पंजाब: ईडी ने 1 रुपये वेतन लेने वाले आप विधायक को सभा के बीच गिरफ्तार किया
आम आदमी पार्टी के विधायक पर अपनी कंपनी तारा कार्पोरेशन लिमिटेड के जरिये बैंक से धोखाधड़ी का आरोप है. माजरा को ईडी ने पहले भी चार से पांच बार समन भेजा था.

आम आदमी पार्टी के एक और नेता से जुड़े ठिकानों पर ईडी (Enforcement Directorate) ने छापा मार दिया है. इस बार नंबर लगा है मलेरकोटला ज़िले में पड़ने वाली अमरगढ़ विधानसभा से AAP MLA जसवंत सिंह गज्जन माजरा. माजरा को एक सभा के बीच से गिरफ्तार किया गया. उन्हें 4-5 समन मिल चुके थे, लेकिन अब एजेंसी और समन भेजने की बजाय खुद ही विधायक जी से मिलने का फैसला लिया. तभी ये खबर बनी.
क्या है आरोप?
माजरा पर अपनी कंपनी तारा कार्पोरेशन लिमिटेड के जरिये बैंक ऑफ इंडिया से धोखाधड़ी का आरोप है. इस कथित धोखाधड़ी में 40 करोड़ रुपये के लेनदेन में हेराफेरी का दावा है. लुधियाना स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा ने शिकायत की और माजरा पर मामला दर्ज हुआ और माजरा एजेंसियों के रडार पर आए.
सितंबर 2023 में सीबीआई का छापा पड़ा. एजेंसी ने दावा किया कि माजरा के पास से साइन किये हुए 94 ब्लैंक चेक (Blank Cheque) , लाखों रुपये कैश, फॉरेन करेंसी और संपत्ति के कागजात मिले.
CBI के अनुसार पर माजरा की फर्म को बैंक ने 2011-14 तक 4 बार में 40 करोड़ का लोन स्वीकृत किया था. एजेंसी का इल्ज़ाम है कि फर्म ने अपने डायरेक्टर्स ज़रिये स्टॉक्स को छुपाया. ‘गलत इरादों’ से कर्ज़ की रकम में हेरा-फेरी की. चूंकि स्टॉक्स छुपाए गए थे, बैंक की निगरानी में ये बात पकड़ में नहीं आई. और पैसे की रिकवरी में बाधा उत्पन्न हुई. इससे बैंक को 40 करोड़ से ज़्यादा का नुकसान हुआ.
कौन हैं विधायक माजरा?
अमरगढ़ के बारे में कहावत है कि जिस पार्टी का विधायक यहां से चुनाव जीतेगा, प्रदेश में उसी की सरकार बनेगी. 2022 के विधानसभा चुनाव में यहां से आम आदमी पार्टी ने जसवंत सिंह गज्जन माजरा को टिकट दिया. माजरा ने शिरोमणि अकाली दल के नेता सिमरनजीत सिंह मान को हरा दिया, और जैसी कि कहावत है, सूबे में आम आदमी पार्टी की सरकार भी बनी.
जसवंत सिंह गज्जन माजरा पहली बार एक रुपये तनख्वाह लेने की बात पर सुर्खियों में आये थे. उन्होंने कहा था कि पंजाब वित्तीय समस्याओं से जूझ रहा है इसलिए बतौर विधायक मैं एक रुपये वेतन लूंगा.
गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता मलविंदर कांग ने कहा कि बीजेपी विपक्ष को डराने के लिए ये हथकंडे अपना रही है. कांग बोले,
"ये हमें बदनाम करने की साजिश है. आप में शामिल होने से पहले भी वह (माजरा) समस्याओं का सामना कर रहे थे. ये बीजेपी की साजिश है. जिस तरह से एक पब्लिक मीटिंग के दौरान उन्हें उठाया गया ये बीजेपी की उस रणनीति को दिखाता है जिसमें वो आप को बदनाम और मजबूर करने की कोशिश कर रही है".
सीबीआई के अनुसार बैंक ऑफ इंडिया से मिली शिकायत में और भी व्यक्तियों के नाम हैं. इसमें कुछ वरिष्ठ नेताओं और कुछ अज्ञात ब्यूरोक्रेट्स के भी नाम हैं.
(यह भी पढ़ें:दिल्ली में Odd-Even फॉर्मूला कब से लागू? सरकार ने स्कूल-कॉलेज पर भी लिया बड़ा फैसला )

