पंजाब में प्रदर्शनकारियों ने BJP नेता के घर के गेट पर लगाया गोबर का ढेर
केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की.
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पंजाब में किसान आंदोलनकारियों ने बीजेपी नेता के घर के बाहर गोबर डाल दिया था. इस मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया था.
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कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन का आज 38वां दिन है. किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं. इस बीच खबर पंजाब से है. पंजाब का होशियारपुर. यहां कृषि कानूनों के विरोध में कुछ लोगों ने एक बीजेपी नेता के घर के बाहर कथित तौर पर गोबर का ढेर लगा दिया.
खबर के मुताबिक कुछ अज्ञात लोग बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री तीक्ष्ण सूद के घर पहुंचे और वहां कूड़े और गोबर का ढेर लगा दिया. वे अपने साथ कूड़े और गोबर से भरी ट्रॉली लाए थे जिसको उन्होंने यहां पलट दिया. इसके बाद उन्होंने किसानों की मांगें ना मानने पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की.
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इसके बाद तीक्ष्ण सूद ने बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर राय बहादुर जोधामल रोड पर धरना दिया. उन्होंने अज्ञात लोगों की इस हरकत को गलत बताया और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की. पंजाब बीजेपी के प्रमुख अश्विनी कुमार शर्मा ने भी इस हरकत की निंदा की. उन्होंने इसे एक सुनियोजित हमला करार दिया और कहा कि किसानों की आड़ में कुछ अवांछनीय तत्वों ने सूद के घर पर हमला किया. ऐसा उन लोगों ने राज्य की शांति व्यवस्था और भाईचारे को बिगाड़ने के इरादे से किया.
पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है और इसे गंभीर माना है. उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतों के कारण किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन का नाम खराब होगा, साथ ही इसके उद्देश्य को भी नुकसान पहुंचेगा. उन्होंने कहा कि किसानों के नाम पर कानून को अपने हाथ में नहीं लिया जाना चाहिए.
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा,
"किसान अनुकरणीय संयम दिखा रहे हैं और किसी हिंसा में शामिल नहीं हैं. ना ही पंजाब में और ना ही दिल्ली की सीमाओं पर. लेकिन कुछ प्रदर्शनकारी अपना संयम खो रहे हैं बावजूद इसके कि किसान नेताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की ही अपील की है."उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतों से समाज में भाईचारा खत्म होता है और सौहार्द के माहौल को नुकसान पहुंचता है. इससे पहले पंजाब में मोबाइल टावर्स को नुकसान पहुंचाए जाने की खबरें सामने आई थीं. जियो कंपनी के करीब 1500 टावर्स को प्रदर्शनकारियों ने अपना निशाना बनाया था, जिसके कारण मोबाइल सेवाएं भी प्रभावित हुई थीं. किसान संगठनों ने प्रदर्शनकारियों को ऐसा करने से मना किया है. पंजाब की कांग्रेस सरकार के मुखिया कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों से अपील की है कि आंदोलनकारी ऐसे काम न करें जिससे आम-जन को परेशानी हो. साथ ही उन्होंने दूरसंचार सेवाओं को बाधित करने वालों पर सख़्त से सख़्त कार्रवाई करने का भी पुलिस को आदेश दिया है.

