कौन हैं ये यूपी के वीसी साहब जो छात्रों को मार-पिटाई का ज्ञान दे रहे?
पूर्वांचल में यूं ही नहीं इतने गैंगस्टर निकलते.
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यूपी की पूर्वांचल यूनिवर्सिटी के वीसी एक बयान को लेकर विवाद में हैं.
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उत्तर प्रदेश का पूर्वांचल क्षेत्र. एक से एक कुख्यात अपराधी निकले हैं यहां से. इन्हीं में से एक नाम था श्रीप्रकाश शुक्ला का. खतरनाक आदमी. सीधा मुख्यमंत्री की ही सुपारी ले लेने की खबरें आई थीं. बाकि तो जो कांड किए, सो किए ही. फिर पुलिस ने एक दिन उनका खेला खत्म कर दिया. शुक्ला पर हाल में एक वेब सीरीज भी आई. रंगबाज नाम की. पूर्वांचल के गैंगस्टरों पर इस वक्त वैसे भी सीरीजों की लाइन लगी है. ऐसी ही एक और सीरीज आई मिर्जापुर. इसमें आपने जौनपुर का जिक्र भी सुना होगा. कैसे कालीन भैया मिर्जापुर को संभाल रहे हैं. और जौनपुर दे रखा है रतिशंकर शुक्ला को. मतलब जिले न हो गए पपीता. बांट लिए.
तो यही जौनपुर एक बार फिर चर्चा में है. किसी गैंगस्टर या गैंग वार के लिए नहीं. बल्कि एक मास्टर साहब की वजह से. उनके मुख से निकले खतरनाक वचनों के लिए. और मास्टर साहब भी कोई हल्के-फुल्के नहीं हैं. जौनपुर में पड़ने वाले पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति राजाराम यादव हैं. वो 29 दिसंबर को गाजीपुर में थे. वहां एक कार्यक्रम में बोले -
अब थोड़ा सा कुलपति के बारे में जान लीजिए -
राजाराम यादव रहने वाले उत्तर प्रदेश के ही महोबा जिले के हैं. वहीं से स्कूलिंग के बाद की पढ़ाई-लिखाई मसलन बीएससी, एमएससी इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से की. 1988 में पीएचडी की. वो भी कोई हल्के-फुल्के सब्जेक्ट में नहीं. फिजिक्स में पीएचडी. गोल्ड मेडलिस्ट रहे. 1992 में महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में बतौर लेक्चरर भर्ती हुए. 1996 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में असोसिएट प्रफेसर बने. 2004 में प्रफेसर हो गए. 2017 में लगा जैकपॉट. उन्हें वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के कुलपति बना दिया गया. ठीक यूपी में बीजेपी सरकार बनने के बाद. इन सबके बीच बता दें कि राजाराम यादव शुरू से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं. प्रचारक रहे हैं. पूर्व संघ चालक राजेंद्र सिंह(रज्जू भैया) के करीबी रहे हैं. मुरली मनोहर जोशी ने भी इनकी पढ़ाई-लिखाई में मदद की है.

राजाराम यादव 2017 में वीसी बने.
राजाराम यादव की उनके बयान पर सफाई भी आ गई है. वो बोले कि मेरी बोलने की शैली ही कुछ ऐसी है. उनकी बातों को तोड़ मरोड़ के पेश किया गया. मैं तो छात्रों को बहादुर बनाने की बात कर रहा था. मेरे विचार साहित्यिक भाषा में थे. हमने कहा कि जो छात्र संकल्प लेकर पूरा करता है, उसी को पूर्वांचल विश्वविद्यालय का छात्र कहते हैं.
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तो यही जौनपुर एक बार फिर चर्चा में है. किसी गैंगस्टर या गैंग वार के लिए नहीं. बल्कि एक मास्टर साहब की वजह से. उनके मुख से निकले खतरनाक वचनों के लिए. और मास्टर साहब भी कोई हल्के-फुल्के नहीं हैं. जौनपुर में पड़ने वाले पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति राजाराम यादव हैं. वो 29 दिसंबर को गाजीपुर में थे. वहां एक कार्यक्रम में बोले -
अगर आप पूर्वांचल विश्वविद्यालय के छात्र हो तो रोते हुए कभी मेरे पास मत आना. एक बात बता देता हूं. अगर किसी से झगड़ा हो जाए तो उसकी पिटाई करके आना. और तुम्हारा बस चले तो उसका मर्डर करके आना, जिसके बाद हम देख लेंगे.सही पढ़ा और सुना आपने. कुलपति महोदय मर्डर करने की प्रेरणा युवाओं को दे रहे हैं. इसी को वो पूर्वांचल यूनिवर्सिटी के छात्र की पहचान बता रहे हैं. ऐसा न करने वाला उनकी नजर में पूर्वांचल यूनिवर्सिटी का छात्र नहीं. अकसर आपके मन में ये सवाल आता होगा कि पूर्वांचल उत्तर प्रदेश में ही इतने अपराधी क्यों निकलते हैं. तो इसका एक जवाब तो खुद कुलपति दे बैठे हैं. जब इनके जैसे कुलपति होंगे, तो जाहिर सी बात है कुछ लड़के मोटिवेशन लेकर कट्टा-बंदूक निकाल लेंगे और बन बैठेंगे गैंगस्टर.#WATCH
— ANI UP (@ANINewsUP) December 30, 2018
Purvanchal University Vice-Chancellor Raja Ram Yadav at a seminar in the University in Ghazipur: If you’re a student of this University, never come crying to me. If you ever get into a fight, beat them, if possible murder them, we’ll take care of it later. (29.12.18) pic.twitter.com/omFqXN55z9
अब थोड़ा सा कुलपति के बारे में जान लीजिए -
राजाराम यादव रहने वाले उत्तर प्रदेश के ही महोबा जिले के हैं. वहीं से स्कूलिंग के बाद की पढ़ाई-लिखाई मसलन बीएससी, एमएससी इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से की. 1988 में पीएचडी की. वो भी कोई हल्के-फुल्के सब्जेक्ट में नहीं. फिजिक्स में पीएचडी. गोल्ड मेडलिस्ट रहे. 1992 में महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में बतौर लेक्चरर भर्ती हुए. 1996 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में असोसिएट प्रफेसर बने. 2004 में प्रफेसर हो गए. 2017 में लगा जैकपॉट. उन्हें वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के कुलपति बना दिया गया. ठीक यूपी में बीजेपी सरकार बनने के बाद. इन सबके बीच बता दें कि राजाराम यादव शुरू से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं. प्रचारक रहे हैं. पूर्व संघ चालक राजेंद्र सिंह(रज्जू भैया) के करीबी रहे हैं. मुरली मनोहर जोशी ने भी इनकी पढ़ाई-लिखाई में मदद की है.

राजाराम यादव 2017 में वीसी बने.
राजाराम यादव की उनके बयान पर सफाई भी आ गई है. वो बोले कि मेरी बोलने की शैली ही कुछ ऐसी है. उनकी बातों को तोड़ मरोड़ के पेश किया गया. मैं तो छात्रों को बहादुर बनाने की बात कर रहा था. मेरे विचार साहित्यिक भाषा में थे. हमने कहा कि जो छात्र संकल्प लेकर पूरा करता है, उसी को पूर्वांचल विश्वविद्यालय का छात्र कहते हैं.
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