The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Punjab Police security for gangster Lawrence Bishnoi includes Bullet-proof vehicle and 100 cops

लॉरेंस बिश्नोई को जितनी सिक्योरिटी मिली है, उसके आधे में सिद्धू मूसेवाला की जान बच जाती

बुलेट प्रूफ गाड़ी, बड़ा काफिला और 100 पुलिसकर्मी! किस खुफ़िया जगह पर रखा गया है?

Advertisement
pic
15 जून 2022 (अपडेटेड: 15 जून 2022, 03:52 PM IST)
lawrence bishnoi
सात दिन की पुलिस रिमांड पर लॉरेंस बिश्नोई (फोटो- आजतक)
Quick AI Highlights
Click here to view more

सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moosewala) के मर्डर में शामिल गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) को पंजाब के मानसा कोर्ट ने बुधवार, 15 जून को सात दिन की पुलिस रिमांड (police Remand) पर भेज दिया है. जानकारी के मुताबिक अब बिश्नोई को कड़ी सुरक्षा (Tight Security) के बीच मोहाली ले जाया जा रहा है, जहां उससे एंटी गैंग्स्टर टास्क फोर्स मूसेवाला हत्याकांड को लेकर पूछताछ करेगी.

ये तो आप जानते होंगे, लेकिन ख़बर ये है कि इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक कुख्यात गैंगस्टर को बुलेट प्रूफ गाड़ी में ले जाया जा रहा है. लगभग दो दर्जन वाहनों के काफिले में करीब 100 पुलिसकर्मी उसके साथ है. सूत्रों ने बताया कि लॉरेंस को फिलहाल किसी अज्ञात जगह पर रखा जाएगा. खबर है कि पुलिस ने कोर्ट से 10 दिन की रिमांड मांगी लेकिन कोर्ट ने गैंगस्टर को सात दिन के लिए ही रिमांड में भेजा है.

बता दें लॉरेंस बिश्नोई के वकील ने दिल्ली की पटियाला अदालत में एक याचिका दायर कर जेल में बंद गैंगस्टर की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी. वकील ने आरोप लगाया था कि पुलिस के साथ ‘फर्जी मुठभेड़’ में लॉरेंस बिश्नोई को मारा जा सकता है या प्रतिद्वंद्वी गैंग उस पर हमला कर सकते हैं. 

मूसेवाला हत्याकांड में आरोपी और साजिशकर्ता के तौर पर नामजद लॉरेंस बिश्नोई पिछले 14 दिनों से दिल्ली पुलिस की हिरासत में था. दिल्ली पुलिस लॉरेंस बिश्नोई को तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वॉरेंट पर लेकर आई थी और मंगलवार को उसकी पुलिस रिमांड पूरी होने पर स्पेशल सेल दिल्ली ने बिश्नोई को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया था. 

मुख्यमंत्री के निर्देश पर पंजाब के महाधिवक्ता (solicitor general) खुद दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुए और रिमांड की मांग की. सिद्धू मूसेवाला मामले की जांच कर रही SIT ने बिश्नोई को गिरफ्तार करने के लिए अदालत की अनुमति लेने के लिए एक आवेदन दायर किया था, जिसके खिलाफ स्थानीय मानसा अदालत ने पहले ही गिरफ्तारी वॉरेंट जारी कर दिया था.

पंजाब पुलिस की याचिका को बिश्नोई के वकीलों ने हिरासत में उसकी सुरक्षा के आधार पर चुनौती दी थी. इसका पंजाब के महाधिवक्ता ने विरोध किया था और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को गिरफ्तार करने की अनुमति दी और आरोपी को ट्रांजिट रिमांड भी दिया. 

Advertisement

Advertisement

()