The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Rajasthan Minister pawan chandna video viral on auction of girls issue

"किस दुनिया में जीते हो यार?" लड़कियों की "खरीद-फरोख्त" पर राजस्थान के मंत्री ने ये क्या कह दिया?

NHRC ने लड़कियों की नीलामी के मामले में राजस्थान सरकार से रिपोर्ट मांगी है.

Advertisement
pawan chandna
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ पवन चांदना की पुरानी तस्वीर. (सोशल मीडिया)
pic
सौरभ
17 नवंबर 2022 (अपडेटेड: 17 नवंबर 2022, 03:32 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के एक मंत्री अपने एक बयान के कारण विपक्ष का कोपभाजन बने हुए हैं. खेल मंत्री अशोक चांदना ने राज्य में लड़कियों को खरीदे बेचे जाने पर कुछ ऐसी प्रतिक्रिया दी कि उनसे सफाई देते नहीं बन रहा.

कुछ दिन पहले हिंदी अखबार दैनिक भास्कर में एक खबर छपी थी जिसमें बताया गया था कि राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में कर्ज ना चुकाने पर लड़कियों की नीलामी हो रही है. इस मसले पर एक पत्रकार ने गहलोत के खेल मंत्री अशोक चांदना से पूछा कि राजस्थान में लड़कियों को दस-दस हजार रुपये में बेचा जा रहा है. इस चांदना ने जो जवाब दिया, उसपर हंगामा हो गया. सुनिए उन्होंने क्या कहा.

Image embed

पत्रकार के सवाल पर चांदना कहते हैं-

Image embed

पवन चांदना का बयान सोशल मीडिया में आने के बाद से गहलोत सरकार विपक्ष के निशाने पर है. इस बयान को शेयर करते हुए अजमेर से बीजेपी विधायक वासुदेव देवनानी ने लिखा, 

Image embed

राजस्थान में लड़कियां बेची जाने का आरोप

हाल में दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि कैसे "जातीय" पंचायतों के जरिये राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में लड़कियों को नीलाम करने का घिनौना काम किया जा रहा है. खबर के मुताबिक गरीब परिवारों को कर्ज देते वक्त स्टैम्प पेपर पर लिखा जाता है कि अगर वो कर्ज नहीं चुका पाते तो "सेटलमेंट" के तौर पर उनकी बेटियां नीलाम कर दी जाएंगी. इसके तहत आठ से 18 साल की लड़कियों की नीलामी तय की जाती है.

अखबार ने बताया है कि आज भी भीलवाड़ा में दो पक्षों के बीच के विवाद या झगड़े को सुलझाने के लिए लोग पुलिस के पास नहीं जाते. ये विवाद सामान्यतः वित्तीय लेनदेन से जुड़े होते हैं. गरीब परिवार जब कर्ज नहीं चुका पाते तो बिचौलिये पंचायतों के पास पहुंचते हैं. यहीं से लड़कियों को नीलामी के जरिये गुलाम बनाने का काम शुरू होता है. बिचौलिये स्टैम्प पेपर दिखाकर बकाया कर्ज के बदले लड़कियों को नीलाम करने की बात कहते हैं. पंचायतें परिवार को आदेश देती हैं कि कर्ज चुकाओ, वर्ना या तो बेटी की नीलामी होगी या उसकी मां से बलात्कार किया जाएगा.

रिपोर्ट सामने आने के बाद NHRC ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया था. इसमें राज्य के मुख्य सचिव से मामले पर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा गया है.

वीडियो: राजस्थान में कर्ज न चुकाने पर बेटियों की नीलामी और मांओं के साथ रेप हो रहा!

Advertisement

Advertisement

()