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इजरायल पर हमास के हमले की तस्वीरें लेने वाले पत्रकारों पर आरोप- "उन्हें पहले से पता था"

इजरायली मीडिया वॉचडॉग HonestReporting ने अपनी एक रिपोर्ट में 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमास का हमला कवर करने वाले छह पत्रकारों पर सवाल उठाए हैं. पत्रकारों ने हमले के ऐन वक्त की जो तस्वीरें उपलब्ध कराईं, उसके आधार पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या उन्हें हमास के हमले की पहले से जानकारी थी.

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10 नवंबर 2023 (पब्लिश्ड: 07:37 AM IST)
photojournalists present during Hamas attack on Israel
एक इजरायली महिला की किडनैपिंग और हमास नेता के साथ गाजा के एक पत्रकार की तस्वीर (फोटो: X)
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इजरायल (Israel) पर 7 अक्टूबर को हमास के हमले और इसके बाद जो हालात बने हैं, उससे पूरी दुनिया चिंतित है. उस दिन से लगातार दिल दहलाने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं. लेकिन 7 अक्टूबर को ली गई कई तस्वीरों के आधार पर कुछ फोटो जर्नलिस्ट पर सवाल उठ रहे हैं. सवाल ये कि क्या उन्हें पहले से हमास (Hamas) के हमले की जानकारी थी? नहीं तो, ऐन वक्त पर कैसे वो पत्रकार वहां मौजूद थे, जब हमास ने घुसपैठ की, इजरायली टैंक नष्ट किए, इजरायल के लोगों पर हमला किया और उन्हें किडनैप कर गाजा ले गए. ये सवाल इजरायली मीडिया वॉचडॉग HonestReporting ने उठाए हैं. 

फ्रीलांस पत्रकारों पर सवाल

HonestReporting की रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन पत्रकारों की उन्होंने पहचान की है, उनकी ली गई तस्वीरों का इस्तेमाल रॉयटर्स, एसोसिएटेड प्रेस (AP), CNN और न्यूयॉर्क टाइम्स ने किया. उन फोटो जर्नलिस्ट के नाम हैं, हसन इस्लियाह, यूसुफ मसूद, अली महमूद, हातेम अली, मोहम्मद फाक अबू मुस्तफा और यासेर क्यूदिह.

हसन इस्लियाह के बारे में बताया गया है कि वो एक फ्रीलांसर हैं, जो AP के अलावा CNN के लिए भी काम करते हैं. हसन की ली गई तमाम तस्वीरों पर सवाल उठाया गया है.

HonestReporting ने AP की इस तस्वीर का हवाला दिया है.

वहीं एक वीडियो का हवाला देते हुए कहा गया है कि हसन ने इजरायल में घुसकर हमास के कब्जे में आई इजरायली टैंक की तस्वीरें लीं. कहा गया कि सामने आई फुटेज में हसन इस्लियाह की पहचान प्रेस के सदस्य के तौर पर नहीं होती है, फिर भी AP और CNN ने उनकी सेवाएं लेना सही समझा.

हसन की एक और तस्वीर पर सवाल उठाया गया है. तस्वीर में हसन इस्लियाह को हमास नेता याहया सिनवार (Yahya Sinwar) के साथ बताया जा रहा है.

यूसुफ मसूद के बारे में बताया गया है कि वो AP और न्यूयॉर्क टाइम्स के लिए भी काम करते हैं. यूसुफ ने इजरायली टैंक पर हमास के हमले की तस्वीरें लीं. AP ने अली महमूद और हातेम अली की ली हुई जो तस्वीरें इस्तेमाल कीं, उन पर भी सवाल है कि कैसे दोनों पत्रकार इजरायलियों के अपहरण की तस्वीरें लेने के लिए ऐन वक्त पर मौजूद थे. 

रॉयटर्स ने दो फोटो पत्रकारों, मोहम्मद फाक अबू मुस्तफा और यासेर क्यूदिह, की तस्वीरें पब्लिश कीं. दोनों पत्रकार हमास की घुसपैठ के समय सीमा पर थे. HonestReporting की रिपोर्ट में सवाल उठाया गया है कि ये पत्रकार सुबह-सुबह हमास के हमले के वक्त सीमा पर कैसे मौजूद थे? क्या उन्हें हमले की पहले से जानकारी थी?

न्यूज एजेंसियों ने क्या कहा?

रॉयटर्स ने एक बयान में हमास के हमले की पहले से जानकारी होने से साफ इनकार किया है. न्यूज एजेंसी ने कहा,

"रॉयटर्स ने गाजा स्थित दो फ्रीलांस फोटोग्राफर्स से तस्वीरें हासिल कीं, जो 7 अक्टूबर की सुबह सीमा पर थे. उनके साथ रॉयटर्स का पहले से कोई संबंध नहीं था. रॉयटर्स ने जो तस्वीरें जारी कीं, वो हमास की तरफ से दक्षिणी इजरायल में रॉकेट दागे जाने के दो घंटे बाद और इजरायल की ओर से घुसपैठ की सूचना देने के 45 मिनट से अधिक समय बाद ली गई थीं. HonestReporting के आर्टिकल में बताई गई जगहों पर रॉयटर्स के स्टाफ ग्राउंड पर नहीं थे."

Daily Wire की रिपोर्ट के मुताबिक, AP ने भी कहा है कि उसे हमले की पहले से जानकारी नहीं थी. रिपोर्ट के मुताबिक AP की ओर से कहा गया,

"7 अक्टूबर के हमले से पहले एसोसिएटेड प्रेस को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी. AP की भूमिका दुनिया भर में ब्रेकिंग न्यूज घटनाओं के बारे में जानकारी जुटाना है, चाहे वो कहीं भी हों, भले ही वे घटनाएं भयावह हों. AP गाजा सहित दुनिया भर के फ्रीलांसरों की ली गई तस्वीरों का इस्तेमाल करता है." 

Ynet न्यूज की 9 नवंबर की एक रिपोर्ट में AP के हवाले से जानकारी दी गई कि AP अब हसन इस्लियाह के साथ काम नहीं कर रहा है. 

इधर, न्यूयॉर्क टाइम्स की तरफ से कहा गया है कि ऐसे सभी आरोप गलत हैं और इस तरह के आरोप इजरायल और गाजा में मौजूद उनके पत्रकारों की जान खतरे में डालते हैं. मीडिया संस्थान ने कहा कि HonestReporting के आरोपों के पीछे कोई ठोस आधार नहीं है. 

AP और रॉयटर्स की प्रतिक्रिया पर HonestReporting ने कहा है कि वो न्यूज एजेंसियों पर हमले की पहले से जानकारी होने का आरोप नहीं लगा रहे हैं. HonestReporting ने कहा कि उसने अपनी रिपोर्ट में ऐसे फ्रीलांसर्स के साथ न्यूज आउटलेट के संबंधों पर कुछ गंभीर नैतिक मुद्दों को उठाया है, जिनका जवाब मिलना चाहिए.

इजरायल ने की कार्रवाई की मांग

इजरायल ने 7 अक्टूबर को हमास के हमले को कवर करने वाले फोटोजर्नलिस्ट्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. इजरायल के पब्लिक डिप्लोमेसी डायरेक्टोरेट ने अपने बयान में कहा है कि पत्रकारों का यह काम मानवता के खिलाफ अपराध है. इजरायल सरकार ने उन मीडिया संगठनों के पास आधिकारिक शिकायत की है, जिनके लिए ये पत्रकार काम करते हैं. साथ ही, मीडिया संगठनों से इस मामले पर सफाई मांगी है. 

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