Quora हिंदी में आ गया है, जानिए क्यों आपको फेसबुक से ज्यादा कोरा पर वक़्त बिताना चाहिए
फेसबुक पर बतकही है, Quora पर ज्ञान है.
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फोटो - thelallantop
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कम समय में पूरे भारत की स्टडी करने के लिए ट्रेन का डिब्बा एक बेहतरीन सैंपल है. इसमें सफ़र करने वाले लोग बहुतै अलग-अलग होते हैं. लेकिन इनमें बहुत सी बातें एक जैसी भी हैं.साइड-अपर वाली सीट पर बैठ कर उस डाइवर्सिटी के बीच समानताएं खोजना कठिन काम नहीं है.

जिन लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं होता वे बाजू वाले के फोन में झांक-झांक के फ़िल्में देखने की कला में निपुण हो जाते हैं.
चलिए आपको एक इंटरेस्टिंग फैक्ट बताता हूं.
"2015 के मुकाबले 2018 में ट्रेन में बैठे ज्यादातर यात्रियों की मुंडी में 90 डिग्री का झुकाव है."हें? जे क्या बात भई? 3 सालों में कोई गुरुत्वाकर्षण तो बढ़ा नहीं है जो इनकी मुंडी झुक गई. और ट्रेन में कोई बादशाह भी तो नहीं होता जिनके आगे ये सजदा करें?
सब अपने अपने हाथों में जो स्मार्ट-फ़ोन पकड़े रहते हैं. वो बादशाह होता है. उस फ़ोन में डली सस्ते और तेज़ इंटरनेट वाली 4G सिम बेगम होती है. और इस इंटरनेट से चल रहा सोशल मीडिया होता है फौज. फौज जो बादशाह के आगे सजदा करा देती है. इस फौज में अधिकतर नीली वर्दी वाले Facebook और हरी वर्दी वाले Whatsapp के सिपाही होते हैं.

रेस्टारेंट में खाना खाने से पहले टेबल पर रखे स्वादिष्ट भोजन की फोटो खींच कर उसकी स्टोरी बनाना एक प्रथा बन चुकी है. खाने के पहले हाथ धोने से ज्यादा प्राथमिकता लोग इसे देते हैं.
लेकिन सोशल मीडिया की इस फौज में बागी सिपाही भी शामिल हो गए हैं. लाल रंग की वर्दी वाले Quora के सिपाही.
ये Quora-कोरा क्या है?
Quora? ये लिखा क्या है? पहले तो सही तरीके से उच्चारण समझ लो. Quora को 'कोरा' पढ़ते हैं . किशोर कुमार का गाना है न-'मेरा जीवन कोरा कागज़'. वही वाला 'कोरा'. कुरा, कौरा, कुओरा ये सब गलत उच्चारण हैं.

Quora 2009 में शुरू हुआ था. शुरू में यह ऐड-फ्री था. 2017 से इसमें एड्स डाल दिए गए.
उच्चारण तो ठीक है, ये Quora चीज़ क्या है? Quora का नाम तीन शब्दों की संधि से बना है. QUestion+OR+Answer. सवाल पूछो या जवाब दो. समझे? Quora मतलब सवाल-जवाब से भरा बोरा.
चूंकि Quora के बारे में बात हो रही है. इसीलिए अब सवाल-जवाब के पैटर्न में बात होगी.
#मैं अभी आपको Quora के बारे में क्यों बता रहा हूं?
अरे क्योंकि Quora हिंदी में लांच हो गया है. अप्रैल 2018 में टेस्टिंग के लिए इसका बीटा वर्जन निकला था. 31 मई से इसे सभी के लिए खोल दिया गया है. भारतीयों की जनसंख्या को देखते हुए Quora को अन्य भारतीय भाषओं में लांच करने का भी प्लान है.
#Quora में कैसे सवाल-जवाब होते हैं?
अरे ज़माने भर के सवाल-जवाब. स्वास्थ्य, पर्यटन, मनोविज्ञान, खगोल शास्त्र, टेक्नोलॉजी, मनोरंजन, इतिहास, भाषा, यूट्यूब, यूरोप, विवाह, जीवन, दर्शनशास्त्र, पैसा, प्यार, मानव शरीर, केशों की देखभाल, इस्लाम, नास्तिकता, समाजशास्त्र, चिंता. और ऐसे हजारों टॉपिक. जो-जो सोच सकते हो सब.
आप जिस टॉपिक को फॉलो करते हैं. उससे जुड़े सवाल-जवाब आपकी फीड पर आते हैं. Quora मुख्यतः टेक्स्ट-बेस्ड साइट है. आप मीडिया का उपयोग केवल अपने जवाब को बेहतर ढंग से समझाने के लिए कर सकते हैं.

