16 साल के लड़के ने दी जान, पुलिस को ऑनलाइन गेम एडिक्शन का शक
ये मामला Maharashtra के पुणे ज़िले का है. बताया गया कि लड़के को Online Game की लत थी. बीते 6 महीनों में उसे ज़्यादा ग़ुस्सा आने लगा था.

महाराष्ट्र (Maharashtra) के पुणे ज़िले में एक लड़के ने अपनी जान दे दी (16 year old boy Dies By Suicide in Pune). उसकी उम्र सिर्फ़ 16 साल थी और वो स्थानीय स्कूल में 10वीं की पढ़ाई कर रहा था. पुलिस को उसके घर से कथित सुसाइड नोट भी मिला है, पुलिस को शक है कि लड़का ऑनलाइन गेम का Addict था और इसी कारण उसने ये कदम उठाया है. पुलिस ने बताया कि उसने अपने नोट में 'XD' भी लिखा है. ये संभवतः वही ऑनलाइन गेम है, जिसे लड़का खेलता था.
घटना पिंपरी-चिंचवाड़ इलाक़े की है. पुलिस का कहना है कि इस सुसाइड की असल वजह क्या है, इसका पता लगाया जा रहा है. पुलिस को उसके नोटबुक में कई नक्शों के स्कैच भी मिले हैं. फिलहाल लड़के के लैपटॉप का पासवर्ड नहीं मिला है. PTI की ख़बर के मुताबिक़, लड़का स्थानीय स्कूल में दसवीं की पढ़ाई कर रहा था. उसके पिता नाइजीरिया में एक फर्म में काम करते हैं और उसकी मां इंजीनियर हैं. DCP स्वप्ना गोरे ने बताया कि पुलिस ने लड़के के लैपटॉप को ज़ब्त कर लिया है और पासवर्ड क्रैक करने के लिए उसे साइबर विशेषज्ञों को सौंप दिया है.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट की मुताबिक़, लड़के की मां ने बताया कि बीते 6 महीनों में उनके बेटे के व्यवहार में काफ़ी बदलाव आए थे. उसका व्यवहार पहले से ज़्यादा ग़ुस्से वाला और बेख़ौफ़ हो गया. यहां तक कि वो कभी-कभी चाकू मांगता और आग से खेलता था. उन्होंने इस घटना के लिए ग़लत वेबसाइट्स तक आसान पहुंच को ज़िम्मेदार ठहराया है. साथ ही, सरकार से बच्चों की सुरक्षा के लिए डिजिटल कंटेंट को सुरक्षित करने की मांग की है.
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लड़के के पिता ने बताया कि उनका बेटा पढ़ाई में अच्छा था. लेकिन बीते कुछ दिनों से उसने अपनी ऑनलाइन एक्टिविटिस छिपाना शुरू कर दिया था. वो अपने लैपटॉप की हिस्ट्री मिटाता और कई ईमेल अकाउंट्स का इस्तेमाल करता था. उन्होंने ये भी बताया कि उसकी नोटबुक में कुछ ड्रॉइंग थे, जिनसे उसके किसी गेम खेलने के बारे में पता चलता है. ये ब्लू व्हेल गेम जैसा कुछ लगता है.
ब्लू व्हेल एक ऐसा गेम है, जिसमें पचास स्टेज होते हैं. 50 दिनों में कई काम अलग-अलग काम दिए जाते हैं. हर स्टेज में ख़ुद को कुछ नुकसान पहुंचाना होता है. आख़िरी स्टेप में एक सेल्फी लेकर खुदकुशी कर लेनी होती है. ये साल 2016 के आसपास सामने आई थी.
पुलिस ऑनलाइन गेम और लड़के पर इसके प्रभाव के बारे में ज़्यादा जानकारी हासिल करने में जुटी है. इसके लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद से जांच की जा रही है. DCP स्वप्ना ने पैरेंट्स से अपने बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटिस पर नज़र रखने को कहा है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
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