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हाईवे के रास्ते में पड़ रहा था घर, किसान ने दो मंजिला मकान ही खिसका दिया

किसान ने कहा कि डेढ़ करोड़ रुपये लगाकर घर बनाया था, शिफ्ट करने में 40 लाख लगेंगे.

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21 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 21 अगस्त 2022, 01:52 PM IST)
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अपने घर के सामने किसान सुखविंदर सिंह (फोटो: इंडिया टुडे)
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अब तक आपने 50-60 साल पुराने पेड़ों को एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट करते हुए तो देखा होगा, लेकिन क्या कभी किसी का घर शिफ्ट करते देखा है. पंजाब के संगरूर में एक किसान ने ये अनोखा काम किया है. यहां सुखविंदर सिंह अपना दो मंजिला घर 500 फीट दूर खिसका रहे हैं. सुखविंदर का कहना है कि वो ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनका घर दिल्ली-जम्मू-कटरा एक्सप्रेस वे के रास्ते में आ रहा है.

सुखविंदर का कहना है कि जितना खर्च घर को खिसकाने में आएगा उससे कई गुना ज्यादा खर्च नया घर बनाने में आएगा. इस वजह से उन्होंने ये फैसला लिया है. घर खिसकाने का वीडियो सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रहा है. 

दरअसल, भारतमाला प्रोजेक्ट (Bharatmala Project) के तहत देश में कई एक्सप्रेस-वे बनाए जा रहे हैं. ऐसा ही एक एक्स्प्रेसवे दिल्ली से जम्मू के बीच बनाया जा रहा है जो हरियाणा और पंजाब से होते हुए जम्मू के कटरा तक जाएगा. इंडिया टुडे से जुड़े बलवंत सिंह की खबर के मुताबिक ये एक्सप्रेस-वे संगरूर जिले के रोशनवाला गांव से भी होकर गुजरेगा. इसी गांव में सुखविंदर सिंह रहते हैं. एक्सप्रेस-वे ठीक उस जगह से होकर गुजरेगा जहां सुखविंदर का घर बना हुआ है. सुखविंदर ने बताया कि उनका करीब ढाई एकड़ का खेत है. उनका घर खेत में ही बना हुआ है. सुखविंदर ने बताया,

"मैंने इस घर को बड़े मन से बनाया था. 2017 में घर का काम शुरू हुआ था, और 2019 में ये बनकर तैयार हुआ. इसमें मेरा करीब डेढ़ करोड़ रुपए लगा. लेकिन अब ये घर एक्सप्रेस-वे के बीच में आ रहा है. घर को खिसकाने में 40 लाख का रुपए लगेंगे. मुझे कई लोगों ने कहा कि 40 लाख में तो नया घर बन जाएगा. ये मेरा ड्रीम हाउस है. इसे मैं दोबारा नहीं बना सकता क्योंकि मुझे जितना मुआवजा मिला है वो कम है और अब महंगाई बढ़ गई है." 

सुखविंदर का कहना है कि घर को बनाने में लकड़ी का काफी इस्तेमाल हुआ है, जिसकी लागत लाखों में है. उनका कहना है कि अगर वो घर को तोड़कर दूसरी जगह बनाते है तो उनके लाखों रुपए बर्बाद हो जाएंगे.  

200 फीट खिसक चुका है घर 

किसान सुखविंदर सिंह ने इंडिया टुडे/आजतक को बताया कि उन्होंने गांव में ही उनके एक दोस्त ने अपने घर को थोड़ा शिफ्ट कराया था. उन्होंने उसी से घर शिफ्ट काराने वाले कारीगरों से बात की. कारीगर तैयार हो गए. इस कम को करने वाले मोहम्मद शाहिद ने बताया कि उन्हें इस काम का पहले सए अनुभव है. मोहम्मद शाहिद ने बताया,  

"मैंने इससे पहले घरों को सिर्फ 5 से 10 फीट तक ही खिसकाया था. 500 फीट काफी बड़ी दूरी है, लेकिन हमने इस चैलेंज को अपनाया. और अबतक हम घर को 200 फीट तक खिसका चुके हैं." 

मोहम्मद शाहिद का कहना है कि एक दिन में घर को सिर्फ 10-12 फिट ही खिसकाया जाता है. और इसमें उन्हें 2 महीने का समय लगा है. उन्हें उम्मीद है कि वे सुरक्षित तरीके से घर को नई जगह पर शिफ्ट कर देंगे.

वहीं किसान सुखविंदर सिंह का कहना है कि वे इस बात से खुश हैं कि इस एक्सप्रेस-वे से देश और प्रदेश की तरक्की में मदद मिलेगी. लेकिन उन्हें एक शिकायत भी है. उनकी एक बीज प्रोसेसिंग की फैक्ट्री भी इसी जमीन पर थी, उसे भी शिफ्ट करना पड़ा है. साथ ही ये एक्सप्रेस-वे उनकी जमीन के बीच से गुजर रहा है, इससे वे काफी दुखी हैं. सुखविंदर का कहना है कि वे अपने खेत में गेहूं और धान की फसल उगाते हैं और खेत में उन्होंने अपना घर बनाया हुआ था. एक ही जगह सारा काम हो जाता था. लेकिन अब उन्हें एक्सप्रेस वे को पार कर दूसरी तरफ जाना पड़ेगा. 

वीडियो: मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर हुए रोड एक्सीडेंट में शबाना आज़मी घायल

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