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क्या कुतुब मीनार परिसर की खुदाई होगी? केंद्र सरकार ने ये जवाब दिया है

New Delhi: कुतुब मीनार का नाम विष्णु स्तंभ किए जाने की मांग हो रही है.

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22 मई 2022 (अपडेटेड: 22 मई 2022, 07:00 PM IST)
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दिल्ली स्थित कुतुब मीनार की तस्वीर. (फोटो: आजतक)
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केंद्र सरकार ने उन रिपोर्ट्स को नकार दिया है, जिनमें कुतुब मीनार परिसर की खुदाई की बात कही गई थी. न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए केंद्रीय संस्कृति मंत्री जीके रेड्डी ने कहा कि मंत्रालय ने इस तरह का कोई आदेश जारी नहीं किया है. इससे पहले रिपोर्ट्स थीं कि मंत्रालय ने इस तरह के आदेश दिए हैं और साथ ही साथ कुतुब मीनार परिसर में मूर्तियों की आइकॉनोग्राफी कराए जाने के निर्देश भी दिए.

केंद्रीय संस्कृति मंत्री जीके रेड्डी ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की ओर से कुतुब मीनार परिसर में कोई भी खुदाई नहीं की जाएगी. अभी तक इस बारे में मंत्रालय ने कोई भी डिसीजन नहीं लिया है. इस तरह की सभी रिपोर्ट्स बेबुनियाद हैं.

कुतुब मीनार परिसर का दौरा

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, जानकारी मिली थी कि संस्कृति सचिव ने 12 विशेषज्ञों की एक टीम के साथ कुतुब मीनार परिसर का दौरा किया था. इस टीम में 3 इतिहासकार, ASI के 4 अधिकारी और रिसर्चर मौजूद थे.

ये भी खबर थी कि खुदाई का काम भारतीय पुरातत्व विभाग यानी ASI (Archaeology Survey of India) को सौंपा गया है और खुदाई के बाद ASI अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपेगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुतुब मीनार के दक्षिणी क्षेत्र में और परिसर में मौजूद मस्जिद से करीब 15 मीटर की दूरी पर खुदाई शुरू करने की बात कही गई थी.


ASI अधिकारियों के हवाले से बताया गया था कि साल 1991 के बाद से कुतुब मीनार परिसर में कोई खुदाई का काम नहीं हुआ है. इस वजह से कई सारे रिसर्च प्रोजेक्ट भी पेंडिंग पड़े हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकारियों ने इस खुदाई के जरिए अधूरी पड़ी रिसर्च में मदद मिलने की बात कही थी.

क्या है आइकॉनोग्राफी?

हिस्ट्री और खासकर आर्कियोलोजी में आइकॉनोग्राफी का काफी महत्व है.आइकानोग्राफी का अर्थ है चित्रों, दस्तावेजों और कलाकृतियों की जांच पड़ताल करना और ये समझना की कलाकृति इतिहास के किस कालखंड से संबंधित है.

इधर पिछले कुछ समय से कुतुब मीनार का नाम बदलने की मांग उठ रही है. हाल के दिनों में ये मांग और तेज हुई है. कुछ समय पहले परिसर में हिंदू संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया था. इन संगठनों से जुड़े लोगों की मांग है कि कुतुब मीनार का नाम बदलकर विष्णु स्तंभ कर दिया जाए. इन हिंदू संगठनों का कहना है,

"मुगलों ने हमसे इसे छीना था. इसी को लेकर हम अपनी मांगें रख रहे हैं. हमारी मांग है कि कुतुब मीनार का नाम बदलकर विष्णु स्तम्भ किया जाए."

यही नहीं कुछ समय पहले महरौली से बीजेपी की निगम पार्षद आरती सिंह ने मांग की थी कि भगवान गणेश की मूर्तियों को कुतुब मीनार में ही एक सही जगह पर रखकर उनकी पूजा कराई जाए.

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