The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Pune Mango trader starts EMI plans to sell Alphonso mango, set to become costlier this summer

EMI पर आम खाओ, ये कौन सा आम जो इतना महंगा मिल रहा है!

कितने रुपये किलो बिक रहा है ये 'खास' आम?

Advertisement
pic
8 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 8 अप्रैल 2023, 06:45 PM IST)
Pune trader set to sell mangoes on EMIs, set to get costlier this summer
बढ़ने वाला है आम का दाम. (फोटो- ANI)
Quick AI Highlights
Click here to view more

'आप आम खाना कैसे पसंद करते हैं? काटकर या चूसकर?'

ये सवाल आपने शायद किसी इंटरव्यू में सुना होगा. पर हमें क्या, जैसे मर्ज़ी खाइए. पर खाते रहिए. आम है ही इतनी कमाल की चीज़. चूसकर खाते वक्त रस जब कलाई तक आ जाता है, तब आता है असली मज़ा. चचा-ताऊ बता गए हैं, गर्मी की दोपहरी में पांच-छह आम नहीं खाया, तो क्या खाक खाया! ख़ैर, बढ़ती महंगाई के बीच आप ये सपना पूरा कर सकें, इसलिए पुणे के एक व्यापारी ने एक नया तरीका तलाशा है. उन्होंने किश्तों में आम बेचने का फैसला लिया है.

'थ्री ईडियट्स' में राजू यानी शर्मन जोशी की मम्मी बोलती हैं,

पनीर तो बेटा कुछ दिनों में इत्ती-इत्ती थैलियों में सुनार की दुकान पर बिकेगा.

आम का भी अब यही हाल हो चला है. कमसकम पुणे में तो ऐसा ही लग रहा है. आजतक में छपी ख़बर के मुताबिक पुणे के गुरुकृपा ट्रेडर्स एंड फ्रूट प्रोडक्ट्स के गौरव सनस ने आम को समान मासिक किस्त या EMI पर बेचने का फैसला किया है. उनका कहना है कि अगर रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर किश्तों पर खरीदे जा सकते हैं, तो आम क्यों नहीं. देवगढ़ और रत्नागिरी का अल्फांसो (हापुस) आम को सबसे अच्छा माना जाता है. फिलहाल ये आम खुदरा बाज़ार में 800 से 1300 रुपये  प्रति दर्जन के हिसाब से बिकते हैं.

न्यूज़ एजेंसी PTI से बात करते हुए सनस ने दावा किया है कि उनके परिवार का आउटलेट भारत में EMI पर आम बेचने वाला पहला आउटलेट है. उन्होंने कहा,

मौसम की शुरुआत में कीमतें हमेशा बहुत ज्यादा होती हैं. वैसे भी अल्फांसो दूसरे आमों की तुलना में बहुत महंगा होता है. अकसर लोग महंगा होने के कारण इस आम को नहीं खरीद पाते हैं, ऐसे में हमने सोचा कि अगर रेफ्रिजरेटर, एसी और अन्य उपकरण ईएमआई पर खरीदे जा सकते हैं, तो आम क्यों नहीं? तब हर कोई आम खरीद सकता है.

सनस के मुताबिक EMI पर कोई भी आम खरीद सकता है, बस उसके पास क्रेडिट कार्ड होना चाहिए. इसके बाद खरीददार राशि को तीन, छह या 12 महीनों की आसान किश्तों में बदल लिया जा सकता है. हालांकि, इस सुविधा के लिए कम से कम 5000 के आम खरीदने ही पडे़ंगे. सनस ने अपने आउटलेट पर एक फाइनैंशियल टेक्नोलॉजी कंपनी की पीओएस (POS) मशीनें भी लगाई हैं, जो क्रेडिट कार्ड और कुछ डेबिट कार्डों पर बिल अमाउंट को EMI में बदल देती हैं. बताते चलें, ऑनलाइट आउटलेट्स पर पहले से ही आम बेचे जा रहे हैं. कई वेबसाइट्स पुणे के अल्फांसो आम बेचने का दावा भी करती हैं.

#और महंगा होगा अल्फांसो

इंडिया टुडे में छपी एक ख़बर में आम व्यापारी विवेक भिड़े ने कहा -

मैं इस व्यापार में लगभग 42 साल से हूं. पर मैंने अपने इलाके में इतनी कम उपज कभी नहीं देखी. इस साल आम की उपज सिर्फ 25 प्रतिशत है.

विवेट महाराष्ट्र के कोंकण तट से सटे रत्नागिरी जिले के मालगुंड में लगभग 1,600 आम के पेड़ों के मालिक हैं.

बताया जा रहा है कि मौसम की मार से आम की उपज में इस वर्ष 75 प्रतिशत की कटौती हो सकती है. इससे अप्रैल और मई के महीने में आम की कीमतें बढ़नी तय है.

इतना महंगा क्यों है अल्फांसो?

अल्फांसो भारत के सबसे ख़ास और महंगे किस्म के आम में से एक है. महाराष्ट्र और कर्नाटक में इस आम को हापुस के नाम से भी जाना जाता है. अल्फांसो की बागवानी महाराष्ट्र के कोंकण बेल्ट और पश्चिमी घाट में की जाती है. अल्फांसो को रत्नागिरी में लगभग 65,000 हेक्टेयर, सिंधुदुर्ग में 30,000 हेक्टेयर, रायगढ़ में 35,000 हेक्टेयर, ठाणे और पालघर में 5,000 हेक्टेयर, और पुणे जिले के कुछ हिस्सों में उगाया जाता है. रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पालघर, ठाणे और रायगढ़ जिलों के अल्फांसो आमों का भौगोलिक संकेत (GI) टैग भी है. इस आम को इसके ख़ास स्वाद के लिए जाना जाता है. इसका श्रेय इन जगहों की मिट्टी और दूसरी कृषि-जलवायु परिस्थितियों को दिया जाता है. अल्फांसो को एक्सपोर्ट भी किया जाता है. 

वीडियो: प्यार में इंतकाम, प्रेमिका ने दूसरे से शादी की तो गिफ्ट के अंदर बम लगाकर दे दिया, ब्लास्ट हुआ और..

Advertisement

Advertisement

()