हिंदू राष्ट्रवाद के उदय के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा कि संघ और भाजपा की ओर से प्रचारित हिंदुत्व ब्रांड का मानना था कि हिंदू धर्म अन्य धर्मों से बेहतर है. हिंदी अन्य भाषाओं से बेहतर है और एक देशभक्त भारतीय को पाकिस्तान से नफरत करनी चाहिए. गुहा ने दोहराया कि एक सच्चा देशभक्त वास्तव में उन गलतियों पर सवाल करेगा जो सरकार करती है, लेकिन हिंदुत्व ब्रांड का राष्ट्रवाद इस तरह के असंतोष की अनुमति नहीं देता है. गुहा ने भारतीय वामपंथ के पाखंड को भारत में हिंदुत्व के उदय के कारणों में से एक बताया. कहा,
आज वामपंथ केरल में सत्ता में है, लेकिन वह पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और अन्य राज्यों में सत्ता में रहे. वामपंथी विश्वविद्यालयों, बुद्धिजीवियों, कलाकारों और फिल्म निर्माताओं में प्रभावशाली रहे हैं. वामपंथी वैचारिक रूप से पाखंडी इस वजह से हैं क्योंकि वे भारत से अधिक अन्य देशों से प्यार करते हैं. दुनिया भर में आक्रामक राष्ट्रवाद का उदय और पड़ोसी देशों में इस्लामी कट्टरवाद और कुछ अन्य कारण भारत में हाल के दिनों में हिंदुत्व के उदय के कारण हैं.गुहा ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. पिछले कुछ हफ्तों से इसे लेकर वो देश के प्रति आशान्वित महसूस कर रहे हैं. संविधान को पुनर्जीवित किया जा रहा है. एक मजबूत विपक्ष की अनुपस्थिति में आम नागरिकों को भारत की आत्मा को बचाने के लिए आगे आना चाहिए.
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