ट्रेनी IAS पूजा खेडकर ने पुणे जिला कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगा पुलिस में शिकायत कर दी
Trainee IAS Officer Puja Khedkar अपनी विकलांगता के दावों को लेकर जांच के घेरे में हैं. 16 जुलाई को खबर आई कि उनकी IAS ट्रेनिंग रद्द कर दी गई है.

विवादित Trainee IAS Officer Puja Khedkar ने पुणे के जिला कलेक्टर सुहास दिवसे के खिलाफ वाशिम पुलिस में उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई है. पूजा खेडकर अपनी विकलांगता के दावों को लेकर जांच के घेरे में हैं. उन पर पद के दुरुपयोग का भी आरोप है.
हर तरफ से सवालों में घिरीं ट्रेनी IAS अधिकारी ने अब जिला कलेक्टर के खिलाफ ही उत्पीड़न का केस फाइल कर दिया है. इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए पुलिस ने बताया,
"महिला पुलिसकर्मी 15 जुलाई को वाशिम स्थित खेडकर के आवास पर पहुंचीं, जहां उन्होंने पुणे के जिला कलेक्टर सुहास दिवसे के खिलाफ उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी."
इससे पहले दिन में खेडकर ने मीडिया से बात करते हुए पुलिसकर्मियों के घर आने के बारे में बात करते हुए कहा था,
ट्रेनिंग हुई रद्द“मैंने महिला पुलिसकर्मियों को बुलाया था क्योंकि मुझे कुछ काम था.”
हालांकि ट्रेनी IAS अधिकारी पूजा खेडकर की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं. 16 जुलाई को खबर आई कि उनकी IAS ट्रेनिंग रद्द कर दी गई है. मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन यानी LBSNAA ने पूजा का महाराष्ट्र में ट्रेनिंग प्रोग्राम तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. उन्हें एकेडमी में वापस बुलाने के लिए नोटिस सौंपा गया है.
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डिप्रेशन का शिकार थीउधर अहमदनगर ज़िला अस्पताल की रिपोर्ट में बताया गया है कि पूजा खेडकर को मायोपिक डिजनरेशन था. मतलब उनकी आंखें कमज़ोर थीं, साथ ही वो डिप्रेशन से भी पीड़ित थीं.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अहमदनगर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. संजय घोगरे ने बताया है कि 51 प्रतिशत विकलांगता प्रमाणित करने वाली रिपोर्ट की एक कॉपी जिला कलेक्टर एस सलीमथ को 16 जुलाई को सौंप दी गई है.
अहमदनगर जिला अस्पताल के मेडिकल बोर्ड ने ही 2018 में खेडकर को दृष्टि विकलांगता प्रमाणपत्र (visual disability) और 2021 में मानसिक विकलांगता प्रमाणपत्र (mental disability) जारी किया था. तत्कालीन बोर्ड ने 2021 में उन्हें चिकित्सा विकलांगता (medical disabilities) के लिए एक संयुक्त प्रमाणपत्र भी जारी किया था.
रिपोर्ट के मुताबिक अब कहा जा रहा है कि इन सभी प्रमाणपत्रों की जांच की गई है और निष्कर्ष निकला है कि ये सभी प्रमाणपत्र सही थे. 25 अप्रैल, 2018 को ओप्थाल्मिक सर्जन डॉ. एसवी रस्कर ने पूजा खेडकर की आंखों की जांच की थी. उन्होंने प्रमाणित किया था कि पूजा 40 पर्सेंट BE हाई मायोपिया के साथ मायोपिक डिजनरेशन की विकलांगता से पीड़ित थीं.
बाद में, 18 जनवरी, 2021 को मनोचिकित्सक डॉ. योगेश गडेकर और मनोवैज्ञानिक मीनल कटकोल ने खेडकर की मानसिक बीमारी की जांच की. उनकी रिपोर्ट में भी कहा गया कि भारतीय विकलांगता मूल्यांकन पैमाने के तहत उनका टेस्ट किया गया और पाया गया कि पूजा डिप्रेशन से पीड़ित हैं.
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