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राजस्थान में 15 मिनट के अंदर तीन बार आया भूकंप, मणिपुर में भी महसूस किए गए झटके

भूकंप का केंद्र बिंदु राजधानी जयपुर रहा. घरों से बाहर निकल आए लोग.

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21 जुलाई 2023 (अपडेटेड: 21 जुलाई 2023, 08:55 AM IST)
Rajasthan jaipur Earthquake manipur earthquake magnitude people came out
राजस्थान में भूकंप के झटके. (फोटो: Twitter/ANI)
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राजस्थान में 21 जुलाई की सुबह भूकंप के झटके (Rajasthan Earthquake) महसूस किए गए. वो भी 15 मिनट के अंदर तीन बार. नेशनल सेंटर ऑफ सीस्मोलॉजी की वेबसाइट के मुताबिक, राजधानी जयपुर में पहला झटका तड़के लगभग 4 बजकर 10 मिनट पर आया. भूकंप की तीव्रता 4.4 पर मापी गई. वहीं भूकंप का दूसरा झटका 4 बजकर 23 मिनट पर आया. जिसकी तीव्रता 3.1 मापी गई. भूकंप का तीसरा झटका 4 बजकर 25 मिनट पर आया. जिसकी तीव्रता 3.4 मापी गई.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप का केंद्र बिंदु राजधानी जयपुर रहा. फिलहाल किसी जानमाल के नुकसान या संपत्ति के नुकसान की कोई सूचना नहीं है. पुलिस कंट्रोल रूम ने इस बात की पुष्टि की है. इधर, इतनी सुबह भूकंप का झटके आने से लोग घरों से बाहर निकल आए. भूकंप के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.

इसके साथ ही मणिपुर में भी सुबह-सुबह भूकंप आया. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, राज्य के उखरूल में तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई.

कैसे मापा जाता है भूकंप?

अब ये भूकंप की तीव्रता का कैसे पता चलता है, वो जान लीजिए. भूकंप में दो चीजें देखी जाती हैं: मैग्नीट्यूड और इंटेंसिटी. मतलब कितना आया और कितनी जोर से. ये मापा जाता है रिक्टर स्केल से. जब जमीन हिलती है, तो एनर्जी निकलती है. ये तरंग के रूप में निकलती है. तो इसके लिए एक यंत्र बैठाया जाता है. सीज्मोग्राफ. ये यंत्र भूकंप की तरंगों की ताकत और कितने समय तक ये तरंगे एक्टिव रहीं, इस बात का पता लगाता है. अब तो सीज्मोग्राफ दुनियाभर में कई जगह लगे हुए हैं.

बहरहाल, सीज्मोग्राफ को ऐसे एरिया में लगाया जाता है, जिससे 100-200 किलोमीटर दूर भूकंप आते हैं. भूकंप की तरंगें आकर सीज्मोग्राफ से टकराती हैं. ये इनको मापता है. ये धरती में होने वाली हलचल का एक डिजिटल ग्राफ बनाता है, जिसे सीज्मोग्राम कहते हैं. इसके आधार पर ही गणितीय पैमाने यानी रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तरंगों की तीव्रता, भूकंप का केंद्र और इससे निकलने वाली ऊर्जा का पता लगाया जाता है.

भूकंप की तरंगों को रिक्टर स्केल 1 से 9 तक के आधार पर मापता है. रिक्टर स्केल पर प्रत्येक अगली इकाई पिछली इकाई की तुलना में 10 गुना अधिक तीव्रता रखती है. ऐसे समझिए कि रिक्टर स्केल पर 6 तीव्रता का भूकंप 5 से केवल 1 ज्यादा नहीं होगा, बल्कि 10 गुना ज्यादा होगा. उसी तरह 7 तीव्रता 6 का 10 गुना और 5 का 100 गुना और 4 का हजार गुना तीव्र होगा. 

वीडियो: मणिपुर वायरल वीडियो में दिखे 24 आरोपी, इनमें से कितनों को पहचान पाई पुलिस?

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