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बच्चे राखी बांधकर स्कूल गए थे, टीचर्स ने निकालकर कूड़ेदान में फेंक दीं

इनफैंट मैरी इंग्लिश स्कूल का मामला. स्कूल के संयोजक ने कहा कि गलती करने वाले टीचर्स ने माफी मांग ली है.

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12 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 12 अगस्त 2022, 08:23 PM IST)
Karnataka School
बाएं से दाएं. स्कूल के बार इकट्ठा लोग और स्कूल के संयोजक. (फोटो: सोशल मीडिया/ANI)
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कर्नाटक (Karnataka) के मंगलुरू में स्थित इनफैंट मैरी इंग्लिश स्कूल में राखी को लेकर विवाद हो गया. बताया जा रहा है कि यहां पढ़ने वाले बच्चों के हाथों से राखी हटा ली गईं. इसके बाद उन बच्चों के माता-पिता ने विरोध प्रदर्शन किया. राखियां हटाने का आरोप स्कूल में पढ़ाने वाले टीचर्स पर है. इधर स्कूल की तरफ से विवाद सुलझा लेने की बात कही गई है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस स्कूल में ये विवाद हुआ वो मंगलुरू के कटिपल्ला में स्थित है. बताया गया कि स्कूल के बाहर बच्चों के माता-पिता ने विरोध प्रदर्शन किया. इस विरोध प्रदर्शन में बीजेपी कार्यकर्ता भी शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, बच्चे हाथ में राखी बांधकर स्कूल गए थे. हालांकि, स्कूल के अंदर कुछ टीचर्स ने उनके हाथ से राखी उतार दीं. यही नहीं, इन राखियों को डस्टबिन में फेंक दिया गया. ऐसे आरोप हैं.

स्कूल के खिलाफ नारेबाजी

न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे कथित घटनाक्रम के बाद बच्चों के माता-पिता और बीजेपी के कुछ कार्यकर्ता स्कूल के बाहर इकट्ठे हो गए. उन्होंने स्कूल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और प्रबंधन से जवाब मांगा.

ये भी पढ़ें- कानपुर के स्कूल पर कलमा पढ़वाने का आरोप लगा, फिर शुद्धिकरण के नाम पर गंगाजल छिड़का

इधर स्कूल के संजोयक फादर संतोष लोबो ने इस विवाद पर अपनी बात रखी. ANI से बात करते हुए फादर संतोष लोबो ने कहा कि विवाद को सुलझा लिया गया है. बोले,

"हमने स्टाफ की एक मीटिंग बुलाई. जिन लोगों ने गलती की उन्होंने माफी मांग ली है और मामला सुलझ गया है."

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फादर लोबो ने ये भी बताया कि स्कूल में ऐसा कोई नियम नहीं है कि बच्चों के हाथ से राखी हटाई जाए. उन्होंने कहा कि कुछ टीचर्स ने गलतफहमी के चलते ऐसा कर दिया. उन्होंने ये भी कहा कि रक्षाबंधन भाईचारे का त्योहार है और स्कूल इसका सम्मान करता है. इस बीच ये जानकारी भी सामने आई कि प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस प्रशासन को मौके पर पहुंचना पड़ा था. 

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