पाकिस्तानी आर्मी चीफ हैं राहील शरीफ. आती 29 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं. लेकिनजाते जाते एक बड़ी मजेदार बात कह गए. क्या कहा वो बाद में. पहले उनकी कम वजनी बातसुनो. बोले कि बीती 14 नवंबर को इंडियन आर्मी ने क्रॉस बॉर्डर फायरिंग की. तो उधरसे पाकिस्तानियों ने हमारी आर्मी के 11 जवान मार दिए. भारतीय सेना ने इसे सिरे सेखारिज कर दिया.देखो भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक अंजाम दी. उसके बाद से उधर से सीजफायर कीवारदातें रोज सामने आ रही हैं. कश्मीर से सैनिकों के शव आने का सिलसिला चल रहा है.लेकिन पाकिस्तानी सेना ने हमारे 11 सैनिक मारे, सेना ने पूरी तरह इस बात को नकाराहै.अब सुनो राहील शरीफ का जोक. बोले कि "भारत को अपना नुकसान मानना चाहिए. पाकिस्तानहमेशा अपने सैनिकों की शहादत स्वीकार करता है. और उनको सम्मानित करता है."पाक ने अपने फौजियों की बॉडी लावारिस छोड़ी थीथोड़ा फ्लैशबैक में ले चलते हैं. सन 99 का साल. जनरल परवेज मुशर्रफ ने औकात दिखाईथी. करगिल वॉर याद है? उनकी ही लिखी स्क्रिप्ट थी. इनके अलावा तीन लोग और मेन थे इसकांड के पीछे. जनरल महमूद, ब्रिगेडियर जावेद हसन और जनरल स्टाफ के मुखिया अजीज खान.और इस करगिल युद्ध के बाद स्थिति बड़ी दिल तोड़ने वाली थी. पाकिस्तानी आर्मी केलिए. इन लोगों ने मारे गए सैनिकों की लाशें तक नहीं उठवाई थीं.हुआ ये था कि उधर से जनवरी 99 में पाकिस्तानी सेना के सैकड़ों ट्रेंड कमांडो करगिलपहुंच गए. बॉर्डर पार करके. वहां इत्ती बर्फ रहती है. एकदम निर्जन इलाका. वहां धीऱेधीरे करके तमाम पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया. अपने बंकर बना लिए. चौकियां बना लीं.खास बात ये थी कि वो इंडियन मुजाहिदीन की तरह कपड़े पहने थे. कि भारतीय सेना को येशक न हो कि परदेसी बिना पासपोर्ट यहां घुस आए हैं.करगिल युद्ध में भारतीय सैनिकजब इधर से गश्त के लिए जवान गए. पांच जवानों को पकड़ लिया. उनको इतना टॉर्चर कियाकि मौत हो गई. फिर इधर की खुफिया एजेंसी और सेना ने तैयारी के साथ मोर्चा खोला. वॉरशुरू हुआ. खत्म भी हुआ. ऑपरेशन विजय हुआ. हमारी आर्मी ने चोटी पर कब्जा कर लिया.लेकिन पाकिस्तान ने कभी नहीं माना कि वहां पहले गए लोग उनकी आर्मी के थे. उनकीलाशें तक ले जाने नहीं आए. नवाज शरीफ ने अपने मेमॉयर में लिखा है कि करगिल युद्धमें तकरीबन 2700 पाक रेंजर्स मारे गए. उनके नाम शहीदों की किताब में लिखे हैं. जबकि453 फौजियों के न नाम उसमें हैं न उनको कभी फौज ने स्वीकार किया. उनका नाम फौज कीकिसी भी लिस्ट में नहीं है. इसकी वजह से उनकी सरकार और परवेज मुशर्रफ की बड़ी भद्दपिटी. उन फौजियों के परिवारों ने मुशर्रफ को पानी पी पीकर कोसा.तो उस पाकिस्तान के रिटायरमेंट के करीब जनरल राहील शरीफ कह रहे हैं कि भारत अपनेसैनिकों की मौत स्वीकारे.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें:ट्रंप को नोबेल प्राइज क्यों देना चाहता है पाकिस्तानमोदी के लिए काम कर रहे हैं नवाज शरीफ!