The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • public lynching: 2 men killed for petty thefts in assam

चप्पल चुराई तो भीड़ ने पीट-पीट कर मारा डाला

एक तरफ कोई करोड़ों चुरा कर विदेश भाग जाता है और कुछ नही होता. दूसरी तरफ चप्पल चुराना भी जानलेवा हो सकता है.

Advertisement
Img The Lallantop
फोटो - thelallantop
pic
प्रतीक्षा पीपी
21 अप्रैल 2016 (अपडेटेड: 21 अप्रैल 2016, 11:48 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share
हमें सिखाया जाता है कि चोरी करना बुरी बात है. लेकिन भारत एक विविधता भरा देश है. जहां एक तरफ कोई करोंड़ों चुरा कर विदेश भाग जाता है और कुछ नही होता. वहीं दूसरी तरफ चप्पल चुराना भी जानलेवा हो सकता है. असम में भीड़ ने मामूली चोरी पर दो लोगों को जान से मार दिया. एक आदमी ने चप्पल चुराई थी और दूसरे ने बकरी. दोनों घटनाएं अलग-अलग जगह पर हुई हैं. पहला वाकया नागांव जिले का है. सोमवार के दिन भीड़ ने तीन लोगों को बहुत मारा. क्योंकि तीनों पर गोश्त के लिए बकरी चुराने का शक था. तीनों जब शाम को गोश्त पकाने की तैयारी कर रहे थे. तब भीड़ ने तीनो को पकड़ लिया, उन्हें मारा और पुलिस स्टेशन ले गई. पुलिस स्टेशन में एक की मौत हो गई. दूसरा वाकया इसके कुछ घंटे बाद लखीमपुर जिले में हुआ. जहां एक आदमी को मंदिर से चप्पल चुराने के शक में कुछ लोगों ने पकड़ लिया. वह लोग उसे मारते हुए पुलिस स्टेशन ले गए. पुलिस की हिरासत में वह आदमी बेहोश हो गया. अगली सुबह जब उसे अस्पताल ले जाया गया, डॉक्टरों ने उसकी मौत की जानकारी दी. असम में भीड़ के इंसाफ करने के मामले पहले भी आते रहे हैं. असम ही क्या, पूरे देश में छोटे चोर-उचक्के या पॉकेटमार पकड़ा जाते हैं तो जनता घर से ले कर ऑफिस तक की सारी फ्रस्ट्रेशन उन्हीं पर निकाल देती है. लेकिन किसी की जान ले लेना क्राइम है. क्या यही भीड़ का इंसाफ है?
स्टोरी द लल्लनटॉप के साथ इंटर्नशिप कर रहे निखिल ने एडिट की है. 

Advertisement

Advertisement

()