'मातोश्री क्या कोई मस्जिद है', उद्धव पर बरसे राज ठाकरे ने अयोध्या ना जाने की वजह बता दी
ठाकरे ने पीएम मोदी से यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की मांग की.

अयोध्या दौरा रद्द करने के बाद राज ठाकरे ने 22 मई को पहली बार रैली की. इस दौरान राज ठाकरे ने महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे पर जमकर हमला बोला. राज ठाकरे ने नवनीत राणा की गिरफ्तारी के बहाने उद्धव पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राणा दंपत्ति को बेवजह सताया गया. राज ठाकरे ने कहा,
‘अगर वो उद्धव के घर, मातोश्री के सामने हनुमान चालीसा पढ़ना चाहते थे तो इसमें दिक्कत क्या है. क्या मातोश्री कोई मस्जिद है?’
राज ठाकरे ने आगे कहा कि वो अयोध्या इसलिए नहीं गए क्योंकि उनकी कमर में कुछ तकलीफ थी. उन्हें हिप बोन ज्वाइंट रिप्लेसमेंट के लिए ऑपरेशन कराना है. ठाकरे ने कहा कि डॉक्टर ने उन्हें लंबे सफर के लिए मना किया है और उनके अयोध्या ना जाने के लिए कई तरह की गलत खबरें चलाई गईं.
इस बीच राज ठाकरे ने कहा कि अगर वो अभी अयोध्या चले जाते, तो उनपर केस लाद दिए जाते है. ठाकरे ने कहा,
"मुझे पता है, यूपी में मौजूदा तनाव के बीच अगर मैं वहां गया होता, तो कोई मुझ पर हमला कर देता. फिर मेरे मनसे कार्यकर्ता चुप नहीं बैठते. मुंहतोड़ जवाब देते. और फिर मेरे कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस होते. ये मेरे और मेरे कार्यकर्ताओं के लिए एक जाल था. इसलिए मैंने अभी रुकने का फैसला किया."
राज ठाकरे ने शिवसेना-कांग्रेस-NCP गठबंधन पर भी निशाना साधा. ठाकरे ने कहा कि, महाराष्ट्र में ओवैसी की पार्टी के पैर पसारने के पीछे महाविकास अघाड़ी का हाथ है. AIMIM, शिवसेना के प्रत्याशी को हराकर अपना सांसद बनवा रही है. ठाकरे ने कहा कि उन्हें लगा था कि जब AIMIM के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने औरंगजेब की मज़ार पर जाकर फूल चढ़ाए थे, तो महाराष्ट्र में आग लग जाएगी. ठाकरे ने कहा कि औरंगजेब यहां सिर्फ छत्रपति शिवाजी की हत्या करने आया था और शरद पवार कहते हैं कि औरंगजेब यहां अपना साम्राज्य विस्तार करने आया था.
इस बीच राज ठाकरे ने यूनिफॉर्म सिविल कोड का भी मुद्दा भी उठाया. राज ठाकरे ने पीएम मोदी से यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की मांग की. साथ ही साथ औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजी नगर करने की मांग भी दोहराई.
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