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पंजाब: स्कूली बोर्ड ने पहले बिना एग्जाम के करोड़ों कमा लिए, अब मार्कशीट के 800 मांग रहा!

पंजाब एजुकेशन बोर्ड ने 2020-21 के एकेडेमिक सेशन में नौवीं और ग्यारहवीं क्लास के बच्चों को प्रमोट कर दिया. ये फैसला कोविड महामारी के मद्देनजर लिया गया. छात्रों का प्रमोशन उनके पुराने एकेडेमिक रिकॉर्ड के आधार पर हुआ. इस दौरान बोर्ड ने नौवीं और ग्यारहवीं क्लास के बच्चों से 1,100 रुपये एग्जामिनेशन फीस ली.

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27 मई 2022 (अपडेटेड: 26 मई 2022, 12:38 AM IST)
Punjab
बाएं से दाएं. Punjab में रिजल्ट देखते छात्र और पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड की बिल्डिंग. (फोटो: इंडिया टुडे/ PSEB)
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पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड इस समय आलोचनाओं से घिर गया है. पहले तो बोर्ड ने उस परीक्षा से लगभग 95 करोड़ रुपये कमाए, जो हुई ही नहीं और अब आरोप है कि बोर्ड एक मार्कशीट देने के लिए छात्रों से 800 रुपये मांग रहा है. इस पूरे मामले को लेकर बोर्ड की तरफ से सफाई भी आई है.

बच्चों को लूटने का आरोप

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजाब एजुकेशन बोर्ड ने 2020-21 के एकेडेमिक सेशन में नौवीं और ग्यारहवीं क्लास के बच्चों को प्रमोट कर दिया. ये फैसला कोविड महामारी के मद्देनजर लिया गया. छात्रों का प्रमोशन उनके पुराने एकेडेमिक रिकॉर्ड के आधार पर हुआ. इस दौरान बोर्ड ने नौवीं और ग्यारहवीं क्लास के बच्चों से 1,100 रुपये एग्जामिनेशन फीस ली. इस तरह से बोर्ड को नौंवी क्लास के बच्चों से 38.75 करोड़ और ग्यारहवीं क्लास के बच्चों से 55.51 करोड़ रुपये की कमाई हुई.

इधर इस पूरे मामले पर डेमोक्रेटिक शिक्षक संघ ने बोर्ड के ऊपर गरीब छात्रों को लूटकर प्रॉफिट बनाने का आरोप लगाया है. डेमोक्रेटिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष विक्रम देव ने अंग्रेजी अखबार द ट्रिब्यून को बताया,

"बोर्ड ने उस एग्जाम से पैसे कमाए हैं, जो कभी हुए ही नहीं. हमने इस मामले में अपनी आपत्ति दर्ज कराई है. ज्यादातर बच्चे आर्थिक और सामाजिक तौर पर कमजोर तबके से आते हैं. इस कदम से साफ पता चलता है कि सरकार शिक्षा को उन बच्चों की पहुंच से दूर करती जा रही है."

इससे पहले भी डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट ने बच्चों से एग्जामिनेशन फीस लेने पर आपत्ति दर्ज कराई थी. संगठन की मांग है या तो बोर्ड बच्चों को एग्जामिनेशन फीस वापस करे या फिर उन्हें फ्री में सर्टिफिकेट दे.

बोर्ड ने क्या कहा?

इधर बोर्ड ने अपनी सफाई में कहा है कि उसने किसी भी तरह का मुनाफा नहीं कमाया है. पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के चेयरमैन डॉक्टर योगराज की तरफ से कहा गया,

"ये कहना गलत है कि बोर्ड ने मुनाफा कमाया है. एग्जाम कराने के लिए सारी तैयारियां हो गई थीं. पेपर तक प्रिंट करा लिए गए थे. हम कोविड की वजह से एग्जाम नहीं करा पाए."

योगराज ने ये भी कहा कि मार्कशीट की सॉफ्ट कॉपी डिजीलॉकर एप्लिकेशन से फ्री में हासिल की जा सकती है. उन्होंने कहा,

"हार्ड कॉपी जरूरी नहीं है. इसलिए जिनको ये चाहिए, उनसे 800 रुपये लिए जा रहे हैं."

उन्होंने ये भी कहा कि अगर अगले सेशन से छात्र हार्ड कॉपी लेना चाहेंगे तो एग्जामिनेशन फीस के साथ उन्हें बस 100 रुपये अतिरिक्त देने होंगे.

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वीडियो- पंजाब बोर्ड के ऊपर गरीब छात्रों को लूटकर प्रॉफिट बनाने का आरोप लगा

पंजाब बोर्ड के ऊपर गरीब छात्रों को लूटकर प्रॉफिट बनाने का आरोप लगा

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