ट्रेन यात्रियों की हुई मौज, रेलवे एकदम नए बिस्तर-तकिये दे रहा
नई बेडिंग की शुरुआत 14 अगस्त से की गई है. इसे दिल्ली से झारखंड के रांची जाने वाली ट्रेन में पहली बार यात्रियों को दिया गया है.

जब भी आप ट्रेन के एसी कोच में सफर करने जा रहे होते हैं तो एक डर इस बात का रहता है कि चादर और कंबल साफ मिलेंगे या नहीं. भारतीय रेलवे इस डर को खत्म कर पाएगा या नहीं, ये कहना थोड़ा मुश्किल है. लेकिन फिलहाल रेलवे यात्रियों के लिए नई तरह की बेडिंग लेकर आया है. रेलवे का दावा है कि नई बेडिंग की क्वालिटी पहले से बेहतर होगी. उत्तर रेलवे ने सोशल मीडिया पर इस बात की जानकारी दी है.
रेलवे की तरफ से X पर बताया गया,
“भारतीय रेलवे यात्रियों के यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए प्रीमियम अल्ट्रासॉफ्ट लिनिन (बेडिंग) लॉन्च करने जा रहा है, जो सांस लेने के लिहाज से बेहतर और टिकाऊ है.”
रेलवे का कहना है कि इन बेडिंग्स को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के परामर्श से काफी रिसर्च के बाद डिजाइन किया है. ये चर्चित ब्रैंड्स से बनवाए गए हैं ताकि यात्रियों को ज्यादा आराम और ताजगी भरी यात्रा मिल सके.
नई बेडिंग की शुरुआत 14 अगस्त से की गई. इसे दिल्ली से झारखंड के रांची जाने वाली ट्रेन में पहली बार यात्रियों को दिया गया है. इसके बाद 17 अगस्त को बिलासपुर राजधानी ट्रेन में भी यात्रियों को नई बेडिंग ही दी जाएगी. हालांकि रेलवे ने साफ किया है कि अभी सिर्फ ट्रायल बेसिस पर नई बेडिंग चालू की गई है. अगर रेलवे को इसका फीडबैक अच्छा मिलता है तो नई बेडिंग को अन्य ट्रेनों में भी शामिल किया जाएगा.
इससे पहले इसी साल फरवरी में रेलवे की तरफ से कहा गया था कि ट्रेन में गंदे चादर या कंबल मिलने पर 139 नंबर पर फोन करके शिकायत दर्ज की जा सकती है. ऐसा करने से दो घंटे के अंदर बेडिंग बदल दी जाएगी. न्यूज़18 की रिपोर्ट के मुताबिक किसी भी शिकायत का समाधान अगर दो घंटे के अंदर नहीं हुआ तो शिकायत सीधा रेलवे मंत्रालय स्वत: ही पहुंच जाएगी. इसके बाद संबंधित अधिकारी को समाधान में विलंब होने पर जवाब देना होता है. इसलिए जल्द से जल्द शिकायत का समाधान कराया जाता है.
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