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राघव चड्ढा ने राज्यसभा से निलंबन पर कर दिया बड़ा दावा, बोले- 'BJP को ये दर्द सताता है...'

AAP नेता ने कहा है कि उन्हें इसलिए सस्पेंड किया गया, क्योंकि वो सदन में BJP से सवाल करते हैं.

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11 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 11 अगस्त 2023, 07:48 PM IST)
Raghav Chadha responds to suspension from Rajya Sabha, calls all blames false
राज्यसबा से निलंबित होने के बाद राघव चड्ढा ने क्या कहा? (साभार - ट्विटर)
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आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा से निलंबन पर अपनी बात रखी. AAP नेता ने कहा है कि उन्हें इसलिए सस्पेंड किया गया, क्योंकि वो सदन में BJP से सवाल करते हैं. राघव चड्ढा ने ये भी कहा कि जिस अपराध के लिए उन्हें दोषी कहा जा रहा है, वो कहीं रूलबुक में लिखा ही नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि BJP के लोग बहुत शक्तिशाली हैं, किसी भी हद तक जा सकते हैं. राघव चड्ठा ने उन पर लगाए गए आरोपों को मनगढ़ंत बताया.  कहा कि वो विशेषाधिकार समिति के सामने अपना पक्ष रख न्याय की मांग रखेंगे.

शुक्रवार, 11 अगस्त को राघव चड्ढा ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर कर अपना पक्ष रखा. बोले,

'मैं निलंबित राज्यसभा सासंद, राघव चड्ढा. क्या मेरा ये अपराध है कि मैंने संसद में खड़े होकर दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी BJP के सबसे बड़े नेताओं से सवाल पूछा? क्या मेरा ये अपराध है कि मैंने दिल्ली सेवा बिल पर अपनी बात रखते हुए BJP के सबसे बड़े नेताओं से न्याय की मांग की? उन्हें उन्हीं का पुराना घोषणापत्र दिखाकर वादे पूरे करने को कहा? क्या इन्हें (BJP को) ये दर्द सताता है कि कैसे ये 34 साल का युवा, संसद में खड़ा होकर हमें ललकारता है, हमसे सवाल पूछता है...'

राघव ने आगे कहा कि BJP के लोग बहुत शक्तिशाली है और वो किसी भी हद तक जा सकते हैं. विशेषाधिकार समिति से मिले नोटिस पर उन्होंने कहा, 

'इसी हफ्ते मुझे विशेषाधिकार समिति से दो नोटिस आ चुके हैं. शायद ये भी एक रिकॉर्ड होगा. सदन के अंदर, विपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता. नेता प्रतिपक्ष का माइक बंद कर दिया जाता है. इसी मॉनसून सत्र में तीन AAP सासंदों को निलंबित किया गया है. संजय सिंह, सुशील कुमार रिंकू और मुझे. पहली बार सदन के इतिहास में देखा गया होगा, सदन में विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी के लीडर को सस्पेंड किया गया हो. ये लोग चाहते हैं कि कोई भी आवाज़ ना उठाए, कोई भी इनसे सवाल ना पूछे.'

राघव ने आगे कहा कि वो विशेषाधिकार समिति से न्याय की मांग करेंगे. इस समिति ने इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ. मनमोहन सिंह जैसे बड़े नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की है. चड्ढा ने आगे आरोप लगाया कि BJP ने जैसे राहुल गांधी से सांसदी ली, वैसे ही आम आदमी पार्टी के किसी भी सांसद के साथ कर सकते हैं.

राघव चड्ढा पर कई सांसदों ने फर्जी हस्ताक्षर का आरोप लगाया था. इन आरोपों पर बात करते हुए राघव ने कहा,

‘जो मनगढ़ंत आरोप BJP लगा रही है, वो कहीं रूलबुक में लिखा ही नहीं हुआ. BJP के लोग कह रहे हैं कि मैंने किसी सांसद के हस्ताक्षर कर सदन में जमा करा दिए. मैं आपको सत्य बताना चाहूंगा. किसी भी सांसद को किसी समिति में नाम प्रस्तावित करने की छूट होती है. मैं एक सिलेक्ट कमिटी के लिए कुछ सांसदों का नाम सुझा सकता हूं. इसमें किसी सांसद की लिखित सहमति या हस्ताक्षर की जरूरत नहीं होगी. आपको सिर्फ प्रस्तावित नाम देने होते हैं. किसी सांसद को आपत्ति है, तो वो अपना नाम वापस ले सकता है. इसमें कभी भी ना हस्ताक्षर लिए जाते हैं, ना जमा किए जाते हैं, ना हमने कोई हस्ताक्षर जमा कराए. फिर भी, इन लोगों को मौका मिल गया है, मुझपर कीचड़ उछालने का.’

क्या हुआ था?

घटना 7 अगस्त की है. राज्यसभा में दिल्ली सर्विस (अमेंडमेंट) बिल पास किया गया था. इसके पास होने से पहले AAP सांसद राघव चड्ढा ने इस बिल को सिलेक्ट कमेटी के पास भेजने का प्रस्ताव पेश किया था. उन्होंने इस कमेटी के लिए कुछ सांसदों के नाम का प्रस्ताव दिया. हालांकि, इनमें से पांच सांसदों ने कहा कि चड्ढा ने उनका नाम उनकी सहमति के बिना लिया, जोकि गलत है.

दावा ये भी किया गया कि चड्ढा द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर इन पांच सांसदों के साइन भी थे. जबकि इन सांसदों का कहना था कि उन्होंने प्रस्ताव पर साइन नहीं किए. विरोध दर्ज कराने वाले सांसदों में BJP के तीन, एक BJD और एक अन्नाद्रमुक के सांसद हैं. इस मुद्दे को खुद गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में उठाया और जांच की मांग की. इसके बाद संसद की विशेषाधिकार समिति ने राघव चड्ढा को नोटिस भेजा.

उधर, उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने संजय सिंह को पहले ही संसद के पूरे मॉनसून सत्र से निलंबित कर दिया था. अब राज्यसभा की तरफ से कहा गया है कि विशेषाधिकार समिति की जांच पूरी होने तक संजय सिंह भी राज्यसभा से सस्पेंड रहेंगे. संजय सिंह को 'अमर्यादित व्यवहार' करने के आरोप में निलंबित किया गया था.

वीडियो: राज्यसभा से सस्पेंड संजय सिंह से मिलने सोनिया गांधी पहुंची तो इतनी बातें क्यों होने लगीं?

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