हिंदी के अलावा English, Spanish, French, German, Italian और Japanese में भी Quora चलता है.
#सवाल कौन पूछता है? जवाब कौन देता है?
Quora के यूज़र्स सवाल पूछते है. और उन्हीं में से जिसको पता होता है वो जवाब देते हैं.
#फिर तो एक सवाल के बहुत सारे जवाब हो जाते होंगे? उनमें से सही कौनसा है ये कौन तय करता है?
बिलकुल Quora पर हर सवाल के कई जवाब होते हैं. जैसे facebook की पोस्ट में लाइक का बटन होता है. वैंसे ही Quora के जवाबों में 'अपवोट' और 'डाउनवोट' के बटन होते हैं. जिनको जवाब अच्छा लगता है वो 'अपवोट' बटन दबाते हैं. जिनको अच्छा नहीं लगता, वो 'डाउनवोट' दबाते हैं. फिर अपवोट, डाउनवोट और बाकी सारी चीज़ों को एक फ़ॉर्मूले में डाल कर Quora तय करता है कि कौनसा जवाब ऊपर रहेगा और कौनसा नीचे.
#हर कोई जवाब दे सकता है. ऐसे में तो कोई भी Facebook कमेंट टाइप कुछ भी बकैती कर देगा?
यहीं तो खेल है बबुआ. Quora में मॉडरेशन नाम की एक चीज़ होती है. मॉडरेशन यानी मध्यस्थता, बीच-बिचौअल. अगर किसी ने जवाब में सवाल से भटक कर फ़ालतू बात करी. और किसी ने रिपोर्ट कर दिया. तो मॉडरेशन टीम उस जवाब को दोषी पाए जाने पर तुरंत ध्वस्त कर डालती है.

Quora हर साल कुछ लोगों को टॉप-राईटर का खिताब देती है. ये वो लोग होते हैं जो बेहतरीन जवाब देते हैं ना की वे जिनके फालोवर्स ज्यादा होते हैं.
# इसमें Facebook के मुकाबले और क्या-क्या अच्छा है?
इसका जवाब तो भैया पॉइंट्स में देना पड़ेगा.
1. इसमें कोई अपनी डीपी डाल कर पचास लोगों को टैग नहीं करता. 2. इसमें "टैग योर फ्रेंड जिसका नाम A से शुरू होता है, वो आपको पिज़्ज़ा खिलाएगा" टाइप के पोस्ट नहीं होते. 3. इसमें आपके दोस्त ने किस रेस्टारेंट में क्या खाया वाले पोस्ट नहीं दिखेंगे. हां लेकिन, आपके दोस्त ने जिन सवालों का जवाब दिया है. या जिन जवाबों को अपवोट किया है. वे ज़रूर दिखेंगे. 4. मेमे वाले लोग यहां पर फ़ालतू बकैती नहीं करते. 5. फोटो कितने बड़े लेंस वाले DSLR से ली गई है, इससे आपके लाइक प्रभावित होते हैं. Quora के जवाबों पर अपवोट केवल आपके विचारों और पब्लिक के बीच उनकी सहमती पर निर्भर करते हैं. 6. एंजेल प्रियाओं से छुटकारा मिलेगा. 7. भगवान की फोटो पर लाइक न करने पर श्राप देने वाले पोस्ट नहीं होते. 8. फेक न्यूज़ और फोटोशॉप वाले कंटेंट से छुटकारा मिलेगा.ये Quora बहुतै बाप चीज है क्या?
ऐंसा नहीं है कि Quora भगवान की वाणी है. Quora की भी अपनी चुनौतियां हैं. इनमें से कुछ जान लो-
1. कुछ प्रोफाइल्स फेक क्रेडेंशिअल वाली होती हैं. हाल ही में निलादरी सरकार नाम के एक लड़के ने खुद को आई.आई.टी. खड़गपुर का बताते हुए कैंपस के बारे में खूब जवाब दिए. और हजारों फालोवर्स बटोर लिए. बाद में पता चला नकली प्रोफाइल है. 2. बहुत लोग इधर-उधर की साइट्स से जवाब उठा कर चेंप देते हैं. 3. बाकी सोशल नेटवर्किंग साइट्स की तरह Quora से भी कुछ लोग एडिक्ट हो जाते हैं.

Quora वाले Facebook यूज़र्स को नींची निगाहों से देखते हैं. उनके बगल की सीट वाला अगर Facebook चला रहा है. तो वे सीट खाली कर खड़े रहना पसंद करते हैं.
सारी सोशल मीडिया साइट्स नुक्कड़ वाली बकैती का ही विस्तृत रूप है. Quora की खासियत यह है कि इसमें बकैती क्वालिटी वाली होती है. जल्द ही Quora अन्य भारतीय भाषाओं में भी आ जाएगा. फिलहाल आप Quora हिंदी
पर जाइए. अपना खाता बनाइए. और बाकी सवाल-जवाब अब वहीं पे करना.
IIT गुवाहाटी से हमारे यहां इंटर्नशिप करने आए आयुष के बारे में तीन चीज़ें अच्छी हैं: एक – वो IIT से हैं, दूसरी – वो दफ्तर में किसी को प्यासा नहीं मरने देते, और तीसरी – वो किस्से कायदे के सुनाते हैं. प्रस्तुत लेख उनकी तीसरी खूबी का एक छोटू सा नमूना है.
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