NEET, अग्निवीर, हिंदू, किसान, शिव... हंगामेदार भाषण में राहुल गांधी ने इन सब पर क्या कहा?
Rahul Gandhi के भाषण के दौरान Lok Sabha में खूब हंगामा हुआ. PM Modi ने भी नेता प्रतिपक्ष के संबोधन के दौरान ऐतराज़ जताया.

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर अपनी बात रखी. उनके भाषण के दौरान सदन में जमकर हो-हल्ला हुआ. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. राहुल गांधी के भाषण के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू और पर्यावरण मंत्री समेत बीजेपी के कई सांसदों ने खड़े होकर आपत्ति जताई. एक नज़र डालते हैं राहुल गांधी के भाषण के मुख्य बिंदुओं पर.
1. राहुल गांधी ने देश में हिंसक घटनाओं का मुद्दा उठाते हुए बीजेपी पर आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी हिंसा को बढ़ावा देती है. उन्होंने कहा, “ये देश अहिंसा का देश है. सभी महापुरुषों ने अहिंसा की बात कही है. भगवान शिव भी अंहिसा की बात करते हैं.” इस दौरान राहुल ने सदन में भगवान शिव की तस्वीर भी दिखाई. जिस पर ट्रेजरी बेंच की तरफ से आपत्ति जताई गई.
राहुल गांधी के भाषण के दौरान सदन में आज एक ऐसी घटना हुई जो पिछले 10 साल में नहीं देखी गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी के भाषण के दौरान खड़े होकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई. दरअसल, अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी ने कहा, "जो लोग खुद को हिंदू कहते हैं वे हिंसा की बात करते हैं.". पीएम मोदी ने नेता प्रतिपक्ष की इस टिप्पणी पर ऐतराज़ जताया. उन्होंने कहा, “विषय बहुत गंभीर है... पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहना ये गंभीर विषय है.” इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मांग की कि राहुल गांधी को सदन में माफी मांगनी चाहिए.
2. राहुल गांधी ने महंगाई का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि महंगाई की वजह से देश की महिलाएं परेशान हैं. उन्होंने महंगाई को लेकर एक कहानी सुनाई. कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान उन्हें एक महिला मिली. उसने बताया कि उसके पति ने उसके साथ मारपीट की. राहुल ने कहा कि जब उन्होंने महिला से इस बारे में पूछा तो उसने बताया कि महंगाई की वजह से सुबह खाना नहीं बना पाई, इसलिए पति ने मारपीट की. राहुल ने कहा कि जब उन्होंने पूछा कि वो उसकी मदद के लिए क्या कर सकते हैं तो महिला ने कहा कि बस इतना याद रखिए कि देश की हजारों महिलाओं को इसी तरह मारा-पीटा जा रहा है.
3. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अग्निवीर योजना की भी बात की. उन्होंने कहा कि सेना के दूसरे जवानों के लिए जो नियम और सुविधाएं हैं वो अग्निवीरों के लिए नहीं है. उन्होंने कहा कि लैंडमाइन विस्फोट में एक अग्निवीर की जान चली गई. लेकिन उस जवान को शहीद का दर्जा नहीं दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि अग्निवीरों के साथ भेदभाव हो रहा है. उन्हें पूरी ट्रेनिंग नहीं दी जाती है और मैदान में उतार दिया जाता है.
इस पर आपत्ति जताते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जो अग्निवीर शहीद हुआ है उसके परिवार को सरकार की तरफ से एक करोड़ रुपये दिए गए हैं. सरकार की प्रतिक्रिया के बाद राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार आएगी तो अग्निवीर योजना को समाप्त करेगी.
4. राहुल गांधी ने किसानों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने उद्योगपतियों का 16 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया, लेकिन जब किसानों ने उनसे कर्ज माफी की मांग की तो इनकार कर दिया गया. नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि किसान आंदोलन में करीब ‘700’ किसानों की मौत हुई. उन्होंने कहा, “किसान MSP मांग रहे हैं लेकिन सरकार देने को तैयार नहीं है.”
5. राहुल गांधी ने NEET एग्जाम का मुद्दा भी सदन में उठाया. उन्होंने कहा कि NEET की परीक्षा को प्रोफेशनल एग्जाम की जगह कमर्शियल एग्जाम बना दिया गया. उन्होंने कहा कि इस परीक्षा के जरिए मुनाफा कमाने की कोशिश की जा रही है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.
6. राहुल गांधी ने मणिपुर में पिछले एक साल से ज्यादा समय से जारी हिंसा का मुद्दा भी सदन में उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि मणिपुर के साथ सरकार ऐसा व्यवहार करती है जैसे यह प्रदेश देश का हिस्सा ही नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि मणिपुर में हिंसा को रोकने के लिए सरकार ने पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं.
7. राहुल गांधी ने आपत्ति जताई कि जब वो सदन में अपनी बात रखने के लिए खड़े होते हैं तो बीच-बीच में उनका माइक बंद कर दिया जाता है. इस पर स्पीकर ओम बिरला ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि ना तो स्पीकर के पास माइक का कंट्रोल होता है, ना ही किसी का माइक जानबूझकर बंद किया जाता है. लेकिन राहुल अपनी बात पर अड़े रहे. उन्होंने कहा कि वो स्पीकर की बात का सम्मान करते हैं, लेकिन उनका माइक बंद कर दिया जाता है.
8. अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर भी आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि जब ओम बिरला को सदन का स्पीकर चुना गया और राहुल उनसे हाथ मिलाने गए तो उन्होंने तनकर हाथ मिलाया. लेकिन जब प्रधानमंत्री से बिरला ने हाथ मिलाया तो झुककर मिलाया.
इस पर जवाब देते हुए स्पीकर ने कहा कि जो भी उनसे बड़ा होता है वह झुककर ही हाथ मिलाते हैं. जो उनसे बराबरी में होता है उसके साथ सामान्य तरीके से हाथ मिलाते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा उनके संस्कारों में हैं.
इस पर राहुल गांधी ने कहा कि सदन में उनसे बड़ा और कोई नहीं है. वो और पूरा विपक्ष उन्हें झुककर ही नमस्कार करेंगे.
वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: ओम बिरला और राहुल गांधी की लोक सभा में NEET पर तगड़ी बहस, धनखड़ बोले…

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